उत्तर प्रदेश में क्लीनिकल ट्रायल्स विस्तार के लिए हाई-लेवल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
ब्यूरो: UP News: उत्तर प्रदेश में फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर इनोवेशन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रमोट फार्मा लिमिटेड ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में क्लीनिकल ट्रायल्स पर एक उच्च स्तरीय टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। यह सम्मेलन राज्य सरकार की "वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी" पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसमें डेलॉइट इंडिया ने भी सहयोग प्रदान किया। सम्मेलन में देश भर के नीति-निर्माताओं, फार्मा उद्योग के अग्रणी प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और क्लीनिकल रिसर्च विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें CDSCO, ICMR, Hetero Drugs, Fresenius Kabi Oncology, AiMed, APAR Health और इंडियन सोसाइटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद थे।
उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी
कार्यक्रम का उद्घाटन केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की मेडिकल रिसर्च और शिक्षा में अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मुख्य भाषण उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, पार्थ सारथी सेन शर्मा, IAS ने दिया। उन्होंने कहा, “सभी नवाचारों का केंद्र मरीज का कल्याण होना चाहिए। इसके लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है।”
क्लीनिकल ट्रायल्स के माध्यम से हेल्थकेयर सिस्टम को सशक्त करने पर फोकस
डॉ. जी.एन. सिंह (पूर्व DCGI एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार), प्रो. वाई.के. गुप्ता, ए.के. प्रधान (CDSCO) और डॉ. नीलिमा क्षीरसागर (ICMR) जैसे विशेषज्ञों ने क्लीनिकल ट्रायल्स के माध्यम से हेल्थकेयर सिस्टम को सशक्त करने पर अपने विचार साझा किए। राज्य के 20 प्रमुख मेडिकल संस्थानों के प्राचार्य, डीन और नोडल अधिकारी इस चर्चा का हिस्सा बने, जिससे क्लीनिकल ट्रायल इकोसिस्टम को जमीनी मजबूती मिले। प्रमोट फार्मा के सीईओ डॉ. मन्नान अख्तर, IAS ने समापन भाषण में बताया कि कंपनी BIRAC मॉडल से प्रेरित होकर कार्य कर रही है और जल्द ही THSTI, BIRAC और AKTU जैसे संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी करेगी। साथ ही, 20 मेडिकल संस्थानों को क्लीनिकल ट्रायल साइट्स के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।