गर्मियों में आग लगने की ना हों घटनाएं, सीएम योगी के निर्देश पर अफसरों ने संभाली कमान
लखनऊ, 14 मार्चः मौसम में परिवर्तन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन विभाग ने आग से बचाव की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के आला अधिकारियों से कहा है कि गर्मी में जंगलों में आग की घटनाएं ना हों, इसके लिए अभी से तैयार रहें। वन विभाग ने ऐसी घटनाओं पर निगरानी और रोकथाम के लिए मुख्यालय से लेकर प्रभागीय स्तर, जोनल-मंडलीय मुख्य वन संरक्षक स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाया है। प्रदेश मुख्यालय पर बनाए गए अग्नि नियंत्रण सेल कार्य कर रहे हैं।
मुख्यालय और विभागीय स्तर पर बनाए गए अग्नि नियंत्रण सेल
जानकारी के मुताबिक, हर जोन और मुख्यालय स्तर पर प्रदेश में कुल 116 अग्नि नियंत्रण सेल स्थापित किए जा चुके हैं। ये सेल 24 घंटे काम करेंगे। सेल में 3 शिफ्ट (सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक) में कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। इसके अलावा कई रेंजों में समस्त सूचनाएं रजिस्टर में पंजीकृत कर तत्काल उसके निदान पर काम भी किया जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर पर दी जा सकेगी जानकारी
आग से जुड़ी घटनाओं के संबंध में आम नागरिक भी सूचना दे सकेंगे। जनपद से मिली इन सूचनाओं को जनपदीय अधिकारी तत्काल मुख्यालय के नियंत्रण सेल को सूचित करेंगे। लोगों की सुविधा के लिए लखनऊ में भी हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। 0522-2977310, 0522-2204676, 9651368060, 7017112077 पर इससे जुड़ी सूचनाएं दी जा सकती हैं। अन्य सभी जनपदों और अन्य विभागों के अधिकारियों को स्थानीय हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की वेबसाइट-fsi.nic.in पर वन अग्नि अलर्ट सूचना के लिए प्रदेश के 3792 अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन ने पंजीकरण भी करवाया है।
अति संवेदनशील व मध्य संवेदनशील प्रभागों में भी की गई तैयारी
प्रदेश में वन अग्निकाल 15 जून तक माना गया है। बीते कुछ साल में हुई अग्नि घटनाओं के आधार पर अति संवेदनशील व मध्य संवेदनशील (चित्रकूट, सोनभद्र, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, बहराइच, महराजगंज, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, उत्तर खीरी-दक्षिण खीरी, बलरामपुर, सहारनपुर, बिजनौर, गोंडा, गोरखपुर, मीरजापुर, चंदौली, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, वाराणसी व कैमूर वन्य जीव प्रभाग घोषित किए गए हैं। इनमें फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है। संवेदनशील जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है।
मुख्य वन संरक्षक प्रचार प्रसार अदिति शर्मा ने दी जानकारी
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के क्रम में वन अग्नि नियंत्रण के लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। आग लगने की किसी भी सूचना से मुख्यालय स्तर को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। लोगों की सुविधा के लिए मुख्यालय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। वन्य जीवों को वन क्षेत्र के अंदर पीने के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए पक्का होल निर्माण व पुराने वाटर होल की मरम्मत कर उसमें नियमित पानी भी भरा जा रहा है। वन क्षेत्र के अंदर वॉच टावर का निर्माण व पुराने वाच टावर का रख-रखाव भी किया जा रहा है।