भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रोत्साहन में मीडिया की भूमिका पर 2 दिवसीय संगोष्ठी का समापन

By  Atul Verma March 20th 2026 02:22 PM

जम्मू, 20 मार्च। केंद्रीय यूनिवर्सिटी के जनसंचार नवीन मीडिया विभाग की ओर से आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रोत्साहन में मीडिया की भूमिका" का समापन हो गया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो.संजीव जैन के निर्देशन और मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद सभागार आर्यभट्ट भवन में इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ और संगोष्ठी में 80 शोध पत्रों का वाचन किया गया।

बहुत ही विस्तृत है भारतीय ज्ञान परंपरा- प्रो.अश्विनी कुमार नंदा

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाज विज्ञान संकाय जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. अश्विनी कुमार नंदा कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा बहुत ही विस्तृत है। यह लाखों सालों का ज्ञान है जिसे आज समाज के हर हिस्से तक पहुंचाने के कार्य मीडिया कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है और उसी का परिणाम है कि आज भारतीय ज्ञान परंपरा की बात सभी तरफ प्रमुखता से की जा रही है। 

संस्कारों के ध्वज वाहक बनाना गर्व की बात है- क्षेत्रीय निदेशक डॉ.दिलीप कुमार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनसंचार संस्थान जम्मू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में जो पहली बिंदु हमें सिखाई जाती है वो ये है कि मीडिया ने दुनिया को एक वैश्विक गांव बना दिया है। जो ज्ञान में लीन रहता है वह भारतीय है। संस्कारों के ध्वज वाहक बनाना गर्व की बात है और यही कारण है कि हम विश्व गुरु थे, हैं और रहेंगे। 

देश के हर हिस्से तक ज्ञान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है रेडियो- संजीव शर्मा

समापन सत्र के मुख्य वक्ता आकाशवाणी केंद्र जम्मू के  कार्यक्रम निष्पादक संजीव शर्मा ने कहा कि ज्ञान परंपरा को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक मीडिया के द्वारा पहुंचाया जा सकता है। आज अगर मीडिया नहीं होती तो शायद हमारे पर वो जानकारी नहीं होती, जो हमारे विकास के लिए जरूरी है। श्री शर्मा ने कहा है रेडियो देश के हर हिस्से तक ज्ञान को पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। 

देश  के अलग-अलग हिस्सों से 80 शोध पत्रों का किया गया चयन 

2 दिवसीय संगोष्ठी की आख्या प्रस्तुत करते हुए सह-संयोजक डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि इस संगोष्ठी के लिए 108 शोध सारांश देश के अलग-अलग हिस्सों से प्राप्त हुए थे, जिसमें से 80 शोध पत्रों का चयन वाचन के लिए किया गया। संगोष्ठी को 9 सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें 2 सत्र भौतिक रूप से और 7 सत्र ऑनलाइन आयोजित किया गया। 

संगोष्ठी के समापन पत्र में कई अतिथियों ने खास तौर पर की शिरकत

समापन सत्र का संचालन परास्नातक की छात्रा माही चरक और स्वाति सुमन ने आभार संगोष्ठी के संयोजक प्रो. परमवीर सिंह ने व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत विभाग की शिक्षक पुष्पलता ने किया। इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभय एस. डी. राजपूत, डॉ. रशीद अली हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. भरत भूषण, डॉ. शशिकांत मिश्र, डॉ. रत्नेश कुमार यादव, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. अनीता, कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी,  जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं जनसंचार विभाग के शोधार्थी और स्टूडेंट्स मौजूद रहे।

प्रो. परमवीर सिंह की किताब "वृत्ति चित्र निर्माण" का हुआ विमोचन

जनसंचार नवीन मीडिया विभाग द्वारा आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र में विभाग के प्रो. परमवीर सिंह द्वारा रचित पुस्तक "वृत्ति चित्र निर्माण" का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। ये किताब वृत्ति चित्र का परिचय, निर्माण प्रक्रिया एवं संपादन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करती है। प्रो. सिंह ने बताया कि यs किताब मीडिया के स्टूडेंट्स और फिल्म निर्माण के काम में लगे हुए लोगों के लिए मददगार साबित होगी।

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