<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>PTC NEWS Maha-kumbh-2025</title><link>https://up.ptcnews.tv</link><lastBuildDate><![CDATA[Sun, 12 Apr 2026 00:40:01 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>PTC NEWS Maha-kumbh-2025</title><url>https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2022/07/ptcnews-logo.jpg</url><link>https://up.ptcnews.tv</link></image><description>PTC News provide the latest Punjab news and top stories from across Punjab Find Punjab news headlines, photos, videos, photo gallery and political issues.</description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-concludes-with-spectacular-air-force-air-show-enthralling-devotees-4388483 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुम्भ के समापन पर वायुसेना की 'महासलामी', संगम के ऊपर गरजे सुखोई ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-concludes-with-spectacular-air-force-air-show-enthralling-devotees-4388483 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 26 Feb 2025 19:54:36 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भ नगर, 26 फरवरी: महाकुम्भ पर महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पूरे आयोजन को महासलामी दी है। बुधवार दोपहर वायुसेना के विमानों की तेज गर्जना सुन श्रद ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाकुम्भ नगर, 26 फरवरी:</b> महाकुम्भ पर महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पूरे आयोजन को महासलामी दी है। बुधवार दोपहर वायुसेना के विमानों की तेज गर्जना सुन श्रद्धालुओं ने आसमान की ओर देख गर्व और उत्साह से तालियां बजानी शुरु कर दी। इस दौरान लोग जय श्री राम, हर हर गंगे, हर हर महादेव के साथ मोदी-योगी के भी जयकारे लगाने लगे। इसी के साथ वायुसेना के एयर शो के फोटो और वीडियो बनाकर श्रद्धालु सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे। वायुसेना के एक अधिकारी के अनुसार महाकुम्भ में आए श्रद्धालुओं का अंतिम स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र के ऊपर भव्य एयर शो से अभिवादन किया गया। इस पावन अवसर पर जहां गंगा तट पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा रहे थे, वहीं आकाश में सुखोई, एएन 32 और चेतक हेलीकॉप्टर आसमान से श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा रहे थे। इस ऐतिहासिक पल ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>वायुसेना का रोमांचकारी प्रदर्शन</b></span></p><p>महाकुम्भ के समापन अवसर पर भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों ने हवा में अद्भुत कलाबाजियां दिखाईं। विमानों की तेज गर्जना सुन श्रद्धालुओं ने आसमान की ओर देखा, जहां सुखोई और एएन 32 और चेतक का शानदार प्रदर्शन चल रहा था। इस रोमांचक नजारे को श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। लोगों ने इसे महाकुम्भ का यादगार पल बताया। जिस वक्त महाकुम्भ में संगम के ऊपर एयर शो चल रहा था, उसे देख श्रद्धालु गर्व और उत्साह से तालियां बजाने लगे।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>संगम तट पर साधु-संत-श्रद्धालु, आकाश में जंगी जहाजों का अद्भुत संगम</b></span></p><p>महाकुम्भ के अंतिम दिन गंगा के तट पर जहां साधु-संतों और श्रद्धालुओं की आस्था की दिव्यता नजर आई, वहीं आकाश में वायुसेना की शौर्य और पराक्रम भी देखने को मिला। दोनों ने मिलकर इस महापर्व के समापन को ऐतिहासिक बना दिया। भारतीय वायुसेना के इस रोमांचकारी एयर शो के साथ ही महाकुम्भ का समापन हुआ। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय और गौरवशाली अनुभव बन गया।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुम्भ के समापन पर वायुसेना की 'महासलामी', संगम के ऊपर गरजे सुखोई ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/cm-yogi-spoke-in-details-in-up-budget-session-4388461 ]]></guid><title><![CDATA[ यूपी विधानमंडल बजट सत्र: 5वें दिन सीएम योगी ने कर दिए तमाम खुलासे ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/cm-yogi-spoke-in-details-in-up-budget-session-4388461 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Feb 2025 18:32:53 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ: यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को दोनों सदनों में बिजली, सुरक्षा, कुंभ से जुड़े मुद्दों का जिक्र हुआ। विधानसभा में डिप्टी सीएम के बयान को लेकर सपा सदस्यों ने जमकर हंगामा किया।  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ:</b> यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को दोनों सदनों में बिजली, सुरक्षा, कुंभ से जुड़े मुद्दों का जिक्र हुआ। विधानसभा में डिप्टी सीएम के बयान को लेकर सपा सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने जहां जनता से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा तो वहीं, नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी तीखी शैली में जवाब दिया।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के जिक्र पर स्वास्थ्य मंत्री ने पलटवार किया</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक आर के वर्मा ने सरकारी अस्पताल मे निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवा और सर्जिकल उपकरण खरीदने को मजबूर करने का प्रश्न उठाया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आयुष्मान योजना मे 5 करोड़ लोगों को यूपी मे मुफ्त इलाज मिल रहा है। 5.21 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड मिल गया है। सभी अस्पताल मे दवा और सर्जिकल उपकरण मिल रहे हैं। कोई भी दवा कम्पनी का एमआर सरकारी अस्पताल मे घुस नहीं सकता है। पाठक ने कहा कि सपा विधायक पहले अपने अस्पतालों में मुफ्त इलाज शुरू करें, फिर हम अन्य जगह कराएंगे।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>डिप्टी सीएम द्वारा परोक्ष तौर से मुलायम सिंह यादव पर की गई टिप्पणी पर हुआ हंगामा</b></span></p><p>सपा विधायक समरपाल सिंह के एक सवाल पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मुलायम सिंह यादव का नाम लिए बिना उनके लड़कों से गलती हो जाती है वाले बयान का जिक्र किया। हालांकि इसे लेकर सपा के सदस्य भड़क गए। जोरदार&nbsp; हंगामा शुरू हो गया, सपा सदस्य सदन के वेल में आ गए। इन्हें शांत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा- हर बात को निगेटिव मत लीजिए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने एतराज जताया तो संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मोर्चा संभाला।&nbsp; हालांकि हंगामा जारी रहा तो प्रश्नकाल के बाद सदन की बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>नेता प्रतिपक्ष ने कुंभ हादसे का जिक्र किया, कैग की रिपोर्ट को लेकर तल्खी जताई</b></span></p><p>विधानसभा नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई घटना पर दुख प्रकट करते हुए पूछा- ये घटना क्यों हुई? पिछली बार के बजट में राज्यपाल ने कहा था कि। 2022 का संकल्प पत्र है। उसमें कहा गया था कि महाकुंभ का आयोजन विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ करेंगे। रास्ते में एक्सीडेंट हुए-रास्ते में जाम लगे, अधिकारियों से चर्चा कर प्लान बनाया होता तो इससे बचा जा सकता था। पहले भी लोग बैलगाड़ियों से महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। इसे इवेंट बनाया गया। ये ठीक नहीं था। ये कुंभ सबके लिए था। पर एक जाति विशेष के लिए सीएम ने मना कर दिया। कुंभ के गौरव को इस प्रकार की बात बढ़ाती नहीं है। हमारी सरकार में हुए कुंभ पर कैग पर बहुत कुछ हुआ था। आपकी सरकार पर भी कैग की रिपोर्ट आई है। मेला में कहां खर्च किया गया, इसे ऑडिट जनरल को रिपोर्ट नहीं भेजी गई। इसमें भरा पड़ा है। 2019 के कुंभ में बहुत गड़बड़ी हुई है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>कानून व्यवस्था को लेकर सपा ने सरकार पर तीखे हमले किए</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सच्चाई ये है कि घटना के बाद थानों में एफआईआर नहीं लिखा जाता है। सिर्फ लखनऊ में 3 अगस्त से 2024 तक 19 फरवरी 2025 के बीच लखनऊ में 916 घटनाएं हुई है। थानों में बल बढ़ गया, विवेचना लंबित है। इसमें सुधार करना चाहिए। ये मेरा सुझाव है। पुलिस व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। लचर पुलिस व्यवस्था होगी तो कानून व्यवस्था ठीक नहीं होगी।सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का जिक्र करते हुए कहा कि आपने अपने स्तर पर अलग ही कमेटी बना दी। नियुक्ति आज तक नहीं की। नियुक्ति के बाद आप डीजीपी को 2 साल के पहले हटा नहीं सकते हैं। आपका अधिनायकवाद नहीं चल पाएगा। मुझे डर है कि इसको भी कहीं संविदा पर न कर लें।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पेपर लीक, बिजली समस्या और अयोध्या में जमीन कब्जे का जिक्र हुआ</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली की हालत खराब है। ग्रामीण में 22 घंटे बिजली दी जा रही है। बिजली विभाग में उपकरण नहीं है। 81.42 प्रतिशत उपभोक्ता बढ़े। जबकि बिजली 5 प्रतिशत ही बढ़ी। इसी कारण सभी को बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा लीक हो जाते हैं। बच्चे सालों मेहनत करते हैं, परीक्षा देते हैं। घर पहुंचते हैं तो पेपर लीक हो जाता है। अयोध्या के बारे में कहा कि आप की तरह हमें भी प्रिय है, हम पूर्ण सनातनी हैं। पीछे से शिवपाल यादव की आवाज आई कि अधूरे सनातनी कौन हैं? नेता प्रतिपक्ष ने अयोध्या में जमीनों की अवैध खरीद–फरोख्त व सेना की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>नेता सदन ने विपक्ष के जवाब का तीखे अंदाज में जवाब दिया</b></span></p><p>विधानसभा के नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने सत्ता और विपक्ष से जुड़े हुए सभी सदस्यों का धन्यवाद देते हुए कहा कि 146 लोग चर्चा में शामिल हुए।मुद्दे अपने-अपने हो सकते हैं, अपनी विचारधारा हो सकती है, अपनी सोच हो&nbsp; सकती है। सत्ता पक्ष से 98 और प्रतिपक्ष से जुड़े 48 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। नेता प्रतिपक्ष के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छा लगा कि वे समाजवादी से सनातनी हो गए हैं। हालांकि राज्यपाल के अभिभाषण के समय विपक्ष के व्यवहार को लेकर तल्खी जताई। सपा के सोशल मीडिया हैंडलर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसे पढ़कर लज्जा महसूस करेंगे। लेकिन, दूसरे को उपदेश देते हैं।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सीएम योगी ने कुंभ के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार किया</b></span></p><p>नेता सदन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए थे, उसका स्वागत करता हूं। डॉ राधाकृष्णन की टिप्पणी कि ‘मानव का मानव होना एक उपलब्धि है। मानव का दानव होना उसकी पराजय है’ का जिक्र करते हुए कहा कि कर्म, आचरण और व्यवहार ही मनुष्य को मानव व दानव की श्रेणी में पहुंचाता है। कहा कि मान्यता है कि सोशलिस्ट जब आखिरी पायदान पर होता है, तो वो धार्मिक हो जाता है। कहा कि महाकुंभ में यदि विश्व स्तरीय सुविधा नहीं होती, तो अब तक 63 करोड़ श्रद्धालु इस महास्नान का हिस्सा नहीं बन पाते। 144 करोड़ के देश में सनातनियों की संख्या 110 करोड़ है। महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, वो उसे मिला। सज्जनों को सज्जनता मिली। गरीबों को रोजगार मिला। श्रद्धालुओं को साफ सुथरी व्यवस्था मिली। भक्तों को भगवान मिला। कहा कि&nbsp; भारत के प्रति सम्मान का भाव रखने वाले सभी धर्म व परंपरा का सम्मान करता हूं।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>कुंभ में जाति विशेष को रोके जाने के आरोप का सीएम ने&nbsp; पुरजोर खंडन किया</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा- महाकुंभ के बारे में आपने जो बातें कहीं कि एक जाति विशेष को वहां जाने स रोका गया। लेकिन, मैं कहना चाहता हूं कि किसी को रोका नहीं गया था। आरोप लगाया कि आपके समय सीएम को फुरसत नहीं थी कि वे उसकी व्यवस्था देख सकें। उन्होंने एक असनातनी को उसकी व्यवस्था का जिम्मा दिया था। यही कारण है कि उस कुंभ में अव्यवस्था मिली। प्रदूषण देखने को मिला। तब मॉरीशस के पीएम ने नहाने से मना कर दिया था। इस बार देश और दुनिया का कोई व्यक्ति ऐसा नहीं, जो वहां आया हो और स्नान न किया हो। 74 देशों के लोग अमृत स्नान के दिन विदेशी पर्यटक आए थे। पिछले साल अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा में पूरी दुनिया लालायित थी। इस बार महाकुंभ के दौरान लोगों को अयोध्या-काशी को नजदीक से देखने का मौका मिला। मेरा मानना है कि ये दो आयोजन यूपी और देश की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होने वाले हैं।भारत की आर्थिकी और आध्यात्मिक के तौर पर मील का पत्थर साबित होने वाला है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>आंकड़ों के जरिए सीएम ने कानून व्यवस्था की बेहतरी दशा के दावे किए</b></span></p><p>सीएम योगी ने कहा कि&nbsp; सुशासन की पहली शर्त कानून का राज है। इससे किसको चिढ़ है, ये सब जानते हैं। यूपी की कानून व्यवस्था देश के सामने नजीर बनी है। नेता प्रतिपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि आप देश के अंदर तीर्थयात्री बनकर घूमकर आइए। पीएम ने महाकुंभ की स्वच्छता की चर्चा की। पुलिसकर्मियों के व्यवहार और उनके मेहनत की सराहना की है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2016 की तुलना में डकैती में 84, लूट में 77, हत्या में 41, बलवा में 66, फिरौती में 54 फीसदी, दहेज हत्या में 17, रेप में 26 फीसदी से अधिक की कमी आई है। 7 जनपदों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई, एटीएस की नई यूनिट, 3 महिला पीएसी बनाई। 5 अन्य पीएसी बटालियन बनाई। एक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स बना रहे हैं। इसकी 6 वाहिनी का गठन किया है। हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क का गठन किया है। प्रदेश में स्टेट फारेंसिक का गठन किया है। पुलिस में 1.56 लाख पदों पर भर्ती की गई है। 60 हजार 200 पुलिसकर्मियों की भर्ती हो रही है। अगले महीने से ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। 30 हजार अन्य भर्तियां भी आ रही हैं। एटीएस को अत्याधुनिक हथियार दिए गए हैं। 30 आतंकवादियों और 171 रोहिग्याओं को गिरफ्तार किया गया है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत 11 लाख से अधिक सीसीटीवी जनता और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए गए हैं। 51 आरोपियों को मृत्युदंड दिलाने का काम इस सरकार में हुआ है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>पहली बार सीएम आवास पर बाल दिवस पर गुरुवाणी का पाठ हुआ जो निरंतर जारी है</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी ने कहा कि जिन महापुरुषों ने भी भारत में जन्म लिया, मैं उन सभी को मानता हूं। मैं बुद्ध, जैन परंपरा (सभी तीर्थंकरों) को मानता हूं। हम लोग सनातन धर्म के साथ-साथ बौद्ध तीर्थस्थलों के पुनरुद्धार व सुंदरीकरण का कार्य कर रहे हैं। सनातन परंपरा में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष भूमिका रखने वाले सभी पंथ-संप्रदाय (बौद्ध, जैन, सिख) का हम सम्मान करते हैं। गुरु गोविंद सिंह के चार-चार पुत्रों की शहादत के प्रति सम्मान का भाव ही है कि पीएम मोदी ने 26 दिसंबर की तिथि को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया है। पहली बार गुरुवाणी का पाठ निरंतर मुख्यमंत्री आवास पर हो रहा है। भगवान बुद्ध, जैन तीर्थंकरों, सिख परंपरा, कबीरपंथी, रविदासी, महर्षि वाल्मीकि की परंपरा या भारत के अंदर जन्मी हर उस उपासना विधि का, जिससे सनातन धर्म को मजबूती प्रदान होती हो और देश एक भारत, श्रेष्ठ भारत के रूप में आगे बढ़ता है, उन सबके प्रति हमारे मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>विधानमंडल के उच्च सदन में बिजली, कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर चर्चा हुई</b></span></p><p>विधानपरिषद में एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने बिजली की समस्याओं का मुद्दा उठाया। इस पर ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा- इस पर अलग से बात होगी। परिषद नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने नौकरशाही के मनमानी का मुद्दा उठाया। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी सरकार में मजबूत कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त थी। कुशासन का मतलब सपा और सुशासन का मतलब भाजपा। कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई पहले भी जारी थी, आगे भी जारी रहेगी। पॉस्को के अपराध में 2 महीने में विवेचना पूरी करके सजा दिलाने का काम किया है।</p><p>बहरहाल, यूपी विधानमंडल के बजट सत्र में बीती 20 फरवरी को सदन में बजट पेश किया गया था। सदन की कार्ययोजना के मुताबिक 11 दिन का सत्र रहेगा। सदन की बैठकें 5 मार्च तक होंगी। इस दौरान सरकारी पक्ष विधायी कार्य संपादित करेगा तो वहीं, विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार की घेराबंदी करने की हर मुमकिन कोशिश करेगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ यूपी विधानमंडल बजट सत्र: 5वें दिन सीएम योगी ने कर दिए तमाम खुलासे ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/former-minister-of-norway-erik-solheim-shares-his-experience-of-mahakumbh-4388459 ]]></guid><title><![CDATA[ नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोलहैम ने साझा किए महाकुम्भ के अपने अनुभव ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/former-minister-of-norway-erik-solheim-shares-his-experience-of-mahakumbh-4388459 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Feb 2025 15:23:56 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भ नगर, 24 फरवरी: नॉर्वे के पूर्व मंत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहैम ने महाकुम्भ 2025 में शामिल होकर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का गहर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाकुम्भ नगर, 24 फरवरी: </b>नॉर्वे के पूर्व मंत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के पूर्व कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहैम ने महाकुम्भ 2025 में शामिल होकर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का गहरा अनुभव किया। उन्होंने इस महापर्व में अपने अनुभव साझा करते हुए प्राचीन भारतीय विचारधारा और प्रकृति के प्रति सम्मान की सराहना की।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुम्भ में मिली आध्यात्मिक अनुभूति</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">एरिक सोलहैम ने कहा,&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">"महाकुम्भ में आना एक अद्भुत अनुभव रहा। भारतीय दर्शन हमें सिखाता है कि मानव प्रकृति से अलग नहीं, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। पश्चिमी सोच में इंसान को प्रकृति से ऊपर माना जाता है, लेकिन भारतीय संस्कृति में नदियों, जंगलों, पशु-पक्षियों और धरती माता की पूजा की जाती है।" उन्होंने गंगा स्नान के अनुभव को अद्भुत बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका भी है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>भारतीय विचारधारा से प्रभावित</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सोलहैम ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गणेश और हनुमान जैसे देवता इस बात के प्रतीक हैं कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस सोच को आधुनिक दुनिया के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि अब समय आ गया है कि पूरी दुनिया भारतीय ज्ञान से सीखे और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे।</span></p><p><b style="font-size: 1rem;">पर्यावरण संरक्षण के लिए भारतीय संस्कृति से सीखने की जरूरत</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति का सम्मान और उसकी रक्षा करना सदियों पुरानी परंपरा रही है। महाकुम्भ में आकर उन्हें इस विचारधारा को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, "धरती माता इंसानों पर निर्भर नहीं है, बल्कि हम धरती माता पर निर्भर हैं। हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाना सीखना होगा, और इसमें भारतीय संस्कृति हमें मार्गदर्शन दे सकती है।"</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोलहैम ने साझा किए महाकुम्भ के अपने अनुभव ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/pm-modi-praises-police-personnel-and-health-workers-in-mahakumbh-4388455 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ: पीएम मोदी ने की स्वच्छता कर्मियों व पुलिस की तारीफ़ ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/pm-modi-praises-police-personnel-and-health-workers-in-mahakumbh-4388455 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Feb 2025 13:34:14 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भनगर, 23 फरवरी:&nbsp;महाकुम्भ-2025 एक ओर भव्यता, दिव्यता और सनातन के पुरातन वैभव के साथ आधुनिकता के समावेश के लिए चर्चाओं में है, वहीं स्वच्छता और सुव्यवस्थित जन प्रबंधन के लिहाज से भी महाकुम्भ ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाकुम्भनगर, 23 फरवरी:</b>&nbsp;महाकुम्भ-2025 एक ओर भव्यता, दिव्यता और सनातन के पुरातन वैभव के साथ आधुनिकता के समावेश के लिए चर्चाओं में है, वहीं स्वच्छता और सुव्यवस्थित जन प्रबंधन के लिहाज से भी महाकुम्भ की देश-दुनिया में तारीफ हो रही है। खुद पीएम मोदी ने भी रविवार को स्वच्छता कर्मियों व पुलिसकर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाकुम्भ में आने वाला हर एक शख्स गुणगान कर रहा है। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में कैंसर अस्पताल के शिलान्यास समारोह के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि महाकुम्भ में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के मुंह से हिंदुस्तान के कोने-कोने में स्वच्छता कर्मियों के अथक प्रयासों का गुणगान सुनाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि चौबीसों घंटे जिस सेवा भाव से एकता के महाकुम्भ में स्वच्छता के कार्य को संभाल रहे हैं वह सभी स्वच्छता के साथियों को मेरा नमन है। आगे उन्होंने पुलिस प्रशासन के कुशल प्रबंधन और पुलिसकर्मियों की मेहनत, धैर्य व विनम्र स्वभाव की तारीफ करते हुए कहा कि इन्होंने अपने स्वभाव से देशवासियों का दिल जीत लिया है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>बागेश्वर धाम के मंच से स्वच्छता कर्मियों व पुलिस के प्रयासों को सराहा</b></span></p><p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रयागराज महाकुम्भ में की गयी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो भी महाकुम्भ में गया है उसने वहां एकता के दर्शन तो किए ही हैं लेकिन जिन-जिन से मेरा मिलना हुआ है उनके मुंह से दो बातें मुख्य तौर पर सुनने को मिली है। हिंदुस्तान के कोने-कोने में इनकी तारीफ सुनाई देती है। इनमें स्वच्छता कर्मी और पुलिस कर्मी प्रमुख हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, धैर्य और विनम्र स्वभाव से सभी का दिल जीत लिया।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुम्भ में दिखी सीएम योगी के विजन की ताकत</b></span></p><p>उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी की प्रेरणा से ही सीएम योगी के विजन को मिशन मानकर महाकुम्भ में स्वच्छता कर्मियों द्वारा चौबीसों घंटे महाकुम्भ मेला क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अथक प्रयास निरंतर जारी हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन से कुशल जनप्रबंधन की भी देश-दुनिया में तारीफ हो रही है। सीएम योगी का विजन था कि प्रदेश की पुलिस मित्र पुलिस के तौर पर कार्य करे और उनके इस विजन को धरातल पर उतारते हुए महाकुम्भ में तैनात पुलिसकर्मी स्नानार्थियों और श्रद्धालुओं की शंकाओं व समस्याओं का निराकरण करते हुए विनम्र तरीके से जन प्रबंधन की प्रकिया को पूर्ण कर रहे हैँ।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ: पीएम मोदी ने की स्वच्छता कर्मियों व पुलिस की तारीफ़ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-ganga-water-is-pure-ampamp-best-4388454 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ: लाखों लोगों के बीच पद्मश्री डॉक्टर अजय सोनकर ने गंगा जल पीकर दिखाया ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-ganga-water-is-pure-ampamp-best-4388454 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Feb 2025 13:10:52 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भनगर, 23 फरवरी : गंगा के पवित्र जल को लेकर फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की उपस्थिति के दावों पर आज बड़ा खुलासा हुआ है। पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. अजय सोनकर ने अपनी प्रयोगशाला में गंगा जल को लेकर कई मह ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाकुम्भनगर, 23 फरवरी : </b>गंगा के पवित्र जल को लेकर फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की उपस्थिति के दावों पर आज बड़ा खुलासा हुआ है। पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. अजय सोनकर ने अपनी प्रयोगशाला में गंगा जल को लेकर कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाले हैं। इसके अलावा लाखों श्रद्धालुओं के सामने वैज्ञानिक ने गंगा जल पीकर भी दिखाया। यह भी साबित किया कि इसमें ऐसा कोई हानिकारक बैक्टीरिया नहीं है, क्योंकि गंगा जल की विशेषता और मौजूदा तापमान इसे बैक्टीरिया के विकास के लिए अनुपयुक्त बनाते हैं। डॉक्टर अजय ने बताया है कि सबसे बड़ी बात तो ये है कि फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पानी के 20 डिग्री सेल्सियस तापमान से कम होने पर पूरी तरह से निष्क्रिय रहता है। जबकि पूरे महाकुम्भ के दौरान गंगा जल का तामपान 10 से 15 डिग्री तक ही रहा है। संगम के विभिन्न घाटों पर वैज्ञानिक ने श्रद्धालुओं के बीच गंगा जल का तामपान भी जांचा। इसी के साथ यह जानकारी दी कि 20 डिग्री सेल्सियस तापमान से कम होने पर यह बैक्टीरिया खुद को बढ़ा ही नहीं सकता है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>गंगा जल का तापमान बैक्टीरिया के लिए प्रतिकूल</b></span></p><p>पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. अजय सोनकर के अनुसार फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया 35 से 45 डिग्री सेल्सियस के तापमान में पनपता है। जबकि महाकुम्भ के दौरान गंगा जल का तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहा है। जो इसे निष्क्रिय बनाए रखता है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>20 डिग्री से कम तापमान में नहीं होती वृद्धि</b></span></p><p>यह बैक्टीरिया 20 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में खुद को मल्टीप्लाई नहीं कर सकता है। महाकुम्भ के दौरान संगम जल का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम दर्ज किया गया था। ऐसे में इसके सक्रिय होने की कोई संभावना ही नहीं है।</p><p><b style="font-size: 1rem;">गंगा की शुद्धता पर कोई संदेह नहीं</b></p><p>गंगा जल अपने विशेष गुणों के कारण सदियों से शुद्ध माना जाता रहा है। वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि मौजूदा ठंडे जल में फीकल कोलीफॉर्म जीवित रहना संभव नहीं है। डॉ. अजय सोनकर ने कहा है कि गंगा जल स्नान व आचमन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इसके अलावा यह गंगा जल हमारे शरीर के विभिन्न रोगाणुओं को ठीक करने में भी मदद करता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ: लाखों लोगों के बीच पद्मश्री डॉक्टर अजय सोनकर ने गंगा जल पीकर दिखाया ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/cm-yogi-urges-to-pilgrims-to-cooperate-with-maha-kumbh-management-4388408 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री की श्रद्धालुओं से अपील: महाकुंभ में यातायात और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में दें सहयोग ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/cm-yogi-urges-to-pilgrims-to-cooperate-with-maha-kumbh-management-4388408 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 17 Feb 2025 14:25:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, 16 फरवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ प्रयागराज में आ रहे सभी श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ आस्था का महापर्व है, ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-size: 1rem;">लखनऊ, 16 फरवरी:</b><span style="font-size: 1rem;"> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ प्रयागराज में आ रहे सभी श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ आस्था का महापर्व है, जिसमें पूरे देश और दुनिया के लोग भाग लेने के लिए उत्साहित हैं। ऐसे में सभी का सकारात्मक सहयोग इस आयोजन की सफलता को कई गुना बढ़ा सकता है।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा न करें, बल्कि निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें, जिससे सभी को पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने का सुगम अवसर मिल सके।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुंभ की स्वच्छता: सभी की सामूहिक जिम्मेदारी</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने संतों, आश्रमों और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे भंडारे और प्रसाद वितरण की पवित्र व्यवस्था को अनवरत जारी रखें, ताकि सभी श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने महाकुंभ में स्वच्छता बनाए रखने की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्वयं स्वच्छता का पालन करने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री की श्रद्धालुओं से अपील: महाकुंभ में यातायात और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में दें सहयोग ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/saint-appreciates-cm-yogi-adityanath-for-mahakumbh-arrangements-4388374 ]]></guid><title><![CDATA[ साधु-संत बोले, सनातन का गर्व हैं सीएम योगी, महाकुंभ में अभूतपूर्व व्यवस्था के लिए दिया धन्यवाद ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/saint-appreciates-cm-yogi-adityanath-for-mahakumbh-arrangements-4388374 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 12 Feb 2025 16:32:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भनगर, 12 फरवरी: सीएम योगी द्वारा महाकुम्भ के महाआयोजन को सफल बनाने के लिए की गई अभूतपूर्व व्यवस्था को लेकर आम भक्तों, कल्पवासियों समेत साधु-संन्यासियों ने भी हर्ष जताया है। बुधवार को माघ पूर्णि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुम्भनगर, 12 फरवरी: </b>सीएम योगी द्वारा महाकुम्भ के महाआयोजन को सफल बनाने के लिए की गई अभूतपूर्व व्यवस्था को लेकर आम भक्तों, कल्पवासियों समेत साधु-संन्यासियों ने भी हर्ष जताया है। बुधवार को माघ पूर्णिमा के प्रमुख स्नान पर्व के अंतर्गत करोड़ों आस्थावान स्नानार्थियों ने त्रिवेणी संगम के संगम नोज समेत विभिन्न कच्चे-पक्के घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। इसमें सनातन धर्म के प्राण कहे जाने वाले सभी अखाड़ों के साधु-संत भी शामिल रहे जिन्होंने स्नान की व्यवस्था से लेकर महाकुम्भ में उन्हें मिली सुविधाओं को लेकर हर्ष जताया है। उनका कहना है कि कुम्भ सनानत धर्म को समझने और सनातन सत्य को अनुभूत करने का ऐसा माध्यम है जिसका वर्षों से आयोजन होता रहा है, मगर यह महाकुम्भ कई मायनों में विशिष्ट है।&nbsp;</span></p><p>यह महाकुम्भ धर्म-अध्यात्म, पुण्य अर्जन, मानव सेवा, एकता, सत्कर्म के मूल्यों को आत्मसात करने के साथ ही डिजिटल कुम्भ और सुरक्षित कुम्भ की अनुभूति प्रदान करने वाला भी है। साधु-संतों का कहना है कि महाकुम्भ जैसे महाआयोजन में इतनी सुदृढ़ व्यवस्था वही कर सकता है जो सच्चा सनातनी हो, और यही कारण है कि सनातन के गर्व सीएम योगी आदित्यनाथ से बेहतर व्यवस्था कर पाना सबके बस की बात नहीं है।</p><p><b>महाकुम्भ की अवधि में महाक्षेत्र में बिताया हर एक क्षण है अमृत तुल्य</b></p><p>अघोर तंत्राचार्य, गुरु एवं किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर आर.मणिकंदन अघोर तंत्राचार्य होने के साथ ही काशी के मणिकर्णिका घाट में होने वाली मसान होली (चिताभस्म से खेली जाने वाली होली) में भी नरमुंडों की माला धारण करके अग्रणी भूमिका में रहते हैं l महाकुम्भ के महात्म के बारे में बताते हुए मणिकंदन कहते हैं कि महाकुम्भ के दौरान मेला क्षेत्र में गुजारा गया एक-एक क्षण अमृत तुल्य है। यहां साधु-संतों, संन्यासियों व आम नागरिकों को मिल रही सुविधाओं को लेकर हर्ष जताते हुए गुरू मणिकंदन ने कहा कि सीएम योगी का प्रयास अतुलनीय है। उनके अनुसार, एक सच्चा सनातनी और सनातन धर्म का मर्मज्ञ ही इस प्रकार वृहद आयोजन को सुप्रबंधित और सुप्रतिष्ठित बना सकता है। उन्होंने स्नानार्थियों से यह भी अपील की कि स्नान पर्वों पर केवल संगम नोज पर ही स्नान करने को वरीयता न दें। उनके अनुसार, सारा महाकुम्भ मेला क्षेत्र ही शक्ति त्रिकोण है जिसमें सभी तीर्थों का पुण्य समाहित है। ऐसे में, संगम नोज पर अत्याधिक भीड़ बढ़ाने के बजाए नजदीकी घाटों पर स्नान करना श्रेयस्कर होगा और वही पुण्य प्राप्त होगा जो संगम नोज पर स्नान करने से प्राप्त होता है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>माघ स्नान के बाद अब काशी में मनेगी नागा संन्यासियों की महाशिवरात्रि</b></span></p><p>माघ पूर्णिमा समेत महाकुम्भ के अंतर्गत अभी तक सभी प्रमुख स्नानों में सम्मिलित रहे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के उज्जैन के नागा संन्यासी बंगाली बाबा (शाहपुरा वाले) ने बताया कि अब वह स्नान के बाद प्रयागराज से काशी के लिए प्रस्थान कर रहे हैं और अगले 15 दिन काशी में प्रवास करेंगे। बंगाली बाबा ने बताया कि प्रयागराज से काशी के लिए वसंत पंचमी के बाद से ही अलग-अलग अखाड़े, साधु-संत व धर्माचार्य प्रस्थान करना शुरू कर देते हैं। उनके अनुसार, काशी में सभी अखाड़ों के नाम से अधिकृत स्थल हैं, जहां पर वह महाशिवरात्रि तक रहते हैं और बाबा विश्वनाथ के साथ होली खेलकर आगे प्रस्थान करते हैं। उनके अनुसार, सीएम योगी सनातन के सूर्य हैं और उन्होंने जिस प्रकार महाकुम्भ के इस आयोजन को सफल बनाया है, संतों का सत्कार किया है तथा जिस प्रकार आमजन को सुरक्षित व सुव्यवस्थित तरीके से इस महाआयोजन का अंग बनाने की कोशिश की है वह प्रशंसा योग्य है।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>ऐसा लगा मानो जीवन धन्य हो गया ...</b></span></p><p>रघुवंश संकल्प सेवा संघ तथा अयोध्या के राम-वैदेही मंदिर के प्रमुख स्वामी दिलीप दास त्यागी ने बताया कि यह परम सौभाग्य का क्षण है कि माघ पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर पुण्य की डुबकी लगाने का अवसर प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, अयोध्या से आए हमारे तमाम साधु-संतों ने सभी प्रमुख स्नान पर्वों समेत माघ पूर्णिमा के इस महान अवसर का लाभ उठाया और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। ऐसा लग रहा है हमारा जीवन धन्य हो गया। उन्होंने सीएम योगी और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की तारीफ करते हुए लोगों से अपील की कि वह महाकुम्भ में आएं और डिजिटल महाकुम्भ, सुरक्षित महाकुम्भ समेत विभिन्न आयामों को अनुभूत करें। साथ ही, महाकुम्भ को भव्य, सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने के लिए उन्होंने आम नागरिकों व स्नानार्थियों को सभी प्रकार से सहयोग करने की अपील भी की।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ साधु-संत बोले, सनातन का गर्व हैं सीएम योगी, महाकुंभ में अभूतपूर्व व्यवस्था के लिए दिया धन्यवाद ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/maha-kumbh-maghi-purnima-amp039snanamp039-concludes-successfully-4388373 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ में माघ पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़ा आस्था का जनसैलाब ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/maha-kumbh-maghi-purnima-amp039snanamp039-concludes-successfully-4388373 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 12 Feb 2025 16:15:58 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भनगर, 12 फरवरी: महाकुम्भ के पावन स्नान पर्व माघ पूर्णिमा के लिए देश विदेश के श्रद्धालु मंगलवार की रात से ही महाकुम्भनगर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं के इतने बड़े जनसमुद्र के संगम तक पहुंचने और पवित ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुम्भनगर, 12 फरवरी:</b> महाकुम्भ के पावन स्नान पर्व माघ पूर्णिमा के लिए देश विदेश के श्रद्धालु मंगलवार की रात से ही महाकुम्भनगर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं के इतने बड़े जनसमुद्र के संगम तक पहुंचने और पवित्र स्नान के बाद उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मंगलवार रात से ही मेला क्षेत्र में बड़े बड़े वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले (वीएमडी) पर जरूरी संदेश दिए जाने लगे। जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में बड़ी सहूलियत हुई।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;">सीएम योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर महाकुम्भनगर प्रशासन ने देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरे मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए थे, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसके अलावा स्नान के बाद घाटों पर अधिक समय न बिताकर शीघ्र गंतव्य की ओर बढ़ने की लोगों से बराबर अपील भी की जाती रही। जिससे श्रद्धालुओं को माघ पूर्णिमा के स्नान के लिए बड़ी सुविधा मिली।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>घाटों पर रात से ही दी जाने लगी लगातार महत्वपूर्ण सूचनाएं, दिशा-निर्देश</b></span></p><p>गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। माघ पूर्णिमा का पुण्यकाल 11 फरवरी की शाम 6:55 बजे से शुरू होकर 12 फरवरी की शाम 7:22 बजे तक रहा। इस महाआयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मेला प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए। घाटों पर भीड़ नियंत्रण से लेकर डिजिटल सूचना प्रणाली से श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं प्रेषित की जाती रहीं। मेला प्रशासन ने जगह जगह बड़े बड़े वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले लगाकर श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्नान के बाद घाटों पर अधिक समय न बिताएं और शीघ्र अपने गंतव्य की ओर बढ़ें। इससे भीड़ नियंत्रण में काफी मदद मिली और सभी को सुगमता से स्नान का लाभ हुआ। वैरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले पर मंगलवार की रात से ही लगातार महत्वपूर्ण सूचनाएं, दिशा-निर्देश और सुरक्षा संबंधी अलर्ट प्रदर्शित किए जाते रहे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ में माघ पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़ा आस्था का जनसैलाब ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/drone-views-of-massive-crowds-at-mahakumbh-4388372 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ: सुरक्षा, सुविधा, अपराध नियंत्रण और क्राउड मैनेजमेंट के हर पहलू पर फोकस ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/drone-views-of-massive-crowds-at-mahakumbh-4388372 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 12 Feb 2025 15:36:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भनगर, 12 फरवरी : महाकुम्भनगर में माघ पूर्णिमा के पवित्र स्नान के लिए देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की विशेष सुरक्षा ऑपरेशन चतुर्भुज के जरिए की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के ल ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुम्भनगर, 12 फरवरी :</b> महाकुम्भनगर में माघ पूर्णिमा के पवित्र स्नान के लिए देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की विशेष सुरक्षा ऑपरेशन चतुर्भुज के जरिए की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अंतर्गत यह स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया। इसके अलावा आईसीसीसी की स्पेशल टीम भी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाती रही, जिसने टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए बेहद मजबूत सेफ्टी सर्किल बनाया। इसके जरिए मंगलवार की रात से ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, अपराध नियंत्रण और क्राउड मैनेजमेंट के हर पहलू पर नजर रखी गई।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मेला के साथ पूरे शहर की निगरानी</b></span></p><p>इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से पूरे मेला क्षेत्र के साथ साथ पूरे शहर की भी निगरानी की जा रही है। 2750 हाई-टेक कैमरों, एंटी-ड्रोन सिस्टम और विशेष सुरक्षा टीमों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।</p><p>महाकुम्भनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि ड्रोन से एरियल सर्विलांस के माध्यम से 24 घंटे पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर आईसीसीसी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए हैं। इससे क्राउड मैनेजमेंट में बड़ी मदद मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ड्रोन के जरिए पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>एंटी-ड्रोन सिस्टम रहा अलर्ट मोड में</b></span></p><p>महाकुम्भनगर में एंटी-ड्रोन सिस्टम अलर्ट मोड में है। किसी भी संदिग्ध उड़ान को रोकने और सुरक्षा चूक से बचने के लिए यह प्रणाली सक्रिय की गई है। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सुनिश्चित किया गया कि कोई भी संदिग्ध ड्रोन संचालित न किया जाए। पूरी मुस्तैदी से इस पर नजर रखी गई और सुरक्षा सुनिश्चित की गई।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ: सुरक्षा, सुविधा, अपराध नियंत्रण और क्राउड मैनेजमेंट के हर पहलू पर फोकस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/anil-kumble-takes-a-holy-dip-at-triveni-sangam-on-magh-purnima-4388371 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ की आस्था में ओतप्रोत नजर आए अनिल कुंबले, त्रिवेणी संगम में किया पावन स्नान ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/anil-kumble-takes-a-holy-dip-at-triveni-sangam-on-magh-purnima-4388371 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 12 Feb 2025 15:14:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भ नगर, 12 फरवरी: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच अनिल कुंबले ने माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनकी पत्नी चेतना रामतीर्था भी इस आध्यात्मिक यात्रा में उनके साथ  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुम्भ नगर, 12 फरवरी: </b>पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच अनिल कुंबले ने माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनकी पत्नी चेतना रामतीर्था भी इस आध्यात्मिक यात्रा में उनके साथ रहीं। कुंबले ने संगम स्नान के बाद अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने अपनी तस्वीरों के साथ सिर्फ एक शब्द लिखा और वो था ब्लेस्ड (आशीर्वाद)। इससे उनका तात्पर्य यही था कि त्रिवेणी संगम में स्नान कर उन्हें भी पुण्य की प्राप्ति हुई और तीर्थराज प्रयागराज का आशीष मिला।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>बिना प्रोटोकॉल किया संगम स्नान</b></span></p><p>अपनी फिरकी से विरोधी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाने वाले अनिल कुंबले मंगलवार को ही प्रयागराज पहुंच गए थे। हालांकि, त्रिवेणी स्नान के लिए उन्होंने माघ पूर्णिमा का पावन दिन चुना। इस दिन महाकुम्भ में वीवीआईपी प्रोटोकॉल जारी नहीं होता। इसके बावजूद वह सामान्य श्रद्धालु की तरह नाव पर सवार होकर त्रिवेणी संगम पहुंचे और संगम में स्नान किया। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी चेतना भी मौजूद रहीं। दोनों ने सूर्य को अर्घ्य दिया और पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना कर पुण्य डुबकी लगाई। उन्होंने नाव पर सवार होकर सेल्फी भी अपलोड की और माघ पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रमा की छवि भी अपने प्रशंसकों के साथ साझा की। इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बने कुंबले महाकुम्भ की भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत नजर आए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ की आस्था में ओतप्रोत नजर आए अनिल कुंबले, त्रिवेणी संगम में किया पावन स्नान ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-2025-around-144-crore-devotees-take-holy-dip-in-sangam-every-day-4388358 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ 2025 : रोज़ाना औसतन 1.44 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी! ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-2025-around-144-crore-devotees-take-holy-dip-in-sangam-every-day-4388358 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 10 Feb 2025 14:07:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भ नगर: विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम 'महाकुम्भ 2025' ने दुनिया को अचंभित कर रखा है। दुनियाभर के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है। प्रयागराज में मां गंगा, म ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;">महाकुम्भ नगर: विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम 'महाकुम्भ 2025' ने दुनिया को अचंभित कर रखा है। दुनियाभर के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है। प्रयागराज में मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पावन संगम में बीते 30 दिनों में आस्था का अटूट रेला उमड़ रहा है। प्रतिदिन महाकुम्भ में श्रद्धाभाव से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या का आंकलन करें तो औसतन 1.44 करोड़ लोग हर रोज त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। महाकुम्भ के जरिए सनातनियों की आस्था और श्रद्धा की बेमिसाल लहर देखने को मिल रही है।&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मौनी अमावस्या के बाद भी नहीं थम रहा श्रद्धालुओं का रेला</b></span></p><p>विशेष पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के पर्व पर सर्वाधिक 7.64 करोड़ से ज्यादा, जबकि इससे एक दिन पहले 28 जनवरी को 4.99 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम स्नान किया। वहीं 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया था। आस्थावानों का रेला मौनी अमावस्या के बाद भी नहीं थमा है और प्रतिदिन करीब एक करोड़ और इससे ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। इस दौरान महाकुम्भ नगरी भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आ रही है। 9 फरवरी तक 43 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नानकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>सुरक्षा, स्वच्छता और प्रबंधन के शानदार प्रयासों ने महाकुम्भ को बनाया ऐतिहासिक</b></span></p><p>योगी सरकार की ओर से इस विराट और ऐतिहासिक आयोजन के लिए विशेष तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम स्नान की और अन्य सुविधाएं मिल सकीं हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और प्रबंधन के शानदार प्रयासों ने महाकुम्भ को ऐतिहासिक बना दिया है। आस्था के इस महामेले ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के सनातन संस्कृति प्रेमियों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>इन तिथियों पर जुटे सर्वाधिक श्रद्धालु</b></p><p><span style="font-size: 1rem;">13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को 1.70 करोड़&nbsp;</span></p><p>14 जनवरी (मकर संक्रांति) को 3.50 करोड़&nbsp;</p><p>26 जनवरी को 1.74 करोड़</p><p>27 जनवरी को 1.55 करोड़</p><p>28 जनवरी को 4.99 करोड़</p><p>29 जनवरी (मौनी अमावस्या) को 7.64 करोड़</p><p>30 जनवरी को 2.06 करोड़</p><p>31 जनवरी को 1.82 करोड़</p><p>01 फरवरी को 2.15 करोड़</p><p>03 फरवरी (बसंत पंचमी) को 2.57 करोड़</p><p>09 फरवरी को 1.57 करोड़</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ 2025 : रोज़ाना औसतन 1.44 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी! ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-stampede-live-30-dead-60-injured-25-identified-says-dig-4388284 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ 2025: भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत की हुई पुष्टि और 60 घायल ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/mahakumbh-stampede-live-30-dead-60-injured-25-identified-says-dig-4388284 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 29 Jan 2025 19:06:30 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भ नगर: महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर प्रयागराज के संगम तट पर मध्य रात्रि से ही करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। यही नहीं, बड़ी संख्या में एक दिन पहले से ही श्रद्धालु  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाकुम्भ नगर:</b> महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर प्रयागराज के संगम तट पर मध्य रात्रि से ही करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। यही नहीं, बड़ी संख्या में एक दिन पहले से ही श्रद्धालु संगम तट पर डटे हुए थे। इससे घाटों पर भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ के दबाव के चलते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद जिस तेजी से हालात को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया वह वाकई यूपी की पुलिस फोर्स के प्रोफेशनलिज्म को दर्शा रहा है। यूपी पुलिस के जवानों के क्विक रिस्पांस की वजह से बहुत बड़ा हादसा सीमित कर दिया गया। हादसे में फंसे प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि पुलिस के जवान हम लोगों के लिए भगवान के दूत बन कर आये, नहीं तो बड़ी संख्या में जानें जा सकती थीं। हालाकि,&nbsp;महाकुंभ 2025 में मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 60 श्रद्धालुओं को घायल बताया जा रहा है, बाक़ायदा ख़ुद मेला प्रशासन ने ये आंकड़े जारी किए हैं।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>रस्से डालकर भीड़ को किया नियोजित&nbsp;</b></span></p><p>प्रयागराज महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के महापर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर मौजूद थे। अमृत स्नान के उत्साह और भीड़ के भारी दबाव के चलते रात्रि में भगदड़ जैसी स्थित बन गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लेकिन प्रशासन ने तत्काल स्थित पर नियंत्रण करते हुए संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। पुलिस प्रशासन और आएएफ के जवानों ने रस्से डाल कर भीड़ को नियोजित किया। पुलिस के सभी बड़े अधिकारियों ने तत्काल घटना स्थल पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। आई जी प्रेम कुमार और मेला एसएसपी राजेश द्विवेदी ने घटना स्थल पर पहुंच कर करोड़ों की संख्या में संगम स्थल पर मौजूद स्नानार्थियों को अलग रास्तों से रवाना कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>रिहर्सल का मिला लाभ&nbsp;</b></span></p><p>प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालुओं का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने समय रहते भीड़ पर काबू पा लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। यूपी पुलिस के जवानों ने तुरंत एक्शन लेते हुए घटना स्थल से भीड़ में फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाया गया और पहले से रिहर्लस किये हुए तरीके से ग्रीन कॉरिडोर को तैयार किया गया। जहां से हर मिनट की फ्रीक्वेंसी से एंबुलेंस घायल तीर्थ यात्रियों को अस्पताल पहुंचाने में कामयाब रही। तत्काल राहत और इलाज मिलने से घायलों की स्थिति को गंभीर होने से बचा लिया गया।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>चौकन्नी रही पुलिस</b>&nbsp;</span></p><p>डीआईजी कुम्भ वैभव कृष्ण ने बताया कि आज बहुत बड़ी संख्या में भीड़ आई है। आसपास के जनपदों से भारी भीड़ प्रयागराज पहुंची है। अनुमान है कि 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु प्रयागराज में आए हैं। हमारे सारे अधिकारी मंगलवार रात से ही क्राउड मैनेजमेंट में जुटे हुए थे। संगम समेत सभी घाटों पर लोग बड़ी संख्या में स्नान कर रहे हैं। भीड़ पर अब पूरी तरह नियंत्रण कर लिया गया है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। वहीं, एसएसपी&nbsp; कुम्भ राजेश द्विवेदी ने बताया कि संगम नोज पर बहुत ज्यादा ओवरक्राउडिंग हो गई थी। स्थिति को जल्दी ही नियंत्रण में ले लिया गया है। तत्काल प्रभाव से श्रद्धालुओं से अपील की गई कि जिन रास्तों से आए हैं, वहीं पर घाट उनके लिए खुले हैं।&nbsp; वो आएं सुगमता से स्नान कर वापस सकुशल घर जाएं।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>10-12 घंटे काम कर रहे यूपी पुलिस के जवान</b></span></p><p>उल्लेखनीय है कि महाकुम्भ में यूपी पुलिस जीतोड़ मेहनत कर रही है। हर संभव स्तर पर श्रद्धालुओं को मदद करने में लगी है। यूपी पुलिस का एक-एक जवान 10-12 घंटे खड़े होकर लोगों की हेल्प कर रहा है। लोगों का गुस्सा झेलते हैं, लेकिन तमाम एहतियात इसलिए बरते जा रहे हैं ताकि अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। रूट डायवर्जन इसी का हिस्सा है। प्रशासन का लगातार यही प्रयास रहा कि जो श्रद्धालु जिस तरफ से आए, उसी तरफ के घाट पर स्नान करे। संगम पर सभी को स्नान नहीं कराया जा सकता, ये बात पब्लिक को भी समझनी होगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ 2025: भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत की हुई पुष्टि और 60 घायल ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/ramnami-community-for-sangam-snan-ram-tattoo-on-body-4388250 ]]></guid><title><![CDATA[ 'रामनामी' संप्रदाय के अनुयायी करने आए हैं 'महाकुम्भ' में 'अमृत स्नान' ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/ramnami-community-for-sangam-snan-ram-tattoo-on-body-4388250 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 25 Jan 2025 14:23:04 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ महाकुम्भ नगर: सनातन संस्कृति के महापर्व महाकुम्भ में सम्मिलित होने तरह-तरह के साधु, संन्यासी, जाति, पंथ, संप्रदाय के लोग देश के कोने-कोने से आते हैं। इस क्रम में महाकुम्भ में सम्मिलित होने छत्तीसगढ़ क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>महाकुम्भ नगर:</b> सनातन संस्कृति के महापर्व महाकुम्भ में सम्मिलित होने तरह-तरह के साधु, संन्यासी, जाति, पंथ, संप्रदाय के लोग देश के कोने-कोने से आते हैं। इस क्रम में महाकुम्भ में सम्मिलित होने छत्तीसगढ़ के रहने वाले रामनामी संप्रदाय के अनुयायी पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने आये हैं। अपने पूरे शरीर में राम नाम गुदवाये हुए, सफेद वस्त्र और सिर पर मोरपंख का मुकुट धारण किये हुए रामनामी संप्रदाय के अनुयायी संगम की रेती पर राम भजन करते हुए महाकुम्भ में पवित्र स्नान को बेताब हैं।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;">&nbsp;<b>रामनामी संप्रदाय के लोग पूरे शरीर पर गुदवाते हैं राम नाम&nbsp;</b></span></p><p>पौराणिक मान्यता और परंपरा के अनुसार महाकुम्भ में पवित्र संगम में स्नान करने सनातन आस्था से जुड़े सभी जाति, पंथ और संप्रदाय के लोग जरूर आते हैं। इसी में से एक हैं छत्तीसगढ़ के जांजगीर, भिलाई, दुर्ग, बालोदाबजार, सांरगगढ़ से आये हुए रामनामी संप्रदाय के लोग। 19वीं शताब्दी में जब सनातन संस्कृति के तथाकथित उच्च वर्ग के लोगों ने छत्तीगढ़ में कुछ जनजाति के लोगों को मंदिर में प्रवेश करने और मूर्ति पूजा से वंचित किया तो जनजाति के लोगों ने अपने पूरे शरीर पर ही राम नाम अंकित कर अपनी देह को राम का मंदिर बना लिया। रामनामी संप्रदाय की शुरूआत जांजगीर चंपा के परशुराम जी से मानी जाती है। इस पंथ के अनुयायी अपने पूरे शरीर पर रामनाम का टैटू या गोदना गोदवाते हैं। राम नाम लिखा हुआ सफेद वस्त्र और सिर पर मोरपंख से बना मुकुट&nbsp; धारण करते हैं। राम नाम का जाप और मानस की चौपाईयों का भजन करते हैं। रामनामी संप्रदाय के लोग मंदिर और मूर्ति पूजा नहीं करते वो निर्गुण राम के उपासक हैं। वर्तमान में रामनामी संप्रदाय के लगभग 10 लाख से अधिक अनुयायी मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के जिलों में रहते हैं।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>राम नाम ही अवतार, राम नाम ही भवसागर की पतवार&nbsp;</b></span></p><p>रामनामी संप्रदाय के कौशल रामनामी का कहना है कि महाकुम्भ में पवित्र स्नान करने उनके पंथ के लोग जरूर आते हैं। मौनी अमावस्या की तिथि पर राम नाम का जाप करते हुए हम सब संगम में अमृत स्नान करेंगे। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ से आये कौशल रामनामी का कहना है पिछली पांच पीढ़ी से उनके पुरखे महाकुम्भ में शामिल होने आते रहे हैं। आने वाले समय में हमारे बच्चे भी परंपरा जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि सारंगढ़, भिलाई, बालोद बाजार और जांजगीर से लगभग 200 रामनामी हमारे साथ आये हैं। अभी और भी लोग मौनी अमावस्या से पहले प्रयागराज आ रहे हैं। हम लोग परंपरा के मुताबिक मौनी अमावस्या के दिन राम नाम का जाप करते हुए त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगे। राम भजन करते हुए महाकुम्भ से अपने क्षेत्रों में लौट जाएंगे। उन्होंने बताया कि वो रामनाम को ही अवतार और भवसागर की पतवार मानते हैं। वो मंदिर नहीं जाते और मूर्ति पूजा नहीं करते। केवल राम नाम का जाप ही उनका भजन है और रामनाम लिखी देह ही मंदिर।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 'रामनामी' संप्रदाय के अनुयायी करने आए हैं 'महाकुम्भ' में 'अमृत स्नान' ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/in-118th-episode-of-mann-ki-baat-pm-modi-calls-maha-kumbh-symbol-of-unity-4388205 ]]></guid><title><![CDATA[ प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में की 'महाकुंभ' से 'पुष्कर' तक की बात ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/in-118th-episode-of-mann-ki-baat-pm-modi-calls-maha-kumbh-symbol-of-unity-4388205 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 19 Jan 2025 14:41:35 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के पहले मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया. यह मन की बात का 118वां एपिसोड है. दरअसल, मन की बात का कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को होता है लेकिन इस ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-size: 1rem;"><b>नई दिल्ली: </b>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के पहले मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया. यह मन की बात का 118वां एपिसोड है. दरअसल, मन की बात का कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को होता है लेकिन इस साल आखिरी रविवार को गणतंत्र दिवस होने की वजह से मन की बात कार्यक्रम आज किया गया. इस दौरान पीएम मोदीा ने महाकुंभ के आयोजन को ऐतिसाहिक बताया और इसरो को भी स्पेस डॉकिंग में सफलता हासिल करने पर बधाई दी.&nbsp;</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>इसरो को मिली सफलता पर की पीएम मोदी ने बात</b></span></p><p>पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा, "2025 की शुरुआत में ही भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. आज, मुझे ये बताते हुए गर्व है कि एक भारतीय स्पेस टेक स्टार्टअप, बेंगलुरू के 'पिक्सेल' ने भारत का पहला निजी सैटेलाइट कांस्टेलेशन – 'फायर-फ्लाई', सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. यह सैटेलाइट कांस्टेलेशन दुनिया का सबसे हाई-रिज़ॉल्यूशन हाइपर स्पेक्ट्रल सैटेलाइट कांस्टेलेशन है. इस उपलब्धि ने न केवल भारत को आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनाया है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक बड़ा कदम है. ये सफलता हमारे निजी स्पेस सेक्टर की बढ़ती ताकत और इनोवेशन का प्रतीक है. मैं इस उपलब्धि के लिए 'पिक्सेल' की टीम, इसरो, और इन-स्पेस को पूरे देश की ओर से बधाई देता हूं."</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>स्पेस डॉकिंग के लिए इसरो को दी बधाई</b></span></p><p>प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "कुछ दिन पहले हमारे वैज्ञानिकों ने स्पेस सेक्टर में ही एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. हमारे वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट की स्पेस डॉकिंग कराई है. जब अंतरिक्ष में दो स्पेसक्राफ्ट कनेक्ट किए जाते हैं, तो इस प्रक्रिया को स्पेस डॉकिंग कहते हैं. यह तकनीक अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन तक सप्लाई भेजने और क्रू मिशन के लिए अहम है. भारत इसमें सफलता हासिल करने वाला चौथा देश बना."</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>इनोवेटर्स और युवा उद्यमियों की भी पीएम मोदी ने की तारीफ</b></span></p><p>पीएम मोदी ने अंतरिक्ष में मैन्युफैक्चरिंग की तकनीकों को लेकर भारत के वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स और युवा उद्यमियों की तारीफ करते हुए कहा, "आईआईटी मद्रास का 'एक्सटेम' केंद्र अंतरिक्ष में मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई तकनीकों पर काम कर रहा है. ये केंद्र अंतरिक्ष में 3डी–प्रिंटेड बिल्डिंग, मेटल फोम्स और ऑप्टिकल फाइबर जैसे तकनीकों पर रिसर्च कर रहा है. ये सेंटर, बिना पानी के कंक्रीट निर्माण जैसी क्रांतिकारी विधियों को भी विकसित कर रहा है. 'एक्सटेम' की ये रिसर्च, भारत के गगनयान मिशन और भविष्य के स्पेस स्टेशन को मजबूती देगी. इससे मैन्युफैक्चरिंग में आधुनिक टेक्नोलॉजी के भी नए रास्ते खुलेंगे। ये सभी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि भारत के वैज्ञानिक और इनोवेटर्स भविष्य की चुनौतियों का समाधान देने के लिए कितने विजनरी हैं. हमारा देश, आज, स्पेस टेक्नोलॉजी में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. मैं भारत के वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स और युवा उद्यमियों को पूरे देश की ओर से शुभकामनाएं देता हूं."</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर ये बोले पीएम मोदी</b></span></p><p>पीएम मोदी ने इसी के साथ गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, 'इस बार का गणतंत्र दिवस बहुत विशेष है. यह भारतीय गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ है. इस वर्ष संविधान लागू होने के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं. मैं संविधान सभा के उन सभी व्यक्तित्वों को नमन करता हूं जिन्होंने हमें हमारा पवित्र संविधान दिया'.&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>मतदाता दिवस पर भी पीएम मोदी ने की बात</b></span></p><p>वहीं राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर उन्होंने कहा, '25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है, इसी दिन भारत के चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी. पिछले कई वर्षों से चुनाव आयोग ने लगातार हमारी मतदान प्रक्रिया को आधुनिक और मजबूत बनाया है, जिससे हर कदम पर लोकतंत्र को सशक्त बनाया जा रहा है'.</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>महाकुंभ को पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक</b></span></p><p>महाकुंभ पर उन्होंने कहा, ‘कुंभ', ‘पुष्करम' और ‘गंगा सागर मेला' - हमारे ये पर्व, हमारे सामाजिक मेल-जोल को, सद्भाव को, एकता को बढ़ाने वाले पर्व हैं. ये पर्व भारत के लोगों को भारत की परंपराओं से जोड़ते हैं.' उन्होंने कहा, "चिरस्मरणीय जनसैलाब, अकल्पनीय दृश्य और समता-समरसता का असाधारण संगम, इस बार कुंभ में कई दिव्य योग भी बन रहे हैं. यह उत्सव विविधता में एकता का उत्सव है. संगम की रेत पर भारत ही नहीं पूरे विश्व के लोग जुटते हैं. हजारों सालों से चली आ रही इस परंपरा में न ही कोई भेदभाव है और न ही जातिवाद. कुंभ भारत के लोगों को परंपराओं से जोड़ता है."</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>असम का एक उदाहरण भी देशवासियों के साथ किया साझा</b></span></p><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में एक हाथी का भी जिक्र किया. वन्यप्राणी की ये कहानी असम के 'नौगांव' की थी. पीएम मोदी ने दिलचस्प हकीकत से सबको रूबरू कराया. पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों, आपने कई बार इंसानों और जानवरों के बीच गजब की दोस्ती की तस्वीरें देखी होंगी, आपने जानवरों की वफादारी की कहानियां सुनी होंगी. जानवर पालतू हों या जंगल में रहने वाले पशु, इंसानों से उनका नाता कई बार हैरान कर देता है. जानवर भले बोल नहीं पाते, लेकिन उनकी भावनाओं को, उनके हाव-भाव को इंसान भली-भांति भांप लेते हैं. जानवर भी प्यार की भाषा को समझते हैं, उसे निभाते भी हैं. मैं आपसे असम का एक उदाहरण साझा करना चाहता हूं.</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में की 'महाकुंभ' से 'पुष्कर' तक की बात ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/maha-kumbh-2025/viral-video-what-did-youtuber-ask-the-naga-sadhu-that-he-hit-him-with-tongs-in-front-of-everyone-watch-the-video-4388156 ]]></guid><title><![CDATA[ Viral Video: नागा साधु से यूट्यूबर ने ऐसा क्या पूछा कि सबके सामने मारे चिमटे ही चिमटे, देखें वीडियो ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/maha-kumbh-2025/viral-video-what-did-youtuber-ask-the-naga-sadhu-that-he-hit-him-with-tongs-in-front-of-everyone-watch-the-video-4388156 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 13 Jan 2025 16:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: Viral Video:&nbsp;प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। देश-विदेश से करोड़ों लोग महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="text-align: justify;"><b>ब्यूरो: Viral Video:</b></span><span style="font-weight: bolder; text-align: justify;">&nbsp;</span>प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। देश-विदेश से करोड़ों लोग महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एक बाबा से एक यूट्यूबर सवाल कर रहा होता है। बाबा यूट्यूबर के सवालों का जवाब दे रहे होते हैं। तभी बाबा को गुस्सा आ जाता है और बाबा अपने चिमटे से ही यूट्यूब को मारने लगते हैं, यूट्यूबर वहां से भाग जाता है।</p><p style="text-align: justify; "><span style="color: rgb(136, 153, 166); font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;, sans-serif; font-size: 12px; text-align: center; text-wrap-mode: nowrap;">&lt;blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"&gt;&lt;p lang="in" dir="ltr"&gt;Kalesh b/w a Baba and Reporter/Youtuber during Maha kumbh mela&lt;br&gt; &lt;a href="https://t.co/diooeahxuy"&gt;pic.twitter.com/diooeahxuy&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) &lt;a href="https://twitter.com/gharkekalesh/status/1878503872827908510?ref_src=twsrc^tfw"&gt;January 12, 2025&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt; &lt;script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"&gt;&lt;/script&gt;</span>&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">वीडियो में दिख रहे बाबा काफी चर्चाओं में हैं। ये महाकुंभ के लिए प्रयागराज आए हुए हैं। दरअसल, बाबा ने अपना एक हाथ पिछले 9 सालों से खड़ा कर रखा है। बाबा का कहना है कि उनका हठ योग है। पिछले नौ सालों से बाबा का हाथ खड़ा ही है। हाथ का ये हाल हो चुका है कि बाबा के नाखून काफी बढ़ चुके हैं और बाबा की उंगलियां मुड़ चुकी हैं। फिलहाल, यूट्यूबर को चिमटे से पीटने के बाद बाबा की ये वीडियो खूब चर्चाओं में आई है और सोशल मीडिया पर भी वायरल है।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">बता दें कि इन बाबा का नाम महंत महाकाल गिरी बाबा अद्भुत है। बाबा का कहना है कि कुछ नया नहीं कर रहे हैं। हजारों संत अपने-अपने तरह से हठयोग करते हैं। कष्ट उठाते हैं और अपना लक्ष्य प्राप्त करते हैं। बाबा कहते हैं कि इस साधना में कष्ट तो होता है लेकिन कष्ट तो हर चीज में हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Viral Video: नागा साधु से यूट्यूबर ने ऐसा क्या पूछा कि सबके सामने मारे चिमटे ही चिमटे, देखें वीडियो ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/bus-facility-will-be-available-from-all-districts-for-mahakumbh-4388149 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ 2025: सभी ज़िलों से चलेंगी प्रयागराज के लिए बस ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/bus-facility-will-be-available-from-all-districts-for-mahakumbh-4388149 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 11 Jan 2025 14:45:27 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रयागराज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संगम स्नान के लिए प्रदेश के सभी जिलों से बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ एक महत्वपू ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>प्रयागराज:</b> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संगम स्नान के लिए प्रदेश के सभी जिलों से बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर यूपी रोडवेज द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की।&nbsp;</p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>तमाम ज़िलों से प्रयागराज के लिए बसों के संचालन का निर्देश</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे महाकुंभ अवधि हेतु सभी जनपदों से प्रयागराज के लिए बसों का संचालन किया जाए, साथ ही बसों के संचालन से संबंधित समय सारणी का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों के अतिरिक्त भी पूरी महाकुंभ अवधि में सभी जनपदों से बसों का संचालन प्रयागराज के लिये होना चाहिए। श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई समस्या ना हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>प्राइवेट बसें श्रद्धालुओं से निर्धारित किराया से अधिक न वसूलें&nbsp;</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों का सेवन किसी भी बस चालक/परिचालक द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, प्राइवेट बसों के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि ना तो निश्चित किराया से ज्यादा किराया लिया जाए ना ही निश्चित क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग हो।</span></p><p><span style="font-size: 1rem;"><b>श्रद्धालुओं के सुगम संगम स्नान के लिए यूपी रोडवेज तत्पर&nbsp;</b></span></p><p><span style="font-size: 1rem;">बैठक में परिवहन मंत्री, प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडी परिवहन की उपस्थिति रही। बता दें कि महाकुंभ में सभी श्रद्धालुओं के सुगम संगम स्नान के लिए यूपी रोडवेज द्वारा 7,000 बसें चलाई जाने की तैयारी है, वहीं मेला क्षेत्र के लिए 550 शटल बसें भी चलाई जा रही हैं।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ 2025: सभी ज़िलों से चलेंगी प्रयागराज के लिए बस ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/mahakumbh-2025/mahakumbh-2025-when-is-the-shahi-snan-bath-in-mahakumbh-and-what-is-its-importance-know-the-special-things-related-to-kumbh-mela-4388141 ]]></guid><title><![CDATA[ Mahakumbh 2025: महाकुंभ में कब है शाही स्नान और क्या है इसके महत्व? जानें कुंभ मेला से जुड़ी खास बातें ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/mahakumbh-2025/mahakumbh-2025-when-is-the-shahi-snan-bath-in-mahakumbh-and-what-is-its-importance-know-the-special-things-related-to-kumbh-mela-4388141 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jan 2025 14:50:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: Mahakumbh 2025:&nbsp;हिंदू धर्म में कुंभ मेले का काफी महत्व है। कुंभ मेला बारी-बारी से पवित्र स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित किया जाता है। साल 2025 में लगने वाला महाकु ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: left; "><span style="font-size: 1rem; text-align: justify;"><span style="font-weight: bolder;">ब्यूरो: Mahakumbh 2025</span></span><span style="font-size: 1rem;"><span style="font-weight: bolder;">:&nbsp;</span></span>हिंदू धर्म में कुंभ मेले का काफी महत्व है। कुंभ मेला बारी-बारी से पवित्र स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित किया जाता है। साल 2025 में लगने वाला महाकुंभ प्रयागराज में आयोजित होगा। इस बार 144 वर्षों के बाद महाकुंभ लग रहा है। महाकुंभ मेला 13 जनवरी 2025, पौष पूर्णिमा से शुरू होगा, जोकि 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। महाकुंभ मेले की अवधि 44 दिनों की है।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><b>महाकुंभ में स्नान का महत्व&nbsp;&nbsp;</b></p><p style="text-align: justify; ">कुंभ मेले में शाही स्नान सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान होता है। शाही स्नान के लिए कुछ तारीखें निर्धारित की जाती हैं। महाकुंभ में शाही स्नान लोगों के लिए पूरी जिंदगी में एक बार मिलने वाला अवसर माना जाता है क्योंकि महाकुंभ 144 साल बाद आता है। शास्त्रों के अनुसार, महाकुंभ में स्नान व पूजा करने से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है। मान्यता है कि कुंभ मेले में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्त होता है।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><b>शाही स्नान की तिथियां&nbsp;&nbsp;</b></p><p style="text-align: justify; ">पौष पूर्णिमा - 13 जनवरी 2025&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">मकर संक्रांति - 14 जनवरी 2025&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">मौनी अमावस्या (सोमवती) - 29 जनवरी 2025&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">बसंत पंचमी - 3 फरवरी 2025&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">माघ पूर्णिमा - 12 फरवरी 2025&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">महाशिवरात्रि - 26 फरवरी 2025&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><b>कुंभ कितने होते हैं&nbsp;&nbsp;</b></p><p style="text-align: justify; ">महाकुंभ- महाकुंभ 144 सालों में आयोजित होता है। ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ मेला 12 पूर्ण कुंभ मेले के बाद आता है और यह सिर्फ प्रयागराज में ही लगता है।&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">अर्ध कुंभ- अर्ध कुंभ हर 6 सालों में लगता है। अर्ध कुंभ दो पूर्ण कुंभ मेले के बीच आयोजित किया जाता है। अर्ध कुंभ का आयोजन हरिद्वार और प्रयागराज में किया जाता है।&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">पूर्ण कुंभ- पूर्ण कुंभ का आयोजन हर 12 सालों में किया जाता है। यह चार पवित्र स्थानों हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में कहीं भी लग सकता है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Mahakumbh 2025: महाकुंभ में कब है शाही स्नान और क्या है इसके महत्व? जानें कुंभ मेला से जुड़ी खास बातें ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/mahakumbh-2025/mahakumbh-2025-mahakumbh-will-contribute-2-lakh-crores-to-the-economy-cm-yogi-explained-4388138 ]]></guid><title><![CDATA[ Mahakumbh 2025: महाकुंभ अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ का देगा योगदान, CM योगी ने समझाया अर्थशास्त्र ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/mahakumbh-2025/mahakumbh-2025-mahakumbh-will-contribute-2-lakh-crores-to-the-economy-cm-yogi-explained-4388138 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 09 Jan 2025 13:25:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: Mahakumbh 2025:&nbsp;महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से प्रयागराज में हो रही है, इसे लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधाओं का सामना ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: left; "><span style="font-size: 1rem; text-align: justify;"><b>ब्यूरो: Mahakumbh 2025</b></span><span style="font-size: 1rem;"><b>:</b>&nbsp;</span>महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से प्रयागराज में हो रही है, इसे लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधाओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए खासा इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इन तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम योगी आज दो दिन के प्रयागराज दौरे पर हैं, जहां मुख्यमंत्री अंतिम चरणों की तैयारियों का जायजा लेंगे।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><b>40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना</b></p><p style="text-align: justify; ">मुख्यमंत्री ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि महाकुंभ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपये तक की आर्थिक वृद्धि होने की उम्मीद है। सीएम योगी ने एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत अपनी प्राचीन विरासत पर गर्व कर रहा है।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस बार महाकुंभ एक भव्य, दिव्य और डिजिटल आयोजन होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल टूरिस्ट मैप, एआई से जुड़े सुरक्षा तंत्र और स्मार्टफोन के माध्यम से शौचालयों की स्वच्छता का आकलन करने की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने कहा कि श्रद्धालु जब प्रदेश में आते हैं तो परिवहन, भोजन, आवास सेवाओं पर खर्च करते हैं।</p><p style="text-align: justify; ">इससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि 2024 में काशी में 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए, वहीं अयोध्या में जनवरी 2024 से सितंबर तक श्रद्धालुओं की संख्या 13 करोड़ 55 लाख से अधिक रही है। महाकुंभ के आयोजन में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Mahakumbh 2025: महाकुंभ अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ का देगा योगदान, CM योगी ने समझाया अर्थशास्त्र ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/mahakumbh-2025/mahakumbh-2025-mahakumbh-has-a-special-connection-with-amrit-kumbh-know-the-mythological-story-4388131 ]]></guid><title><![CDATA[ Mahakumbh 2025: महाकुंभ का अमृत कुंभ से है खास संबंध, जानें पौराणिक कथा ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/mahakumbh-2025/mahakumbh-2025-mahakumbh-has-a-special-connection-with-amrit-kumbh-know-the-mythological-story-4388131 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 08 Jan 2025 14:00:00 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ ब्यूरो: Mahakumbh 2025:&nbsp;हिंदू धर्म में कुंभ मेले का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि करोड़ों वर्ष पहले देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान अमृत कुंभ निकला था, उसके अम ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p style="text-align: left; "><span style="font-weight: bolder;"><span style="font-size: 1rem; text-align: justify;">ब्यूरो: Mahakumbh 2025</span><span style="font-size: 1rem;">:&nbsp;</span></span>हिंदू धर्म में कुंभ मेले का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि करोड़ों वर्ष पहले देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान अमृत कुंभ निकला था, उसके अमृत की कुछ बूंदें पृथ्वी पर गिर गई थीं। इन्हीं स्थानों पर हर 12 सालों में कुंभ मेले का आयोजन होता है। प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक ये चार प्रमुख स्थान हैं, जहां कुंभ का आयोजन होता है। इस वर्ष महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; "><b>महाकुंभ का अमृत कुंभ से क्या है संबंध&nbsp;&nbsp;</b></p><p style="text-align: justify; ">पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कुंभ लेकर आए थे, तब देवताओं और दानवों के बीच अमृत प्राप्ति के लिए संघर्ष छिड़ गया। भगवान विष्णु ने इस संघर्ष को रोकने और अमृत को सुरक्षित रखने के लिए मोहिनी का रूप धारण किया। उन्होंने अमृत कलश को सुरक्षित रखने के लिए इंद्रदेव के पुत्र जयंत को सौंपा। जयंत अमृत कुंभ को लेकर आकाश मार्ग से चले, लेकिन दानवों ने उनका पीछा किया। इस दौरान अमृत की कुछ बूंदें पृथ्वी पर गिर गईं। ये बूंदें प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर, हरिद्वार में गंगा नदी में, उज्जैन में क्षिप्रा नदी में और नासिक में गोदावरी नदी में गिरीं। इन्हीं स्थानों पर कुंभ मेले की परंपरा शुरू हुई।</p><p style="text-align: justify; ">&nbsp;&nbsp;</p><p style="text-align: justify; ">कुंभ मेला हर 12 साल में आयोजित होता है और हर 6 साल में अर्धकुंभ का आयोजन किया जाता है। कुंभ स्नान का महत्व हिंदू धर्मग्रंथों में विस्तार से वर्णित है। मान्यता है कि कुंभ में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, कुंभ मेला आध्यात्मिक ज्ञान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। यहां कई आध्यात्मिक और धार्मिक सभाएं आयोजित होती हैं, जिनमें साधु-संतों के प्रवचन, योग साधना और विभिन्न अनुष्ठान शामिल होते हैं।</p><p style="text-align: justify; "><br></p><p style="text-align: justify; ">अस्वीकरण: ये सामग्री लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए पीटीसी यूपी जिम्मेदार नहीं है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Mahakumbh 2025: महाकुंभ का अमृत कुंभ से है खास संबंध, जानें पौराणिक कथा ]]></media:description></item></channel></rss>