मनीषा मित्तल हत्याकांड का पूरा खुलासा: भाई निकला मास्टरमाइंड, पार्टनर ने रची साजिश, सभी आरोपी गिरफ्तार

By  Dishant Kumar June 30th 2026 04:24 PM

Manisha Mittal murder case News In Hindi:  शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के समीप 13 जून 2026 को हुई मनीषा मित्तल की सनसनीखेज हत्या के मामले में जिला शिमला पुलिस ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड मृतका का सगा भाई हिमांक मित्तल था, जिसने अपने पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और दो शूटरों को वारदात अंजाम देने के लिए नियुक्त किया।

महज 39 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, घटना के तुरंत बाद मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच में पता चला कि दोनों शूटर हरियाणा से सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला आए थे। वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने महज 39 घंटे के भीतर हरियाणा के रोहतक से दोनों शूटर आशीष अहलावत और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली गईं।

संपत्ति विवाद को लेकर हुई हत्या

आगे की जांच में खुलासा हुआ कि मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जांच में पाया गया कि गोविंद ने हत्या में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराए पर ली थी और दोनों शूटरों को उपलब्ध करवाई थी। उसने आरोपी दीपक के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा, घटना से कुछ दिन पहले गोविंद, दीपक और आशीष अहलावत की लोकेशन भी शिमला में पाई गई।

वारदात के बाद गोविंद पुलिस से बचने के लिए फरार हो गया और विदेश चला गया। उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया था। लगातार तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने 28 जून 2026 को गोविंद (31), निवासी रोहतक, हरियाणा, को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में गोविंद ने स्वीकार किया कि मनीषा मित्तल की हत्या उसी ने करवाई थी।

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि हिमांक ही पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। उसने गोविंद के साथ मिलकर दोनों शूटरों को हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने 29 जून 2026 को रोहतक से हिमांक मित्तल (33) को भी गिरफ्तार कर लिया।

जिला शिमला पुलिस का कहना है कि लगातार प्रयासों, तकनीकी जांच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर इस चर्चित हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया गया है। मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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