पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिगों से यौन शोषण और चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में दंपति को मृत्युदंड

By  Atul Verma February 20th 2026 08:22 PM -- Updated: February 20th 2026 08:23 PM

बांदा, यूपी, 20 फरवरी। नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और चाइल्ड पोर्नोग्राफी के एक जघन्य मामले में बांदा की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चित्रकूट के सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम भी अदालत में मौजूद रही।

चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा था पूरा मामला- शासकीय अधिवक्ता

शासकीय अधिवक्ता सौरभ कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ये मामला चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा था, जिसमें आरोपी दंपती ने करीब 33–34 नाबालिग बच्चों (उम्र 3 से 18 वर्ष) का यौन शोषण कर उसके वीडियो और फोटो बनाए। इन अश्लील वीडियो को डार्क वेब के जरिए 47 देशों की वेबसाइटों पर अपलोड किया गया।

सीबीआई की जांच में सामने आई ये बात

उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर 2020 को CBI दिल्ली द्वारा इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान CBI को करीब 2 लाख से अधिक वीडियो और फोटो मिले, जिन्हें कोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही 34 नाबालिग पीड़ित बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए। CBI की जांच में सामने आया कि मूल रूप से बांदा के नरैनी क्षेत्र के रहने वाले आरोपी पति-पत्नी चित्रकूट में किराए के मकान में रहते थे और यह घिनौना कृत्य करीब 10 वर्षों से लगातार किया जा रहा था।

कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोनों आरोपियों को सुनाई सजा

कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोनों आरोपियों को फांसी की सजा के साथ-साथ पीड़ित 34 बच्चों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। इसके अलावा आरोपी रामभवन के घर से बरामद करीब 8 लाख रुपये से अधिक की रकम भी पीड़ित बच्चों को दिए जाने का निर्देश दिया गया है इस मामले में CBI की ओर से विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह ने प्रभावी ढंग से अभियोजन किया, जिसके बाद कोर्ट ने यह कठोर फैसला सुनाया।

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