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मैनपुरी में सपा की जीत और रामपुर में हार पर मायावती के इन आरोपों के मायने क्या हैं?

By  Mohd. Zuber Khan -- December 13th 2022 12:45 PM
मैनपुरी में सपा की जीत और रामपुर में हार पर मायावती के इन आरोपों के मायने क्या हैं?

मैनपुरी में सपा की जीत और रामपुर में हार पर मायावती के इन आरोपों के मायने क्या हैं? (Photo Credit: File)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मैनपुरी लोकसभा, रामपुर और खतौली विधानसभा में उपचुनाव हुए थे। उपचुनावों में जहां मैनपुरी लोकसभा और खतौली विधानसभा में समाजवादी पार्टी और रालोद ने भारतीय जनता पार्टी को क़रारी शिकस्त दी थी तो वहीं रामपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने समाजवादी पार्टी को हराते हुए सियासी इतिहास रच दिया है।

हांलाकि अभी तक यूपी उपचुनावों के नतीजों के बाद मंथन और विचार-विमर्श का दौर जारी है, लेकिन इसी क्रम में अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री मायावती का बड़ा बयान सामने आया है, जिसके बाद सूबे में सियासी सुगबुगाहट शुरु हो गई है। दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती ने रामपुर में समाजवादी पार्टी की हार को लेकर सपा और भाजपा पर मिलीभगत का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “ मैनपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की जीत हुई है, लेकिन रामपुर विधानसभा उपचुनाव में आज़म ख़ान की ख़ास सीट पर योजना के तहत कम वोटिंग करवा कर सपा की पहली बार हार हुई है. ऐसे में यह चर्चा काफी गर्म है कि कहीं यह सब सपा और भाजपा की अन्दरुनी मिलीभगत का परिणाम तो नहीं?”

मायावती का मुस्लिम समदुाय को संदेश

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस दौरान मुसलमानों को भी संदेश देने की कोशिश की और खतौली उपचुनाव परिणामों को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने आगे ट्वीट करते हुए कहा, "मुस्लिम समाज को इस बारे में काफी चिंतन करने और समझने की जरूरत है, ताकि आगे होने वाले चुनावों में धोखा खाने से बचा जा सके, आगे उन्हें धोखा ना मिले."

यही नहीं, खतौली विधानसभा उपचुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो ने ट्वीट किया कि खतौली विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की हार को लेकर भी वहां शक़ की काफ़ी गुंज़ाइश बरक़रार है, यह भी सोचने वाली बात है।

बसपा ने नहीं लड़ा उपचुनाव

गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी ने मैनपुरी लोकसभा, रामपुर और खतौली विधानसभा में हुए उपचुनावों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे। इसी के साथ कांग्रेस ने भी उपचुनाव नहीं लड़ा था, ऐसे में उपचुनावों में सीधी टक्कर भाजपा और सपा के बीच ही थी।

याद रहे कि उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव  भी क़रीब हैं, ऐसे में अब बसपा का मक़सद निकाय चुनाव की रणनीति बनाने पर है। निकाय चुनाव को लेकर बसपा ने अपनी तैयारियां करनी शुरू कर भी दी हैं। ऐसे में मायावती ने उपचुनावों के परिणामों को लेकर एक बार फिर मुस्लिम मतदाताओं को संदेश देने की कोशिश की है। वैसे मायावती के इन संदेशों का मुस्लिम समुदाय पर क्या फर्क़ पड़ेगा, इस बाबत तो अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी, हां मगर, सपा या आज़म ख़ान खेमे की तरफ़ से मायावती के संदेशों पर अगर कोई भी प्रतिक्रिया आती है, तो यूपी में राजनीति पूरी तरह से गरमा सकती है।

-PTC NEWS

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