‘स्वर-साधना एवं शब्द-संवेदना’ में गूँजे भक्ति के स्वर और समकालीन कविता की संवेदना'

By  Atul Verma September 26th 2026 11:12 PM -- Updated: September 26th 2026 11:16 PM

चंडीगढ़, हिन्दी पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन  लिमिटेड (विपणन प्रभाग), पंजाब राज्य कार्यालय, चंडीगढ़ एवं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-11, चंडीगढ़ के हिन्दी विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में ‘स्वर-साधना एवं शब्द-संवेदना’ कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम में भजन-गायन एवं काव्य-पाठ प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।


कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. (डॉ.) रमा अरोड़ा के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इस अवसर पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी डॉ. जगजीत कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ. जगजीत कुमार का महाविद्यालय के हिन्दी विभाग से विशेष आत्मीय संबंध रहा है, क्योंकि वे इसी विभाग के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने हिन्दी भाषा के महत्व, राजभाषा के प्रयोग तथा विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति के विकास पर विचार व्यक्त किए।


प्राचार्या प्रो. (डॉ.) रमा अरोड़ा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और सृजनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने  विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि और आत्मविश्वास जगाने के लिए हिन्दी विभाग के निरंतर प्रयासों की सराहना की।


इससे पूर्व हिन्दी विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम ने अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्राध्यापकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि भजन के स्वर जहाँ आस्था और आत्मिक अनुभूति को अभिव्यक्ति देते हैं, वहीं कविता अपने समय की संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को स्वर प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता से अधिक अपनी प्रतिभा को पहचानने और मंच पर आत्मविश्वास के साथ अभिव्यक्त होने के लिए प्रेरित किया।


प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी गायन एवं काव्य-पाठ- प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भजन-गायन में मधुर स्वर और भक्तिभावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया, जबकि काव्य-पाठ में समसामयिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों तथा जीवन के विविध पक्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।


प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन हेतु आमंत्रित निर्णायक-मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति का विभिन्न मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया तथा प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।


परिणाम


भजन-गायन प्रतियोगिता -

प्रथम स्थान - नैन्सी, बी ए 2

द्वितीय स्थान- अनन्यासिंह, बी ए 2

तृतीय स्थान - कशिश, बी ए 1

काव्य-पाठ प्रतियोगिता -

प्रथम स्थान- अनन्या  सिंह, बी ए 2

द्वितीय स्थान - राघव, बी ए 3

तृतीय स्थान - चाँदनी, बी ए 1


कार्यक्रम के आयोजन में संयोजिका डॉ. नीतू बंसल एवं डॉ. निशा का विशेष योगदान रहा।


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