आम बजट 2026-27 से उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: सीएम योगी

By  Dishant Kumar February 2nd 2026 08:17 PM

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आम बजट 2026-27 को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने जो विकास यात्रा तय की है, उसका प्रत्यक्ष लाभ अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। यह बजट रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन का संतुलित दस्तावेज है, जो नए भारत के निर्माण के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि आम बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगा।


रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन के संतुलन से सशक्त भारत की नींव

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन तीनों का संतुलित समावेश स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इन तीनों तत्वों को एक सूत्र में पिरोकर यह बजट आने वाली पीढ़ियों को जोड़ते हुए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करता है। यह बजट किसान, युवा, महिला और गरीब, सभी वर्गों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्वाभाविक रूप से, इसके माध्यम से देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की अपेक्षाओं और विकास जरूरतों को पूरा करने के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।


एमएसएमई सेक्टर में घोषणा का उत्तर प्रदेश को मिलेगा सर्वाधिक लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव डालने वाला पहलू एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश का नेतृत्व करता है और प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा एमएसएमई आधार है। वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से करीब तीन करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका और आर्थिक प्रगति से जुड़े हुए हैं। सीएम ने कहा कि यह फंड विशेष रूप से ओडीओपी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, जिसे उत्तर प्रदेश ने ब्रांडिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट से जोड़कर सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। बजट के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को नई तकनीक, स्किल ट्रेनिंग, आधुनिक पैकेजिंग और वैश्विक निर्यात बाजारों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। 


यूपी बनेगा कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का राष्ट्रीय हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड तैयार किए जाने की घोषणा की गई है, जो उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और विभिन्न प्रमुख सेक्टरों को नई गति देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के भीतर देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब विकसित हो रहा है। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार और रोजगार सृजन के रूप में उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगा। 


इनलैंड वाटरवे में यूपी की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

सीएम योगी ने कहा कि देश में घोषित 20 अंतर्देशीय जलमार्गों में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में देश का पहला इनलैंड वाटरवे वाराणसी से हल्दिया के बीच पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है, जबकि इनके विस्तार के लिए वाराणसी, प्रयागराज और यमुना नदी तक जलमार्ग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। कार्गो मूवमेंट को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिप रिपेयर एवं मेंटिनेंस इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में वाराणसी को मिलने वाला लाभ, उत्तर प्रदेश के इनलैंड वाटरवे नेटवर्क को और मजबूत करेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।


हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से मिलेगी विकास को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। इन हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के अंतर्गत ट्रेनों की गति 300 से 500 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी, जिससे प्रदेश को तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।


उत्तर प्रदेश में बायो-फार्मा सेक्टर की संभावनाएं हुईं सुदृढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के माध्यम से बायो-फार्मा सेक्टर में उत्तर प्रदेश की संभावनाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं। ललितपुर में लगभग 1,200 एकड़ क्षेत्रफल में बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जाने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, जबकि गौतम बुद्ध नगर के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्य भी अत्यंत उन्नत चरण में पहुंच चुका है। बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो भारत को वैश्विक फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। लखनऊ में होने वाले फार्मा कॉन्क्लेव में देशभर से प्रमुख स्टेक-होल्डर्स की भागीदारी स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश इस सेक्टर में निवेश, नवाचार और नई सुविधाओं के लिए पूरी तरह तैयार है।


डेटा सेंटर हब और ग्राम स्वराज से यूपी को डिजिटल व ग्रामीण विकास की दोहरी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा देंगे। प्रदेश में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 700 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित हो चुके हैं और इस सेक्टर में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। केंद्र सरकार द्वारा इस क्षेत्र के लिए आरक्षित की गई धनराशि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गई है, जिसका सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा। देश में सबसे अधिक ग्राम पंचायतें और बड़ी ग्रामीण आबादी, उत्तर प्रदेश में निवास करती है। प्रदेश में 1.05 लाख से अधिक राजस्व गांव मौजूद हैं, जो इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की अपार संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक मार्केटिंग नेटवर्क से जोड़ने में सहायक होगी, जिससे कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। 


थोड़ी सुविधा और सुरक्षा से हर केंद्र बन सकता है विश्वस्तरीय टूरिस्ट डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि सरकार बुनियादी सुविधाएं और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर दे, तो कोई भी धार्मिक या ऐतिहासिक केंद्र स्वतः ही विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बन सकता है। माघ मेले की अभूतपूर्व सफलता ने उत्तर प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा है। पहले माघ मेला केवल कल्पवासियों तक सीमित रहता था और इसमें लाखों श्रद्धालु आते थे, लेकिन इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 


पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम बजट 2026-27 में देशभर की 15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स को विकसित करने का प्रावधान किया गया है, जिनमें से दो महत्वपूर्ण स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं, सारनाथ (वाराणसी) और हस्तिनापुर (मेरठ)। इन ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के विकास से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इससे टूरिज्म सेक्टर और अधिक मजबूत होगा और उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को नई रफ्तार मिलेगी। 


सेमीकंडक्टर के नए हब के रूप में उभर रहा है उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम बजट में वित्त मंत्री द्वारा सेमीकंडक्टर पार्क की जो घोषणा की गई है, उसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा। प्रदेश को इस सेक्टर में पहले से ही कई बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और बजट में की गई घोषणा से इन प्रस्तावों को गति मिलेगी तथा उन्हें धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। इससे उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित होगा।


10 हजार टूरिस्ट गाइड होंगे प्रशिक्षित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देशभर में टूरिस्ट गाइड को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत 10,000 टूरिस्ट गाइडों का प्रशिक्षण एवं स्किल अपग्रेडेशन किया जाएगा। इस पहल से पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटन स्थलों की रैंकिंग भी जारी की गई है, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश के कई पर्यटन केंद्रों को विकसित किया जा रहा है। 


इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की मजबूत स्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने देश में एक अत्यंत मजबूत और अग्रणी स्थिति स्थापित की है। देश में होने वाले कुल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में होता है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की करीब 60 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग भी अब प्रदेश में हो रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम आकार ले चुका है। प्रदेश इस सेक्टर में नए स्वरूप में उभर रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार सृजन में प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए विशेष शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने बताया कि आम बजट में 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश में कुल 762 शहरी निकाय हैं, जिनमें से लगभग 200 अर्बन बॉडीज ऐसी हैं, जिनकी आबादी 5 लाख या उससे अधिक है। इनमें 17 नगर निगमों सहित कई नगर पालिकाएं शामिल हैं। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के शहरों में आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में सहायता मिलेगी, जिससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।


स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा विस्तार, जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम बजट के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस और प्रभावी पहल की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है। प्रदेश में लगभग 98 जिला-स्तरीय अस्पताल संचालित हैं। इन सभी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के लिए मिलने वाला सहयोग स्थानीय स्तर पर आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।


हर जनपद में इमरजेंसी-ट्रॉमा सेंटर, ‘गोल्डन आवर’ में बचेगी जान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट के माध्यम से प्रत्येक जनपद में इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर सेंटर खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अक्सर ‘गोल्डन आवर’ के दौरान ट्रॉमा सेंटर की अनुपलब्धता के कारण कई अनमोल जानें चली जाती हैं। यह पहल ऐसी अनावश्यक मृत्यु दर को कम करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी और दुर्घटना अथवा गंभीर स्थिति में आम नागरिकों को समय पर जीवन-रक्षक उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


खेल उद्योग और स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में ‘समर्थ’ नाम से नई योजना की घोषणा की गई है, जिससे खेल उद्योग और स्पोर्ट्स आइटम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश में ओडीओपी योजना के तहत मेरठ को स्पोर्ट्स आइटम मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि आगरा और कानपुर, लीडर क्लस्टर के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक रीजनल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना और निजी स्पोर्ट्स अकादमियों को प्रोत्साहन देकर प्रदेश को खेल एवं खेल आधारित उद्योगों का बड़ा हब बनाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए बताया कि केंद्र से राज्यों को मिलने वाले कर में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। प्रदेश की बड़ी आबादी को देखते हुए इस 17 प्रतिशत की बड़ी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पर आई है। स्वाभाविक रूप से यूपी को इसका लाभ मिलेगा।


आयुर्वेद के क्षेत्र में वाराणसी को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

उन्होंने कहा कि बजट में मेडिकल टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। देश में पांच ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना की घोषणा की गई है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश ने वाराणसी को प्रस्तावित किया है। भगवान धन्वंतरि की जन्मस्थली होने के कारण आयुर्वेद के क्षेत्र में वाराणसी को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। बीते आठ-नौ वर्षों में स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर में हुए व्यापक सुधार प्रदेश को हेल्थ टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।


मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में ‘भारत विस्तार' एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को उनकी अपनी भाषा में कृषि संबंधी जानकारी और योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा। वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए ‘शी-मार्ट’ की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से स्वयं सेवी महिला समूहों को उनके उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराया जा सकेगा। 


डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश को मिलेगा बढ़े बजट का सीधा लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत प्रदेश में छह नोड विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए अब तक लगभग 12 से 13 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से कई परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और इनके माध्यम से करीब 40,000 युवाओं को रोजगार भी मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट, कानपुर में अडानी एम्युनेशन, झांसी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तथा ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कार्य युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रहे हैं।


पीडीए केवल बहाना, असली लक्ष्य परिवारवाद: मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीडीए के नाम पर किए जा रहे राजनीतिक हमलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पीडीए केवल एक बहाना है, जबकि असली लक्ष्य परिवारवाद है। जो लोग आज पीडीए की बातें कर रहे हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तब देश और प्रदेश के गरीब, युवा, किसान और वंचित वर्ग के आत्मसम्मान और आत्मगौरव की चिंता क्यों नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी गरीबी थी, समस्याएं थीं, लेकिन तब चर्चा केवल अपने परिवार की होती थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को एक परिवार मानकर गरीब, नौजवान, महिला और किसान के हित को केंद्र में रखकर काम कर रहे हैं। यह बजट नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का प्रतिबिंब है। आज प्रदेश में सड़कें हैं और उनकी गति भी। निवेश है और विश्वास भी। पहचान है और आत्मगौरव भी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास भविष्य की कोई योजना और विजन नहीं है, वही इस तरह की अनर्गल बातें कर रहे हैं।

संबंधित खबरें