यूपी सरकार का कड़ा रुख, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में दर्ज हुई पहली एफआईआर

By  Dishant Kumar June 26th 2026 02:03 PM

लखनऊ/अयोध्या यूपी सरकार के सख्त रुख की वजह से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में 8 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी के प्रारम्भिक प्रतिवेदन में कठोर संस्तुतियां की गई हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। 

ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर  श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने गत मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ शासन को प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां हैं। इसके बाद ही गुरुवार को एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई अंजाम दी गई है। 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भेंट/चढ़ावा में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए SIT का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि SIT की निष्पक्ष जांच से 'दूध का दूध और पानी का पानी' होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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