<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><rss xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/'  version='2.0'><channel><title>PTC NEWS Religion</title><link>https://up.ptcnews.tv</link><lastBuildDate><![CDATA[Sun, 12 Apr 2026 00:38:50 +0530 ]]></lastBuildDate><language>en</language><image><title>PTC NEWS Religion</title><url>https://ptcnews-wp.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2022/07/ptcnews-logo.jpg</url><link>https://up.ptcnews.tv</link></image><description>PTC News provide the latest Punjab news and top stories from across Punjab Find Punjab news headlines, photos, videos, photo gallery and political issues.</description><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/nation/kedarnath-dham-yatra-2026-gates-open-april-22-latest-news-in-hindi-4389864 ]]></guid><title><![CDATA[ Kedarnath Dham Yatra 2026 :  शिव भक्तों के लिए खुशखबरी, जल्द खुलेंगे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के द्वार ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/nation/kedarnath-dham-yatra-2026-gates-open-april-22-latest-news-in-hindi-4389864 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 15 Feb 2026 16:42:16 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Kedarnath Dham Yatra 2026 : शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ के द्वार अप्रैल में खुलने वाले हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा ओखीमठ स्थित शीतकालीन रिसॉर्ट ओंकारेश्वर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>Kedarnath Dham Yatra 2026 : </b>शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ के द्वार अप्रैल में खुलने वाले हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा ओखीमठ स्थित शीतकालीन रिसॉर्ट ओंकारेश्वर मंदिर में एक समारोह के साथ की गई। तारीख की घोषणा होते ही देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।</span><br></p><p><br></p><p>इस वर्ष टी. गंगाधर लिंगा को मुख्य पुजारी का दायित्व सौंपा गया है। परंपरागत रूप से, पूजा दक्षिण भारत के रावल पुरोहितों द्वारा संपन्न की जाती है। दर्शन के लिए पंजीकरण की तिथि घोषित होने के बाद से ही इसमें तेजी आ गई है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिरों के द्वार कब खुलेंगे?</b></p><p><br></p><p>मंदिर समिति के अनुसार, शुभ वंग चरत के दौरान बुधवार, 22 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे केदारनाथ मंदिर के द्वार खुलेंगे। इसके साथ ही छह महीने लंबी केदारनाथ यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ होगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।</p><p><br></p><p>केदारनाथ के बाद, बद्रीनाथ धाम के द्वार 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे। इसकी घोषणा बसंत पंचमी के दिन ही कर दी गई थी। गंगोत्री और यमुनात्री मंदिर अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। दोनों मंदिरों के खुलने का शुभ समय जल्द ही साझा किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं</b></p><p><br></p><p>राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने चारधाम यात्रा की तैयारियों में तेज़ी ला दी है। सड़कों की स्थिति सुधारी जा रही है, सुरक्षा बढ़ाई जा रही है और पंजीकरण प्रणाली को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। होटलों और धर्मशालाओं के लिए अग्रिम बुकिंग भी शुरू हो गई है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक तीर्थयात्रा में भाग लेते हैं। इस बार भी अच्छी खासी भीड़ की उम्मीद है। श्रद्धालु अब केवल यही प्रार्थना कर रहे हैं कि मौसम अनुकूल रहे और यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हो।</p><div><br></div> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Kedarnath Dham Yatra 2026 :  शिव भक्तों के लिए खुशखबरी, जल्द खुलेंगे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के द्वार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/bharat-dwar-to-welcome-ram-devotees-in-ayodhya-4389819 ]]></guid><title><![CDATA[ अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/bharat-dwar-to-welcome-ram-devotees-in-ayodhya-4389819 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 30 Jan 2026 15:52:37 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, अयोध्या आने वाले राम भक्तों का हार्दिक अभिनंदन करने के लिए भरत द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। योगी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना में से एक यह भव्य प्रवेश द्वार अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग प ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>अयोध्या, </b>अयोध्या आने वाले राम भक्तों का हार्दिक अभिनंदन करने के लिए भरत द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। योगी सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना में से एक यह भव्य प्रवेश द्वार अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) गेट कॉम्प्लेक्स (टी०एफ०सी०) क्षेत्र में बनाया जा रहा है। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड की निर्माण इकाई द्वारा कार्य संपन्न किया जा रहा है।</p><p>&nbsp; &nbsp; भरत द्वार का निर्माण 4.410 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 2024.90 लाख रुपये है। वर्तमान में इस परियोजना का करीब 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अगले माह यानी फरवरी 2026 तक सभी निर्माण कार्यों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य है, और इसी माह के आस पास ही इसका लोकार्पण संभव है। यह द्वार अयोध्या नगरी में प्रवेश करने वाले राम भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए प्रथम स्वागत स्थल के रूप में कार्य करेगा, जहां भगवान राम के छोटे भाई भरत की भक्ति और मर्यादा का प्रतीकात्मक स्वागत होगा।</p><p><br></p><p><b>छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित बन रहे द्वार</b></p><p>योगी सरकार ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या को विश्व स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें अयोध्या से जुड़ने वाले प्रमुख छह मार्गों पर रामायण से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण शामिल है। इनमें राम द्वार, लक्ष्मण द्वार, शत्रुघ्न द्वार, भरत द्वार, सीता द्वार और हनुमान द्वार जैसे नाम शामिल हैं। अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित भरत द्वार इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह द्वार न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक होगा, बल्कि इसमें रामायण काल की थीम पर आधारित मूर्तियां, नक्काशी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी होंगी, जो आने वाले तीर्थयात्रियों को त्रेता युग की याद दिलाएंगी।</p><p><br></p><p><b>मंदिर निर्माण के बाद बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त</b></p><p>अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। लाखों-करोड़ों राम भक्त प्रतिदिन दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में शहर के प्रवेश द्वारों को भव्य बनाने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। भरत द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक मजबूत कदम है। भरत जी की राम भक्ति की मिसाल को जीवंत करते हुए यह द्वार राम भक्तों का भावनात्मक रूप से अभिनंदन करेगा।</p><p><br></p><p><b>आस पास बुनियादी सुविधाएं भी की जा रहीं विकसित</b></p><p>पर्यटन विभाग की इस परियोजना में स्थानीय कारीगरों, वास्तुकारों और इंजीनियरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि परंपरागत भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम हो सके। (मैनुदीनपुर प्रयागराज मार्ग) क्षेत्र में चल रहे इस कार्य से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। निर्माणाधीन द्वार के आसपास हरित क्षेत्र, पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा मिलेगी।</p><p><br></p><p><b>जानिए, क्या कार्य हुआ क्या बाकी</b></p><p>दो गेट, रोड, सीवर, ड्रेनेज व सिंचाई लाइन रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बाउण्ड्रीवाल, फायर फाइटिंग, ईएसएस का कार्य पूरा हो गया है।&nbsp;<span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">वहीं एसटीपी का 85 प्रतिशत,&nbsp; यूजीटी का 90 प्रतिशत, पार्किंग का 80 प्रतिशत, आन्तरिक विद्युतीकरण का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अयोध्या में राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/the-magh-mela-held-on-the-banks-of-the-triveni-river-concluded-with-a-successful-basant-panchami-bathing-festival-356-crore-people-took-a-holy-dip-breaking-a-decades-old-record-4389797 ]]></guid><title><![CDATA[ त्रिवेणी के तट पर लगे माघ मेले का बसंत पंचमी स्नान पर्व सकुशल संपन्न, 3.56 करोड़ ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/the-magh-mela-held-on-the-banks-of-the-triveni-river-concluded-with-a-successful-basant-panchami-bathing-festival-356-crore-people-took-a-holy-dip-breaking-a-decades-old-record-4389797 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sat, 24 Jan 2026 12:08:13 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रयागराज,&nbsp;&nbsp;प्रयागराज में पावन त्रिवेणी के तट पर आयोजित माघ मेले के चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी पर पुण्य की डुबकी लगाने वालों का जन सैलाब उमड़ा । सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से मा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>प्रयागराज,&nbsp;</b>&nbsp;<span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">प्रयागराज में पावन त्रिवेणी के तट पर आयोजित माघ मेले के चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी पर पुण्य की डुबकी लगाने वालों का जन सैलाब उमड़ा । सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से माघ मेले में जहां श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>संगम में बसंत पंचमी के स्नान पर्व में 3.56 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं लगाई पुण्य की डुबकी, बना रिकॉर्ड</b></p><p>ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व बसंत पंचमी पर त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि बसंत पंचमी स्नान पर्व पर संगम में 3.56 करोड़ ने आस्था की डुबकी लगाई है। बसंत पंचमी में पुण्य स्नान के इस आंकड़े ने महाकुंभ 2025 की श्रद्धालुओं की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है। उनका यह भी कहना है कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं। संगम के घाटों पर उमड़ी आस्था की इस लहर से सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से श्रद्धालुओं में ऊर्जा का संचार हुआ है।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>शंकराचार्य सहित प्रमुख संतो ने भी किया पुण्य स्नान</b></p><p>माघ मेला के चौथे स्नान पर्व पर बसंत पंचमी पर कल्पवासियों सहित मेला क्षेत्र में साधना रत सभी प्रमुख संतो और धर्माचार्यो ने पुण्य की डुबकी लगाई।</p><p>पूर्वाम्नाय श्री गोवर्द्धनमठ - पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पूरी सादगी और आस्था के साथ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में पुण्य स्नान किया। इसके अलावा सभी दंडी स्वामी संतो, रामानंदी और रामानुजाचारी संतो ने भी बसंत पंचमी में गंगा और त्रिवेणी में पुण्य डुबकी लगाई। किन्नर अखाड़े के सदस्य भी पूरे उत्साह और भक्ति के साथ संगम तट पहुंचे और बसंत पंचमी का पुण्य स्नान किया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सीएम योगी ने श्रद्धालुओं को दी बधाई</b></p><p>माघ मेले के बसंत पंचमी स्नान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है।&nbsp;<span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी में पुण्य स्नान का सौभाग्य प्राप्त कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। पावन संगम में 'आस्था की डुबकी' सभी के लिए शुभ-फलदायी हो, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों, माँ गंगा से यही प्रार्थना है।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ त्रिवेणी के तट पर लगे माघ मेले का बसंत पंचमी स्नान पर्व सकुशल संपन्न, 3.56 करोड़ ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/nation/crowds-of-devotees-gathered-to-visit-mata-vaishno-devi-on-new-year-board-imposed-restrictions-on-registration-4389696 ]]></guid><title><![CDATA[ Mata Vaishno Devi Yatra : नव वर्ष पर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बोर्ड ने पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाया, जानिए कारण ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/nation/crowds-of-devotees-gathered-to-visit-mata-vaishno-devi-on-new-year-board-imposed-restrictions-on-registration-4389696 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 01 Jan 2026 11:59:14 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ Mata Vaishno Devi Yatra : नव वर्ष के अवसर पर देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है। इसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की स ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>Mata Vaishno Devi Yatra :</b> नव वर्ष के अवसर पर देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है। इसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि तीर्थयात्रा मार्गों पर विभिन्न स्थानों पर इतनी भीड़ जमा हो गई है कि कई जगहों पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची है। लगातार बढ़ती भीड़ न केवल श्रद्धालुओं के लिए परेशानी खड़ी कर रही है, बल्कि प्रशासन के लिए भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती बन गई है।</span><br></p><p><br></p><p><b>पंजीकरण पर अस्थायी प्रतिबंध</b></p><p><br></p><p><br></p><p>इन परिस्थितियों को देखते हुए, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भारी भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, बोर्ड ने माता वैष्णो देवी यात्रा के लिए नए पंजीकरण अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए हैं। यह प्रतिबंध 1 जनवरी की सुबह तक प्रभावी रहेगा।</p><p><br></p><p>इस अवधि के दौरान नए तीर्थयात्रियों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा ताकि पहले से पंजीकृत और तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को बिना किसी बाधा के दर्शन की सुविधा मिल सके। यह स्थिति न केवल वैष्णो देवी में बल्कि नव वर्ष के कारण देश भर के लगभग सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर देखी जा रही है। जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।</p><p><br></p><p><b>नव वर्ष की पूर्व संध्या पर हर जगह धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ती है</b></p><p>इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मनाली और शिमला में भी रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। उत्तराखंड के नैनीताल में प्रशासन के लिए यातायात और भीड़भाड़ एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। धार्मिक स्थलों की बात करें तो, उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन, अयोध्या और काशी से लेकर ओडिशा के जगन्नाथपुरी, गुजरात के द्वारका, मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर और महाराष्ट्र के शिरडी तक, लगभग हर प्रमुख तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।</p><p><br></p><p>- पीटीसी समाचार</p><div><br></div> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ Mata Vaishno Devi Yatra : नव वर्ष पर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बोर्ड ने पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाया, जानिए कारण ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/crowds-gathered-at-many-religious-places-including-the-holy-city-of-kashi-to-welcome-the-new-year-4389691 ]]></guid><title><![CDATA[ नए साल के स्वागत के लिए धर्मनगरी काशी सहित कई धार्मिक स्थलों पर भीड़ ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/crowds-gathered-at-many-religious-places-including-the-holy-city-of-kashi-to-welcome-the-new-year-4389691 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 31 Dec 2025 12:18:14 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ नए साल (2026) के स्वागत के लिए धर्मनगरी काशी वाराणसी और अयोध्या पूरी तरह तैयार हैं। जानकारी के अनुमान 1 जनवरी को इन दोनों शहरों में करीब 10 से 15 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। भीड़ को नियंत्रि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">नए साल (2026) के स्वागत के लिए धर्मनगरी काशी वाराणसी और अयोध्या पूरी तरह तैयार हैं। जानकारी के अनुमान 1 जनवरी को इन दोनों शहरों में करीब 10 से 15 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 3 किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग और सुरक्षा का 'चक्रव्यूह' तैयार किया है।</span><br></p><p><br></p><p><b>काशी विश्वनाथ धाम: गोदौलिया से मंदिर तक सुरक्षा कवच</b></p><p><br></p><p>वाराणसी में नए साल पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए गोदौलिया से मैदागिन और दशाश्वमेध घाट तक अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।</p><p>वहीं इस दौरान श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित करने के लिए गोदौलिया चौराहे से लेकर मंदिर के प्रवेश द्वार तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी ज़िग-ज़ैग बैरिकेडिंग की गई है। इससे भीड़ का दबाव एक जगह नहीं बढ़ेगा।</p><p><br></p><p>साथ ही इस दौरान 31 दिसंबर की शाम से ही गोदौलिया-मैदागिन मार्ग को पूरी तरह से 'नो व्हीकल ज़ोन' घोषित कर दिया गया है। मैदागिन और टाउन हॉल के पास बड़े होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहाँ दर्शनार्थियों को रुक-रुक कर आगे भेजा जाएगा।</p><p><br></p><p><b>अयोध्या: राम पथ और धर्म पथ पर सख्त पहरा</b></p><p><br></p><p>राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में यह दूसरा बड़ा नया साल है। राम लला के दर्शन के लिए यहाँ रिकॉर्ड भीड़ जुटने की उम्मीद है। मुख्य मार्ग 'राम पथ' पर 2 किलोमीटर से अधिक लंबी बैरिकेडिंग लगाई गई है ताकि लोग सीधे सड़क पर न आएं।वहीं भीड़ को देखते हुए राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। आरती के समय भी श्रद्धालुओं के प्रवाह को नियंत्रित रखा जाएगा। जिसको लेकर अयोध्या को 5 सेक्टरों में बांटा गया है। मंदिर परिसर की सुरक्षा में ATS और CRPF के साथ स्थानीय पुलिस की 10 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है</b></p><p><br></p><p>काशी के घाटों और अयोध्या के सरयू तट पर 24 घंटे ड्रोन से निगरानी की जाएगी।</p><p>स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे हजारों कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।</p><p>जो श्रद्धालु कतार में दूर खड़े होंगे, उनके लिए जगह-जगह बड़ी LED स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि वे लाइव दर्शन कर सकें।</p><p>भारी भीड़ में बिछड़ने वालों की मदद के लिए 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' और सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।</p><p><br></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ नए साल के स्वागत के लिए धर्मनगरी काशी सहित कई धार्मिक स्थलों पर भीड़ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/the-second-anniversary-of-the-installation-of-shri-ram-lalla-will-be-celebrated-on-december-31-4389673 ]]></guid><title><![CDATA[ 31 दिसंबर को मनाई जाएगी श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/the-second-anniversary-of-the-installation-of-shri-ram-lalla-will-be-celebrated-on-december-31-4389673 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 26 Dec 2025 18:35:21 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आगामी 31 दिसंबर 2025 को श्रद्धा, भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई जाएगी। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2 ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>अयोध्या, </b>रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आगामी 31 दिसंबर 2025 को श्रद्धा, भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई जाएगी। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी, लेकिन वर्षगांठ का निर्धारण हिंदू पंचांग के अनुसार किया जा रहा है। इसी परंपरा के तहत पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई गई थी। दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत 27 दिसंबर 2025 से होगी। मुख्य समारोह 31 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जबकि पूजन-अनुष्ठान और अन्य धार्मिक कार्यक्रम 2 जनवरी 2026 तक चलते रहेंगे। इस भव्य आयोजन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।</p><p><br></p><p>पूजन-अनुष्ठान जगद्गुरु मध्वाचार्य जी की देखरेख में संपन्न कराए जाएंगे। कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत 29 दिसंबर से सांस्कृतिक आयोजनों की शुरुआत होगी, जिसमें विविध धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुव्यवस्थित आवागमन को ध्यान में रखते हुए अंगद टीला तक पहुंचने के लिए सुग्रीव पथ से आने-जाने की व्यवस्था की गई है।इसी क्रम में 31 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण भी करेंगे। वे प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ उपस्थित रहेंगे।</p><p><br></p><p>श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल जी ने आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में इन कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रामनगरी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत और सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ 31 दिसंबर को मनाई जाएगी श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/history-is-made-only-by-those-who-have-the-spirit-of-sacrifice-and-renunciation-in-their-hearts-chief-minister-4389671 ]]></guid><title><![CDATA[ इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव होः मुख्यमंत्री ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/history-is-made-only-by-those-who-have-the-spirit-of-sacrifice-and-renunciation-in-their-hearts-chief-minister-4389671 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 26 Dec 2025 17:46:18 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, धर्म रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सुपुत्रों की स्मृति में वीर बाल दिवस एवं श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर शुक्रवार को आयोजित कीर्तन समागम क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ, </b>धर्म रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सुपुत्रों की स्मृति में वीर बाल दिवस एवं श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर शुक्रवार को आयोजित कीर्तन समागम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव हो। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने स्वदेश और स्वधर्म के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की जो परंपरा स्थापित की, वही हमारी प्रगति का मार्ग है।</p><p><br></p><p>वीर बाल दिवस के अवसर पर शबद पाठ और कीर्तन समागम का आयोजन मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की शुरुआत में गुरु ग्रंथ साहिब को माथे लगाकर प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने शबद कीर्तन और साहिबज़ादों के अमर बलिदान की गाथा को सुना। कीर्तन पाठ करने वाले बच्चों को पटका पहनाकर और पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने ‘छोटे साहिबज़ादे’ नाम की पुस्तिका का विमोचन भी किया।</p><p><br></p><p>उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद&nbsp; सिंह जी के साहिबज़ादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाना, उनके स्वधर्म और स्वदेश के प्रति अमर बलिदान को नमन करने का अवसर है। उन्होंने प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने देशभर के सिख समाज की भावना को स्वीकार करते हुए इस दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास भारत में भक्ति और शक्ति का इतिहास है। गुरु नानक देव जी ने सिख धर्म की जो अलख जगाई, उसके प्रचार-प्रसार के लिए देश के कोने-कोने में गए। गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद&nbsp; सिंह जी ने अपने त्याग और बलिदान से इसे अनुकरणीय बनाया।</p><p><br></p><p>शबद कीर्तन समागम में मुख्यमंत्री ने सिख गुरुओं की परंपरा, उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस का 350वां वर्ष मनाया जा रहा है और मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे कई बार उनके शहीदी दिवस के कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला। यह विशेष संयोग था कि जिस समय हम गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे, उसी दिन 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।&nbsp;</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के हर स्कूल, कॉलेज और कार्यालय में वीर बाल दिवस के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं तथा साहिबज़ादों की गाथाएं पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं, ताकि नई पीढ़ी को बलिदान की प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव होता है। सिख धर्म की लंगर परंपरा सामाजिक समरसता का उदाहरण है, जहाँ किसी की जाति या धर्म नहीं पूछा जाता। गुरु गोबिंद&nbsp; सिंह जी ने समाज को एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य किया।</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद&nbsp; सिंह जी महाराज, माता गुजरी देवी, बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस प्रत्येक भारतीय युवा के लिए प्रेरणा का दिन है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के आयोजनों में डबल इंजन सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में आनंद साहिब का पाठ और अरदास हुई। इसके बाद वह मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ एवं असीम अरुण के साथ लंगर में भी सम्मिलित हुए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव होः मुख्यमंत्री ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/the-arrival-of-the-golden-lord-ram-in-ayodhya-this-magnificent-statue-is-studded-with-diamonds-and-jewels-worth-crores-4389656 ]]></guid><title><![CDATA[ अयोध्या में 'स्वर्णमयी' श्रीराम का आगमन, करोड़ों के हीरे-जवाहरात से जड़ी है ये भव्य प्रतिमा ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/the-arrival-of-the-golden-lord-ram-in-ayodhya-this-magnificent-statue-is-studded-with-diamonds-and-jewels-worth-crores-4389656 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Dec 2025 15:44:02 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या: राम नगरी अयोध्या में एक बार फिर भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 23 दिसंबर को भगवान श्री राम की एक अत्यंत दुर्लभ और कीमती प्रतिमा अयोध्या पहुंची, जिसे देखकर हर कोई ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>अयोध्या: </b>राम नगरी अयोध्या में एक बार फिर भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 23 दिसंबर को भगवान श्री राम की एक अत्यंत दुर्लभ और कीमती प्रतिमा अयोध्या पहुंची, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध है। सोने से बनी और बेशकीमती हीरे-रत्नों से जड़ी यह प्रतिमा कर्नाटक से एक विशेष वाहन के जरिए लाई गई है। लगभग 5 कुंतल (500 किलो) वजनी इस प्रतिमा की अनुमानित कीमत 25 से 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है।</span><br></p><p><br></p><p><b>कर्नाटक के शिल्पकारों की अद्भुत कलाकृति</b></p><p><br></p><p>यह दिव्य प्रतिमा दक्षिण भारतीय शिल्प कला और प्रसिद्ध तंजावुर शैली का एक उत्कृष्ट नमूना है। इसे बेंगलुरु की प्रसिद्ध कलाकार जयश्री फनीश ने तैयार किया है। खबरों के अनुसार, इस भव्य कलाकृति को बनाने में लगभग 9 महीने यानी करीब 2,800 घंटों का समय लगा है। इसे उडुपी के पेजावर मठ के स्वामी विश्व प्रसन्ना तीर्थ की प्रेरणा से उनके शिष्यों द्वारा प्रभु श्री राम को भेंट स्वरूप भेजा गया है।</p><p><br></p><p class="p1" style="margin-right: 0px; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; font-variant-numeric: normal; font-variant-east-asian: normal; font-variant-alternates: normal; font-kerning: auto; font-optical-sizing: auto; font-feature-settings: normal; font-variation-settings: normal; font-stretch: normal; font-size: 12px; line-height: normal; font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;; color: rgb(0, 0, 0);">&lt;iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=476&amp;href=https://www.facebook.com/reel/1430037451804986/&amp;show_text=false&amp;width=267&amp;t=0" width="267" height="476" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowfullscreen="true" allow="autoplay; clipboard-write; encrypted-media; picture-in-picture; web-share" allowFullScreen="true"&gt;&lt;/iframe&gt;<span class="Apple-converted-space">&nbsp;</span></p><p class="p1" style="margin-right: 0px; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; font-variant-numeric: normal; font-variant-east-asian: normal; font-variant-alternates: normal; font-kerning: auto; font-optical-sizing: auto; font-feature-settings: normal; font-variation-settings: normal; font-stretch: normal; font-size: 12px; line-height: normal; font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;; color: rgb(0, 0, 0);"><span class="Apple-converted-space"><br></span></p><p class="p1" style="margin-right: 0px; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; font-variant-numeric: normal; font-variant-east-asian: normal; font-variant-alternates: normal; font-kerning: auto; font-optical-sizing: auto; font-feature-settings: normal; font-variation-settings: normal; font-stretch: normal; font-size: 12px; line-height: normal; font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;; color: rgb(0, 0, 0);"><span class="Apple-converted-space"><br></span></p><p class="p1" style="margin-right: 0px; margin-bottom: 0px; margin-left: 0px; font-variant-numeric: normal; font-variant-east-asian: normal; font-variant-alternates: normal; font-kerning: auto; font-optical-sizing: auto; font-feature-settings: normal; font-variation-settings: normal; font-stretch: normal; font-size: 12px; line-height: normal; font-family: &quot;Helvetica Neue&quot;; color: rgb(0, 0, 0);"><span class="Apple-converted-space"><br></span></p><p><b>हीरे, पन्ने और माणिक्य से चमक रहे हैं 'रामलला'</b></p><p><br></p><p>इस प्रतिमा की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 24 कैरेट सोने के वर्क के साथ-साथ शुद्ध हीरे, माणिक्य (रूबी), पन्ना, मोती और मूंगा जैसे कई बहुमूल्य रत्नों का उपयोग किया गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक यह प्रतिमा लगभग 10 फीट ऊंची और 8 फीट चौड़ी है।वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, इस प्रतिमा को राम मंदिर परिसर में ही स्थित अंगद टीला पर, संत तुलसीदास मंदिर के समीप स्थापित करने का विचार है।</p><p><br></p><p><br></p><p><b>प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का विशेष अवसर</b></p><p><br></p><p>प्रतिमा का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ की तैयारियां चल रही हैं। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 31 दिसंबर को प्रतिष्ठा द्वादशी (दूसरी वर्षगांठ) मनाई जाएगी। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि स्वामी विश्व प्रसन्ना तीर्थ के अयोध्या आगमन के बाद इस प्रतिमा के अनावरण और स्थापना की तिथि पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, इस अद्भुत प्रतिमा को देखने के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अयोध्या में 'स्वर्णमयी' श्रीराम का आगमन, करोड़ों के हीरे-जवाहरात से जड़ी है ये भव्य प्रतिमा ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/safety-of-devotees-is-the-first-priority-in-magh-mela-roadmap-for-crowd-management-is-ready-4389655 ]]></guid><title><![CDATA[ माघमेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता, भीड़ प्रबंधन का रोडमैप तैयार ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/safety-of-devotees-is-the-first-priority-in-magh-mela-roadmap-for-crowd-management-is-ready-4389655 ]]></link><pubDate><![CDATA[Wed, 24 Dec 2025 14:13:28 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रयागराज,&nbsp; संगम किनारे लगने जा रहे माघ मेले में&nbsp; 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए आपदा प्रबंधन और उससे जुड़ी सभी सुरक्षा  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>प्रयागराज,&nbsp;</b> संगम किनारे लगने जा रहे माघ मेले में&nbsp; 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए आपदा प्रबंधन और उससे जुड़ी सभी सुरक्षा एजेंसियों&nbsp; ने सुरक्षा और प्रबंधन का रोड मैप तैयार कर लिया। अब इसे धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की जाएगी।&nbsp;</span><br></p><p>संगम तट पर 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के महा समागम माघ मेले में इस बार अब तक आयोजित सभी माघ मेलों से अधिक 12 से 15 करोड़ के बीच श्रद्धालुओं के त्रिवेणी के तट पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की इस संख्या को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए&nbsp; यूपी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और माघ मेला प्रशासन की सहयोगी एजेंसियों विचार-विमर्श किया और सुझाव रखे। न्यू कैंट में सदर स्थित कोबरा आडीटोरियम में दो दिवसीय सिंपोजियम एवं टेबलटॉप एक्सरसाइज मंगलवार को खत्म हुई। इसमें हुए संवाद हासिल हुए अनुभवों और निष्कर्षों को अब धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो रही है। यूपी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल ( सेवानिवृत)&nbsp; योगेंद्र डिमरी का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सभी एजेंसियों में समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।&nbsp;</p><p>कार्यक्रम के समापन पर हासिल हुए नोट्स को सामने रखते हुए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डिमरी ने कहा कि&nbsp;<span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">भीड़ प्रबंधन के लिए हमें होल्डिंग एरिया और चौराहों की उपलब्धता पर नजर रखनी होगी। भीड़ की गतिशीलता और जोखिम कारकों पर गौर करना होगा। सबसे कमजोर कड़ी को अच्छे से समझना होगा क्योंकि हम अपनी ताकत को तो समझते हैं लेकिन अक्सर अपनी सीमाओं और कमजोर कड़ी को भूल जाते हैं। सभी बिंदुओं पर विचार विमर्श के बाद अब इसके लिए मॉक ड्रिल और एक्सरसाइज करने होंगे। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बताया कि इन विषयों से जुड़ी बिंदुओं की मॉक ड्रिल और एक्सरसाइज 27 दिसंबर से शुरू हो रही है जिसमें अग्नि शमन और जल सुरक्षा जैसी तैयारियों को परखा जाएगा।</span></p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ माघमेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता, भीड़ प्रबंधन का रोडमैप तैयार ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/varanasi-transport-department-begins-preparations-for-magh-mela-news-4389626 ]]></guid><title><![CDATA[ वाराणसी परिवहन विभाग ने माघ मेले को लेकर शुरू की तैयारी, श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें  ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/varanasi-transport-department-begins-preparations-for-magh-mela-news-4389626 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 19 Dec 2025 12:36:12 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी,&nbsp;प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन के बाद योगी सरकार माघ मेले की तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है। प्रयागराज संगम में श्रद्धालु सुगमता से आस्था की डुबकी लगा सकें, इसके लिए सरकार पर ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>वाराणसी,&nbsp;</b><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन के बाद योगी सरकार माघ मेले की तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है। प्रयागराज संगम में श्रद्धालु सुगमता से आस्था की डुबकी लगा सकें, इसके लिए सरकार परिवहन, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर रही है। माघ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के वाराणसी परिक्षेत्र के 8 जिलों से तीन चरणों में 336 अतिरिक्त बसों का संचालन होगा, इनमें जनरथ ए.सी. बसें भी शामिल होंगी, खासतौर पर पूर्वांचल से प्रयागराज आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए योगी सरकार विशेष इंतजाम कर रही&nbsp; हैं।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">योगी सरकार सभी प्रमुख त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर यात्रियों की सरल और सुगम यात्रा का प्रबंध करती आ रही है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, वाराणसी के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र से माघ मेले के लिए तीन चरणों मे 336 बसों का संचालन यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार किया जायेगा। 50 बसें रिज़र्व मे रहेंगी। इसके अलावा कैंट और काशी डिपो की 3-3 जनरथ ऐ.सी बसे भी चलेंगी।&nbsp;</span><br></p><p><br></p><p><b>प्रथम चरण :</b>1 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक&nbsp; 215 बसें</p><p><br></p><p><b>द्वितीय चरण :</b> 14 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक – 330 बसें</p><p><br></p><p><b>तृतीय चरण : </b>31 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक – 215 बसें</p><p><br></p><p><br></p><p><b>रूटवार बसों का संचालन&nbsp;</b></p><p><br></p><p><b>क्रमांक--रूट का नाम---प्रथम -द्वितीय एवं तृतीय चरण में बसों की संख्या</b></p><p><br></p><p>1 -मछली शहर -झूसी -20-30 -20&nbsp;</p><p>2 -सुजानगंज -झूसी -15 -50 -15&nbsp;</p><p>3 -जौनपुर -झूसी -35-50-35&nbsp;</p><p>4 -बदलापुर -झूसी -35 -50 -35&nbsp;</p><p>5 -ज्ञानपुर -झूसी -5-15 -5&nbsp;</p><p>6 -वाराणसी-झूसी-65 -80 -65&nbsp;</p><p>7 -भदोही-झूसी -10 -10 -10&nbsp;</p><p>8 -गाजीपुर -झूसी -10 -20 -10&nbsp;</p><p>&nbsp;9 -चंदौली -झूसी -5 -15 -05&nbsp;</p><p>10 -रेनूकोट-राबर्ट्सगंज अरैल -15-10-15</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ वाराणसी परिवहन विभाग ने माघ मेले को लेकर शुरू की तैयारी, श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें  ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-adityanath-bowed-his-head-at-the-feet-of-ram-lalla-and-also-paid-his-respects-at-hanumangarhi-4389616 ]]></guid><title><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में भी लगाई हाजिरी ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-adityanath-bowed-his-head-at-the-feet-of-ram-lalla-and-also-paid-his-respects-at-hanumangarhi-4389616 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 16 Dec 2025 17:08:19 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। अयोध्या आगमन पर महापौर, जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">अयोध्या, </b><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। अयोध्या आगमन पर महापौर, जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री सुबह सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। जहाँ से वह सीधे हनुमानगढ़ी गए और संकटमोचन हनुमान के दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने उपस्थित आमजन का अभिवादन स्वीकार किया।</span></p><p>इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के श्रीचरणों में शीश झुकाकर श्रद्धा व्यक्त की और विधिवत पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।</p><p>मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर अयोध्या में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या के समग्र विकास और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की बात कही।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में भी लगाई हाजिरी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/for-the-first-time-in-the-history-of-magh-mela-the-logo-of-magh-mela-was-released-4389602 ]]></guid><title><![CDATA[ माघ मेले के आयोजन के इतिहास में पहली बार जारी हुआ माघ मेले का प्रतीक चिन्ह, सीएम के स्तर पर किया गया जारी ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/for-the-first-time-in-the-history-of-magh-mela-the-logo-of-magh-mela-was-released-4389602 ]]></link><pubDate><![CDATA[Fri, 12 Dec 2025 12:43:06 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ प्रयागराज,&nbsp;&nbsp;महाकुंभ-2025 के दिव्य और भव्य&nbsp; आयोजन के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब&nbsp; माघ मेला-2026 को भी अभूतपूर्व&nbsp; स्वरूप देने की तैयारी में है । इसी क्रम&nbsp; में माघ  ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>प्रयागराज,</b>&nbsp;<span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">&nbsp;महाकुंभ-2025 के दिव्य और भव्य&nbsp; आयोजन के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब&nbsp; माघ मेला-2026 को भी अभूतपूर्व&nbsp; स्वरूप देने की तैयारी में है । इसी क्रम&nbsp; में माघ मेले के दर्शन तत्व को उद्घाटित करता माघ मेले का प्रतीक चिन्ह जारी हुआ है। मुख्यमंत्री के स्तर से माघ मेले का यह लोगो जारी किया गया है।&nbsp;</span></p><p><br></p><p><b>माघ के माहात्म्य और ज्योतिषीय तत्वों का संयोजन</b></p><p><br></p><p>जारी किए गए लोगो में माघ मास में संगम किनारे जप,तप साधना और कल्पवास की महत्ता के साथ इस अवधि नक्षत्रों की अवस्थिति के आधार पर सप्त ऊर्जा चक्रों को स्थान दिया गया है। लोगो में अक्षय पुण्य का संचय साक्षी अक्षयवट, सूर्य देव और चंद्र देव की 27 नक्षत्रों के साथ की ब्रह्मांडीय यात्रा,&nbsp; श्री लेटे हुए हनुमान जी का दर्शन बोध कराता बड़े हनुमान जी का मंदिर, सनातन के विस्तार की प्रतीक सनातन पताका और संगम पर साइबेरियन पक्षियों की कलरव को ध्वनित करने वाला पर्यावरण बोध सभी का इसमें समावेश है।&nbsp; लोगो पर श्लोक "माघे निमज्जनं यत्र पापं परिहरेत् तत:" माघ के महीने में स्नान करने से सभी पाप मुक्ति का शंखनाद कर रहा है।&nbsp;</p><p><img src="https://ptcnews-up.s3.ap-south-1.amazonaws.com/wp-content/uploads/2025/12/cae470d2be1882ac76be580a6cad8d84_1280X720.webp" style="width: 1110.99px;"><br></p><p><b>अनुष्ठान और आध्यात्मिक साधना का योग</b></p><p><br></p><p>यह लोगो मेला प्राधिकरण द्वारा आबद्ध किए गए डिजाइन कंसल्टेंट अजय सक्सेना एवं प्रागल्भ अजय द्वारा डिजाइन किया गया जिसे मुख्यमंत्री के स्तर पर जारी किया गया है। जारी लोगो का दर्शन माघ महीने के सूर्य और चंद्र की स्थिति को भी उद्घाटित करता है। ज्योतिषाचार्य आचार्य हरि कृष्ण शुक्ला बताते हैं कि सूर्य एवं चंद्रमा की 14 कलाओं की उपस्थिति ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य, चंद्रमा एवं नक्षत्रों की स्थितियों को प्रतिबिंबित करता है जो प्रयागराज में माघ मेले का कारक बनता है।&nbsp; भारतीय ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा 27 नक्षत्रों की परिक्रमा लगभग 27.3 दिनों में पूर्ण करता है। माघ मेला इन्हीं नक्षत्रीय गतियों के अत्यंत सूक्ष्म गणित पर आधारित है। जब सूर्य मकर राशि में होता है और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा माघी या अश्लेषा-पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्रों के समीप होता है, तब माघ मास बनता है और उसी काल में माघ मेला आयोजित होता है। </p><p><br></p><p>इसी तरह चंद्रमा की 14 कलाओं का संबंध मानव जीवन, मनोवैज्ञानिक ऊर्जा और आध्यात्मिक साधना से माना गया है। माघ मेला चंद्र-ऊर्जा की इन कलाओं के सक्रिय होने का विशेष काल भी है। अमावस्या से पूर्णिमा की ओर चंद्रमा की वृद्धि (शुक्ल पक्ष) साधना की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। माघ स्नान की तिथियाँ चंद्र कलाओं के अत्यंत सूक्ष्म संतुलन पर चुनी जाती हैं। माघ महीने की ऊर्जा (शक्ति) अनुशासन, भक्ति और गहन आध्यात्मिक कार्यों से जुड़ी होती है क्योंकि यह महीना पवित्र नदियों में स्नान, दान, तपस्या और कल्पवास जैसे कार्यों के लिए विशेष माना जाता है। इस माह में किए गए कार्य व्यक्ति को निरोगी बनाते हैं और उसे दिव्य ऊर्जा से भर देते हैं।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ माघ मेले के आयोजन के इतिहास में पहली बार जारी हुआ माघ मेले का प्रतीक चिन्ह, सीएम के स्तर पर किया गया जारी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/after-the-grand-maha-kumbha-preparations-for-magh-mela-2026-are-in-the-final-stages-4389599 ]]></guid><title><![CDATA[ महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद माघ मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/after-the-grand-maha-kumbha-preparations-for-magh-mela-2026-are-in-the-final-stages-4389599 ]]></link><pubDate><![CDATA[Thu, 11 Dec 2025 13:57:51 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन के बाद अब राज्य सरकार माघ मेला-2026 को भी अभूतपूर्व, व्यवस्थित और सौंदर्यपूर्ण स्वरूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>लखनऊ, </b>महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन के बाद अब राज्य सरकार माघ मेला-2026 को भी अभूतपूर्व, व्यवस्थित और सौंदर्यपूर्ण स्वरूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। अभी हाल ही में मुख्य सचिव के समक्ष प्रतीक चिन्ह का अनावरण, सेक्टरवार रंग योजना और अवसंरचनात्मक सुधारों पर विशेष चर्चा हुई थी। इस बार अनुमानित है कि प्रयागराज में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम पर पवित्र स्नान करेंगे, जिनमें प्रतिदिन आने वाले लाखों कल्पवासी भी शामिल होंगे।</p><p><br></p><p><b>7 सेक्टर्स – 7 ऊर्जा चक्रों के रंग</b></p><p>पूरा मेला क्षेत्र रंग-समन्वित थीम पर आधारित होगा। हर सेक्टर एकरूपता का अनुभव कराएगा। मेले को सुसंगत और आकर्षक रूप देने के लिए सातों सेक्टर्स और सात पॉन्टून पुलों को "सात ऊर्जा चक्रों" के अनुरूप रंगों से सजाया जाएगा। हर सेक्टर की चहारदीवारी पर 3 फुट चौड़ी सीमांकन पट्टी बनाई जाएगी, जिससे मेले का आकार दृष्टिगत रूप से स्पष्ट, व्यवस्थित और सुंदर दिखाई देगा। सभी सेक्टर्स में उत्तर प्रदेश सरकार और माघ मेला-2026 का प्रतीक चिन्ह अंकित होगा।</p><p><br></p><p><b>चेंजिंग रूम होंगे अधिक सुविधाजनक</b></p><p>विभिन्न घाटों पर उपलब्ध चेंजिंग रूम भी सेक्टरवार रंग योजना के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। पहले की तुलना में दोगुनी क्षमता, रंग योजनाओं से मेल खाते हुए होंगे। अब 2 यूनिट में 2 के स्थान पर 4 लोग एक साथ सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। इससे भीड़ प्रबंधन अधिक सुचारू और सुविधाजनक होगा तथा मेले की एकरूपता कायम रहेगी।</p><p><br></p><p><b>पॉन्टून पुलों पर बढ़ेगी सौंदर्य और सुरक्षा दोनों</b></p><p>सातों पॉन्टून पुलों को इंद्रधनुषी सात रंगों से सजाया जाएगा। पुलों पर लगे लाइट, पोलों पर एलईडी लाइटें धार्मिक चिन्हों के साथ प्रदर्शित होंगी, जो दिन और रात दोनों समय आकर्षण का केंद्र रहेंगी। हर पुल पर रंग अनुरूप झंडे लगाए जाएंगे।यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलों पर कैनोपी का निर्माण किया जाएगा।</p><p><br></p><p><b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विश्वस्तरीय अनुभव देने पर फोकस</b></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि माघ मेला-2026 न केवल धार्मिक भावना का प्रतीक हो, बल्कि साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा सुविधाओं और आधुनिक अवसंरचना के मामले में भी देशभर के मेले आयोजनों के लिए एक आदर्श बने। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मेला प्रशासन श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, व्यवस्थित, आध्यात्मिक और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने में जुट गया है।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद माघ मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-adityanath-will-attend-the-fourth-edition-of-kashi-tamil-sangamam-4389579 ]]></guid><title><![CDATA[ काशी तमिल संगमम के चौथे संस्करण में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-adityanath-will-attend-the-fourth-edition-of-kashi-tamil-sangamam-4389579 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 02 Dec 2025 11:50:37 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ वाराणसी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी तमिल संगमम के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल होने हेतु 2 दिसंबर को वाराणसी पहुंचेंगे। उत्तर और दक्षिण भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने वाला यह महत्त् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>वाराणसी, </b>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी तमिल संगमम के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल होने हेतु 2 दिसंबर को वाराणसी पहुंचेंगे। उत्तर और दक्षिण भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने वाला यह महत्त्वपूर्ण आयोजन अब अपने चौथे संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को नमो घाट पर होगा।</span><br></p><p><br></p><p>उद्घाटन समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि, पुडुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाश नाथ सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थिति दर्ज कराएंगे। “तमिल करकलाम” यानी “तमिल सीखें” की थीम पर आधारित इस आयोजन में तमिलनाडु से 1400 से अधिक प्रतिनिधि काशी पहुंच रहे हैं। काशी और तमिलनाडु के पारंपरिक कलाकार संयुक्त प्रस्तुति देते हुए भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन समारोह के अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तथा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने भी जा सकते हैं।</p><p><br></p><p><b>कन्याकुमारी से रवाना हुआ छात्रों का दल, 2 दिसंबर को पहुंचेगा काशी</b></p><p><br></p><p>काशी तमिल संगमम में शामिल होने हेतु छात्रों का पहला दल शनिवार सुबह कन्याकुमारी से विशेष ट्रेन द्वारा रवाना हुआ। कन्याकुमारी से 43, तिरुचिरापल्ली से 86 तथा चेन्नई से 87 छात्र इस यात्रा में सम्मिलित हुए हैं। यह दल मंगलवार को काशी पहुंचकर भ्रमण के बाद शाम को नमो घाट पर आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करेगा।</p><p><br></p><p><b>डेलीगेट्स का काशी भ्रमण कार्यक्रम</b></p><p><br></p><p>तमिल संगमम 4.0 के डेलीगेट्स सर्वप्रथम हनुमान घाट पहुंचेंगे, जहाँ वे गंगा स्नान, दक्षिण भारतीय परंपरा से जुड़े मंदिरों में दर्शन-पूजन तथा इतिहास से संबंधित जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके उपरांत प्रतिनिधि श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे और मां अन्नपूर्णा रसोई में प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद सभी प्रतिनिधियों को बीएचयू ले जाया जाएगा, जहाँ वे एकेडमिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे और विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ काशी तमिल संगमम के चौथे संस्करण में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/better-facilities-will-be-provided-to-the-tourists-coming-to-magh-mela-4389576 ]]></guid><title><![CDATA[ माघ मेले में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान होंगी ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/better-facilities-will-be-provided-to-the-tourists-coming-to-magh-mela-4389576 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 01 Dec 2025 13:16:41 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, वर्ष 2025 में संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित दिव्य , भव्य और स्वच्छ कुंभ के सफल आयोजन को पूरी दुनिया ने सराहा।यूनेस्को द्वारा इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता प्रदान क ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, </b>वर्ष 2025 में संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित दिव्य , भव्य और स्वच्छ कुंभ के सफल आयोजन को पूरी दुनिया ने सराहा।यूनेस्को द्वारा इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आयोजन की भव्य सफलता के बाद अब संगम नगरी&nbsp; &nbsp;महाकुंभ के बात माघ मेला 2026 का इंतजार कर रही है। 3 जनवरी 2026 में आयोजित होने जा रहे आस्था के इस महा समागम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुमान को देखते हुए पर्यटन विभाग भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।&nbsp;</span><br></p><p><br></p><p><b>पहली बार माघ मेले में 04 अस्थाई पर्यटन सूचना केंद्र की स्थापना</b></p><p><br></p><p>महाकुंभ 2025 के दिव्य और भव्य आयोजन के बाद प्रयागराज को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है। पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी इसका संकेत दे रही है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि वर्ष 2020 में प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या 31933758 थी, जो&nbsp; 2021 में 11213496, वर्ष 2022 में 26047166, वर्ष 2023 में 50671622 , वर्ष 2024 में 5,12,6,2806 और 2025 जनवरी से सितंबर तक 68,21,50806 तक पहुंच गई। संगम नगरी में पर्यटकों की आई इस सूनामी से पर्यटन विभाग उत्साहित है। इस बार 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 44 दिन तक होने जा रहे माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम नगरी पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए माघ मेले में 04 अस्थाई सूचना पर्यटन केंद्र बनाए जा रहे हैं।&nbsp;</p><p><br></p><p><br></p><p><b>पर्यटन सूचना केंद्रों में मिलेंगी ये सुविधाएं</b></p><p><br></p><p>उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की तरफ से स्थापित जा रहे इन पर्यटन सूचना केंद्रों में प्रयागराज के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी की पुस्तिका हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। डिजिटल फॉर्मेट में भी इसे उपलब्ध कराया जायेगा। सूचना केंद्र में एक गाइड बुक भी होगी । पर्यटकों को टूरिज्म की जानकारी देने के लिए यहां पर एक प्रशिक्षित गाइड की सूची भी उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के ठहरने की जानकारी देने के लिए यहां पर रजिस्टर्ड पेइंग गेस्ट हाउस की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ माघ मेले में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान होंगी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/foreigners-will-attack-again-through-religious-conversion-and-drugs-we-have-to-remain-alert-and-vigilant-chief-minister-yogi-adityanath-4389575 ]]></guid><title><![CDATA[ धर्मांतरण व नशे के माध्यम से फिर प्रहार करेंगे विदेशी, हमें सतर्क व चैतन्य रहना होगा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/foreigners-will-attack-again-through-religious-conversion-and-drugs-we-have-to-remain-alert-and-vigilant-chief-minister-yogi-adityanath-4389575 ]]></link><pubDate><![CDATA[Sun, 30 Nov 2025 18:37:48 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ झज्जर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों के समक्ष दो बातें रखीं और समाज को चेताया। उन्होंने आगाह किया कि जब स्वर्णयुग आता है तो चैतन्य व सतर्क रहने की प् ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>झज्जर, </b>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों के समक्ष दो बातें रखीं और समाज को चेताया। उन्होंने आगाह किया कि जब स्वर्णयुग आता है तो चैतन्य व सतर्क रहने की प्रेरणा देता है। जब भारत का स्वर्णयुग आया था तब विदेशी हमले होने भी प्रारंभ हो गए थे। हमें फिर से सतर्क रहना होगा। आज भी धर्मांतरण व नशा के माध्यम से हमला होगा और इसके पीछे विदेशियों का हाथ होगा। कोई भी सनातन विरोधी कार्य स्वीकार नहीं होना चाहिए। भारत, विश्व मानवता और चराचर जगत की रक्षा के लिए सनातन धर्म की रक्षा आवश्यक है। सनातन तभी सुरक्षित रहेगा, जब हम एक रहेंगे। बंटना नहीं है, बंटेंगे तो कटेंगे। जब-जब बंटे हैं, तब-तब यही हुआ है। जाति, तुष्टिकरण, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटना नहीं है, बल्कि अयोध्या रामजन्मभूमि पर जैसे धर्मध्वजा फहरा रही है, वैसे ही एकजुट होकर भारत के सनातन धर्म की ध्वजा पताका हर सनातनी के घर पर लहराती दिखनी चाहिए।&nbsp;&nbsp;</span><br></p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ रविवार को कबलाना गांव में बाबा पालनाथ आश्रम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह व आठ मान का भव्य भंडारा में सम्मिलित हुए। यहां सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ, बाबा पालनाथ, उनके गुरु भाई व इस परिवार से जुड़े योगेश्वरों, शिव परिवार, बजरंग बली की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि देश में भारत की सोच के अनुरूप सरकारें हैं। हरियाणा में भी डबल इंजन सरकार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भी विकास के नए प्रतिमान को स्थापित करते हुए बढ़ रहा है। सीएम ने प्रार्थना की कि सुख-शांति का माहौल बने, लोग प्रगति करें और परिवार में खुशहाली आए।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>किसी न किसी रूप में नशे का कारोबार भारत में फैलाना चाहता है हमारा दुश्मन</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि नशा के खिलाफ प्रहार करना है। नशा कारोबारी व्यवस्था को खोखला बनाने का कार्य कर रहे हैं। नशा नाश का कारण है। यह सोचने का सामर्थ्य समाप्त कर देती है। हमें युवाओं, वर्तमान पीढ़ी व समाज को नशे से बचाना होगा। हमारा दुश्मन किसी न किसी रूप में नशा का कारोबार भारत में फैलाना चाहता है। सीमा पार से लगातार ऐसी शरारतें हो रही हैं। हम जाने-अनजाने इसकी चपेट में कतई न आने पाएं, वरना भावी पीढ़ी व भविष्य हमें माफ नहीं करेगा।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद, नशा के खिलाफ उठनी चाहिए आवाज</b></p><p>सीएम ने संतों व योगेश्वरों से अपील की कि हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद, नशा के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। जो वर्तमान को खोखला बना रहा हो और भावी पीढ़ी के भविष्य को अंधकार की तरफ धकेल रहा हो, उसे कतई बर्दाश्त नहीं करना है, बल्कि उसके खिलाफ अभियान चलाना होगा। सीएम ने कहा कि नाथ संप्रदाय के गृहस्थ योगी यहां सारंगी बजाकर अभिवादन कर रहे थे, यह नाथ सिद्धों व योगेश्वरों के जनजागरण का पुराना तरीका है। वे गांव-गांव जाकर जनजागरण पैदा करते थे। यह लोगों को समाज के अनुरूप आचरण करने, देखने, चलने, संकट से बचाने, समाज को संगठित करने का माध्यम था। पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में बड़े पैमाने पर यह कार्य होते थे।&nbsp;&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सनातन धर्म की परंपरा दुनिया में सबसे प्राचीन</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि भारत के सनातन धर्म की परंपरा दुनिया में सबसे प्राचीन है। इस परंपरा ने मानव को मानव बनाने और चराचर जगत के कल्याण का मार्ग अपनी साधना- सिद्धि के माध्यम से प्रशस्त किया था। अलग-अलग उपासना विधियां, पंथ व संप्रदाय के रूप में सनातन धर्म के अलग-अलग दर्शन व उससे उपजी ज्ञान की नई पद्धतियों का आधार रहा है। य़ह ज्ञान की विशिष्ट पद्धति को आगे बढ़ाने और समाज का मार्गदर्शन करने वाली है। व्यक्ति जिस प्रकृति का है, उसके अनुरूप साधना पद्धतियों का विकास व दर्शन देने की पद्धतियां रही हैं। सनातन धर्म की इसी गौरवशाली परंपरा में नाथ संप्रदाय का अपना योगदान है। इस परंपरा की शुरुआत ही आदिनाथ भगवान शिव से हुई है।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>पूरे देश में देखने को मिलती है भगवान शिव की उपासना</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि भारत के अंदर आदिनाथ भगवान शिव की उपासना निराकार ब्रह्म के प्रतीक के रूप में पूरे देश में (उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम) देखने को मिलती है। कैलाश में विराजमान कैलाशवासी भगवान शिव हों या रामेश्वरम में विराजमान भगवान रामेश्वर, यह सभी शिव के वे रूप हैं, जो भारत की एकात्मता का भी प्रदर्शन करते हैं। नाथ संप्रदाय के योगियों ने सनातन धर्म की इन्हीं शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 12 अलग-अलग उपपंथों के माध्यम से इसे सर्वसुलभ करने और अपने सिद्ध-योगेश्वरों व योगियों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>आपसी मिलन का अवसर प्रदान करता है भंडारा&nbsp;</b></p><p>सीएम योगी ने कबलाना गांव में आयोजित भंडारे में जमावड़ा देख इसे अद्भुत, अभिनंदनीय व अविस्मरणीय बताते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह भंडारा कार्यक्रम नाथ संप्रदाय की परंपरा में ईष्ट को स्मरण करने, कृतज्ञता ज्ञापित करने और आपसी मिलन का भी अवसर प्रदान करता है। सीएम ने कहाकि इस कार्यक्रम ने प्रयागराज महाकुम्भ का स्मरण करा दिया है। कबलाना गांव, झज्जर में भी आज दिव्य-भव्य ‘महाकुम्भ’ का दर्शन भी हो रहा है। ऐसे आयोजन आपस में मिलने, सनातन धर्म, नाथ के योगेश्वरों के शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार, योग, ध्यान व प्राणायाम के माध्यम से खुद स्वस्थ बनकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में दिए जाने वाले योगदान को जानने का अवसर है। सीएम ने कहा कि यहां मौजूद अधिकांश योगेश्वर एकांत में वास करने वाले हैं। यह आश्रम में एकांतिक साधना में लीन रहते हैं। यदा-कदा ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में रहते हैं।</p><p><br></p><p><b>धर्मध्वजा देता है संदेश, सम-विषम परिस्थितियों में सनातन धर्म अपनी पताका को ऊंचा रखेगा</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि सनातन की विजय कैसे आगे बढ़ती है, यह 25 नवंबर को देखा होगा। जब हम एक साथ सोचते, बोलते और चलते हैं तो उसका परिणाम भी ऐसे ही आता है। जहां धर्म होगा, वहां विजय होगी। अयोध्या धाम में पीएम मोदी के कर कमलों से श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य भगवा सनातनी ध्वज को फहराते हुए देखा होगा। मंदिरों पर फहराया गया ध्वज भारत के सनातन धर्म की परंपरा का प्रतीक है। य़ह केवल वस्त्र नहीं है, बल्कि आसमान की ऊंचाइयों को छूते हुए यह संदेश देता है कि सम-विषम परिस्थितियों में सनातन धर्म अपनी पताका को ऊंचा रखेगा। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्ष बाद यह अवसर आया था। 9 नवंबर 2019 को माननीय उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से फैसला दिया कि अयोध्या में जहां रामलला विराजमान हैं, वही प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि है और वहीं मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया।&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सत्य और धर्म का मार्ग हमेशा ऊंचा रहेगा, इसे कोई झुका नहीं सकेगा</b></p><p>सीएम योगी ने कहा कि पहली बार भारत के कोई प्रधानमंत्री (पीएम नरेंद्र मोदी) अयोध्या गए और अपने कर कमलों से प्रभु के मंदिर निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गत वर्ष वहां भगवान श्रीराम की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ, तब भी दुनिया ने भारत के गौरव का अनुभव किया। 25 नवंबर को अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में फहरी भगवा धर्मध्वजा सनातन के गौरव का प्रतीक बन गई है। यह भगवा धर्मध्वज को विश्व को संदेश दे रही है कि सत्य और धर्म का मार्ग हमेशा ऊंचा रहेगा, इसे कोई झुका नहीं सकेगा। धर्म की जय होगी। हमें विचलित हुए बिना पथ का अनुसरण करने को तैयार रहना होगा। भंडारा कार्यक्रमों के माध्यम से संत भी एकजुटता का यही संदेश देते हैं।&nbsp;</p><p><br></p><p>इस दौरान बाबा मस्तनाथ पीठ रोहतक के महंत व विधायक योगी बालक नाथ, महंत नरहरिनाथ जी महाराज, महंत चेताईनाथ जी महाराज, महंत राजनाथ जी महाराज, लहरनाथ जी महाराज, पूर्णनाथ जी महाराज, शेरनाथ जी, जटाईनाथ जी, कृष्णनाथ जी महाराज, समुद्रनाथ जी महाराज, विधायक सुनील सांगवान, उमेद पातुवास आदि मौजूद रहे।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ धर्मांतरण व नशे के माध्यम से फिर प्रहार करेंगे विदेशी, हमें सतर्क व चैतन्य रहना होगा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/ayodhya-became-devotional-at-the-moment-of-flag-hoisting-latest-news-4389553 ]]></guid><title><![CDATA[ ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/ayodhya-became-devotional-at-the-moment-of-flag-hoisting-latest-news-4389553 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 25 Nov 2025 14:42:18 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराए जाने के ऐतिहासिक क्षण ने संपूर्ण अयोध्या को भक्ति भाव से ओतप्रोत कर दिया। धर्मपथ सहित शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर जयघोष करते श्रद्धालु उमड़ पड़े और रा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">अयोध्या, </b><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराए जाने के ऐतिहासिक क्षण ने संपूर्ण अयोध्या को भक्ति भाव से ओतप्रोत कर दिया। धर्मपथ सहित शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर जयघोष करते श्रद्धालु उमड़ पड़े और राम नाम की गूंज से नगर भक्तिरस से सराबोर हो गया। लता मंगेशकर चौक पर हजारों की संख्या में भक्त एकत्रित होकर ध्वजारोहण का सीधा प्रसारण देखते रहे। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर शिखर पर धर्मध्वजा स्थापित की, उपस्थित जनसमूह भावविभोर होकर जय श्रीराम के उद्घोष में डूब गया।</span><br></p><p><br></p><p><b>श्रद्धालुओं में अपार उमंग, कहा त्रेता युग जैसा वैभव</b></p><p>अयोध्या के पड़ोसी जिलों सुल्तानपुर, बस्ती, अंबेडकर नगर और बाराबंकी सहित उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रावस्ती से आए राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि वह 17 नवंबर को ही अयोध्या पहुंच गए थे और आज स्वयं को अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी ने अयोध्या का गौरव वापस दिलाया है और शहर को स्वस्थ व सुंदर बनाया है। श्रावस्ती के ही विश्वनाथ जायसवाल ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कार्य ऐतिहासिक रहा है और मोदी-योगी ने वह किया है जो पूर्व में कोई नहीं कर सका।</p><p><br></p><p><b>सांस्कृतिक और भावनात्मक उत्सव में बदला समारोह</b></p><p>बिहार के गोपालगंज से हनुमान जी की वेशभूषा में पहुंचे एक रामभक्त ने अपने नृत्य और गायन से माहौल को भक्ति रस में रंग दिया। दिल्ली से आई श्रद्धालु महिलाएं मधु, धारणा, संतोष और पूजा ने कहा कि राम मंदिर परिसर पहुंचते ही उन्हें देवलोक जैसी अनुभूति हुई। संत रमाकांत शर्मा, जो पिछले 25 वर्षों से अयोध्या आते रहे हैं, ने कहा कि अयोध्या आधुनिक भी हुई है और अपनी त्रेतायुगीन झलक भी पा चुकी है। ढोल और मंजीरों के मधुर स्वरों के बीच संतों की टोली ने इस आयोजन को एक दिव्य सांस्कृतिक पर्व में परिवर्तित कर दिया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं रहा, बल्कि आस्था, इतिहास और आधुनिकता के संगम का जीवंत प्रतीक बनकर उदित हुआ, जिसमें अयोध्या ने अपनी आध्यात्मिक प्रतिष्ठा विश्व के सामने पुनः स्थापित की।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ ध्वजारोहण के क्षण भक्तिमय हुई अयोध्या, चारों दिशाओं में गूंजा जय श्रीराम ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/after-centuries-of-waiting-the-flag-of-dharma-was-hoisted-in-ayodhya-leaving-the-saint-community-overwhelmed-4389551 ]]></guid><title><![CDATA[ सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में धर्मध्वज का आरोहण, संत समाज भावविभोर ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/after-centuries-of-waiting-the-flag-of-dharma-was-hoisted-in-ayodhya-leaving-the-saint-community-overwhelmed-4389551 ]]></link><pubDate><![CDATA[Tue, 25 Nov 2025 14:08:59 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, सनातन परंपरा और आस्था के प्रतीक धर्मध्वज का आज राम मंदिर के शिखर पर प्रतिष्ठापन अयोध्या के संत समाज के लिए भावपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बन गया। 500 वर्षों की प्रतिक्षा, संघर्ष और तपस्या के उपरां ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>अयोध्या, </b>सनातन परंपरा और आस्था के प्रतीक धर्मध्वज का आज राम मंदिर के शिखर पर प्रतिष्ठापन अयोध्या के संत समाज के लिए भावपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बन गया। 500 वर्षों की प्रतिक्षा, संघर्ष और तपस्या के उपरांत प्रभु श्रीराम के दिव्य मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण केवल एक धार्मिक क्षण ही नहीं बल्कि सनातन आस्था की वैश्विक प्रतिष्ठा का साक्ष्य बन रहा है। अवधपुरी के संत समाज श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत होकर इस पल को सनातन गौरव का क्षण बता रहे हैं। वे इसे उस संघर्षपूर्ण यात्रा का फल मानते हैं जिसमें संतों, भक्तों और समाज ने सैकड़ों वर्षों में अदम्य धैर्य और आस्था का परिचय दिया।</p><p><br></p><p>साधु संतों का कहना है कि आज वह क्षण साकार हो रहा है जिसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पूर्व की थी। धर्म ध्वजा का आरोहण भारतवर्ष की आध्यात्मिक विरासत को और भी मजबूत करता है तथा संपूर्ण विश्व में सनातन आस्था की महिमा को प्रखरता से स्थापित करता है।</p><p><br></p><p>संत समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार मानता है। उनका कहना है कि डबल इंजन सरकार ने सनातन परंपराओं के संरक्षण और मंदिर संस्कृति के पुनरुद्धार का जो कार्य किया है वह देश की आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ कर रहा है। मठ मंदिरों का संवर्धन, धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और संतों के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण को नई दिशा प्रदान की गई है।</p><p><br></p><p>राम वैदेही मंदिर के प्रतिष्ठित संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धर्म की रक्षा और स्थापना के उद्देश्य से सतत संलग्न बताते हुए कहा कि वह केवल एक मुख्यमंत्री नहीं बल्कि धर्म परंपरा की रक्षा के प्रहरी हैं।</p><p><br></p><p>विवाह पंचमी के अवसर पर आयोजित इस प्रतिष्ठा समारोह में साधु संतों द्वारा प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व का पूजन अर्चन भी किया गया। संत समाज का विश्वास है कि यह क्षण भारत के उज्ज्वल भविष्य की आस्था को और अधिक मजबूत करेगा तथा सनातन समाज के आत्मगौरव का शंखनाद साबित होगा।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में धर्मध्वज का आरोहण, संत समाज भावविभोर ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/prime-minister-narendra-modi-will-hoist-the-flag-on-the-top-of-shri-ram-janmabhoomi-temple-4389550 ]]></guid><title><![CDATA[ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/prime-minister-narendra-modi-will-hoist-the-flag-on-the-top-of-shri-ram-janmabhoomi-temple-4389550 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Nov 2025 20:00:41 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ लखनऊ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे और मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। आयोजन के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदि ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;"><b>लखनऊ, </b>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे और मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। आयोजन के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए। उन्होंने वहां मंदिर परिसर में होने वाले आयोजन की तैयारियों को परखा और मंदिर प्रशासन व जनपद प्रशासन द्वारा की गईं तैयारियों का भी जायजा लिया।&nbsp;</span><br></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्यावासियों का अभिनंदन करते हुए वे श्री रामजन्मभूमि मंदिर जाएंगे। इसके पहले सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री सप्तमंदिर जाएंगे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में भी शीश झुकाएंगे। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर भी जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर भी जाएंगे। इसके बाद राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे।&nbsp;</span><br></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराएंगे। यह आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी पर श्रीराम और माँ सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त के साथ होगा। 10 फीट ऊँचा और 20 फीट लंबा समकोण वाले तिकोने झंडे का आरोहण किया जाएगा। जिस पर भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूरज की तस्वीर है। इस पर कोविदारा पेड़ की तस्वीर के साथ 'ॐ' लिखा है। पवित्र भगवा झंडा रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।</span><br></p><p><br></p><p>झंडा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिज़ाइन किया गया घेरा) मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए प्रसंग हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग रखे गए हैं।&nbsp;</p><p><br></p><p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए और यहां हुई तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही जनपदीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ]]></media:description></item><item><guid isPermaLink='true'><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/prime-minister-modi-will-install-the-dharma-flag-in-ayodhya-the-security-shield-will-be-impenetrable-4389549 ]]></guid><title><![CDATA[ अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षा कवच होगा अभेद्य ]]></title><link><![CDATA[ https://up.ptcnews.tv/uttar-pradesh/prime-minister-modi-will-install-the-dharma-flag-in-ayodhya-the-security-shield-will-be-impenetrable-4389549 ]]></link><pubDate><![CDATA[Mon, 24 Nov 2025 19:52:46 +0530 ]]></pubDate><description><![CDATA[ अयोध्या, श्रीराम मंदिर अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभूतपूर्व स्तर पर सुरक्षा घेरा ]]></description><content:encoded><![CDATA[ <p><b>अयोध्या, </b>श्रीराम मंदिर अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभूतपूर्व स्तर पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भारी पुलिस बल तथा विभिन्न विशेष इकाइयों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड टीमों तक का समन्वित प्रबंधन शामिल है।</p><p><br></p><p>सुरक्षा योजना के अंतर्गत उच्च पदस्थ अधिकारियों को रणनीतिक नेतृत्व के लिए तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्रीय अधिकारियों और निरीक्षकों की संख्या उल्लेखनीय है। सुरक्षा ड्यूटी के लिए पुलिस बल में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला आरक्षियों को नियुक्त किया गया है, जो भीड़ नियंत्रण, सर्चिंग, विस्फोटक की जांच सहित आपात प्रतिक्रिया जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। विशेष सुरक्षा इकाइयों के रूप में बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा निरीक्षण दल, ट्रैफिक प्रबंधन यूनिट, फायर यूनिट तथा रिस्पॉन्स टीम की जिम्मेदारी संवेदनशील बिंदुओं पर सुनिश्चित की गई है।&nbsp;</p><p><br></p><p>तकनीकी उपकरण जैसे माइंस टीम, बीडीएस यूनिट, एक्स-रे स्कैनिंग मशीन, सीसीटीवी मॉड्यूल, हाई रिस्पॉन्स वैन, पेट्रोलिंग यूनिट और एंबुलेंस यूनिट्स को भी नियुक्त किया गया है। विशेष जांच के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्शन डिवाइस, वाहन माउंटेड स्कैनर तथा बैगेज एक्सरे स्कैनर का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।</p><p>&nbsp;</p><p><br></p><p><b>सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस बल</b></p><p><br></p><p>विभिन्न परीक्षेत्रों से कुल 14 एसपी</p><p>कुल 30 एएसपी</p><p>कुल 90 डीवाईएसपी</p><p>कुल 242 इंस्पेक्टर (पुरुष)</p><p><br></p><p>उप निरीक्षक कुल 1060</p><p>महिला उप निरीक्षक कुल 80</p><p>पुरुष हेड कांस्टेबल कुल 3090</p><p>महिला हेड कांस्टेबल कुल 448</p><p><br></p><p><br></p><p><b>यातायात व्यवस्था के लिए तैनाती</b></p><p>कुल 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर&nbsp;</p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">कुल 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर</span></p><p>कुल 820 ट्रैफिक पुलिस के जवान&nbsp;</p><p><br></p><p><b>विशेष सुरक्षा इकाइयां</b></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">एटीएस कमांडो की कुल 02 टीम</span></p><p>एनएसजी स्नाइपर कुल 02 टीम</p><p>एंटी ड्रोन यूनिट कुल 01 टीम</p><p><br></p><p><br></p><p><b>धर्म ध्वज समारोह में सुरक्षा प्रबंधन का विवरण</b></p><p>एस्कॉर्ट 2 सेट, प्रत्येक में 3 कर्मी</p><p>एक्सेस कंट्रोल 16 सेट</p><p>एएस चेकिंग टीम 3 यूनिट</p><p>स्पाटर डिटेक्टिव ड्यूटी 15 यूनिट</p><p><br></p><p><b>बेयरर यूनिट 2 यूनिट</b></p><p>एंटी मोबाइल माइन्स टीम 01</p><p>बीडीडीएस 09 टीम</p><p>स्पॉट चेक टीम 15</p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">फायर ब्रिगेड 04</span><br></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">पायलट वाहन यूनिट 12</span><br></p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">डीएफएमडी 105</span></p><p>एचएचएमडी 380</p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">वाहन माउंटेड जैमर 01</span></p><p>नागरिक पुलिस कुल 5784</p><p>यातायात पुलिस 1186</p><p>ध्वजारोहण में लगे कुल सुरक्षा कर्मी 6970</p><p><br></p><p><br></p><p><b>ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक विजिलेंस</b></p><p><br></p><p>एटीएस टीम 2</p><p>कुल लगभग 90 तकनीकी सदस्य</p><p>एंटी ड्रोन सिस्टम 01</p><p>04 साइबर कमांडो</p><p><br></p><p><b>अतिरिक्त सुरक्षा बिंदु</b></p><p>पार्किंग प्रबंधन के लिए 38 कर्मी</p><p>भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियर मॉड्यूल</p><p>वीआईपी रूट और मंदिर परिसर सुरक्षा विशेष प्रोटोकॉल</p><p><span style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; font-size: 1rem;">रूट डायवर्जन पर पुलिस तैनाती</span></p><p>स्नाइपर और हाई ग्राउंड सर्विलााँस</p> ]]></content:encoded><media:description type='plain'><![CDATA[ अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षा कवच होगा अभेद्य ]]></media:description></item></channel></rss>