86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के दूसरे दिन लोकसभा अध्यक्ष ने की किसकी सराहना?

By  Atul Verma January 20th 2026 08:53 PM

लखनऊ, 20 जनवरी। 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC)के दूसरा दिन 3 प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ है। कार्यक्रम में लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला मौजूद रहे, वहीं, राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश ने चर्चा का संचालन किया।सभा को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देशभर की विधायिकाओं में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली में समाहित करने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के प्रयासों की प्रशंसा की। 

कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की सराहना 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायकों की शैक्षणिक योग्यताओं और पेशेवर अनुभवों को पहचान कर उनका रचनात्मक उपयोग करने की महाना की पहल की भी सराहना की। पूर्ववर्ती AIPOC सम्मेलनों के प्रमुख विमर्शों को स्मरण करते हुए बिरला ने उत्कृष्टता, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे मानकों पर राज्य विधायिकाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता पर बल दिया।

इस संदर्भ में देहरादून में 2019 में आयोजित AIPOC में हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने राज्य विधायिकाओं की कार्यकुशलता और कार्यप्रणाली में सुधार पर अपने दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने बताया कि इस दिशा में एक समिति का गठन किया गया है, जो भारत में विधायी निकायों की प्रक्रियाओं एवं प्रथाओं के मानकीकरण से संबंधित मुद्दों पर विचार कर रही है।

राज्यसभा के उप-सभापति ने कई बिंदुओं पर दिया जोर

राज्यसभा के उप-सभापति, हरिवंश ने विधान मंडलों की कार्यकुशलता में इजाफा करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर बल दिया, साथ ही इस तकनीक को उपयुक्त एवं विश्वसनीय बनाने के लिए अपेक्षित विभिन्न कदमों का भी उल्लेख किया। संसद में एआई के व्यावहारिक उपयोग एवं इसके क्रियान्वयन के विभिन्न तरीकों को रेखांकित करते हुए, उन्होंने संसद और राज्य विधान मंडलों के बीच अधिक समन्वय किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे विधान मंडलों के संस्थागत ज्ञान का उपयोग संसद तथा राज्य विधान सभाओं, दोनों के द्वारा प्रभावी रूप से किया जा सके।

बता दें कि कल 21 जनवरी, 2026 को सम्मेलन का तीसरा और अंतिम दिन होगा। इस मौके पर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला सम्मेलन में समापन संबोधन देंगे। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे तथा सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

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