Wed, Apr 24, 2024

UP: 2017 के पहले UP में भूख से होती थी मौतें, अब हर किसी को मिल रहा राशन- CM योगी

By  Rahul Rana -- March 3rd 2024 07:37 PM

UP: 2017 के पहले UP में भूख से होती थी मौतें, अब हर किसी को मिल रहा राशन- CM योगी (Photo Credit: File)

ब्यूरो: सीएम ने कहा कि पहले की सरकारों के पास विजन ना होने के कारण मनरेगा के अंतर्गत एक बार तालाब की खोदाई होती थी, फिर उसे पाट दिया जाता था और फिर से उसे दोबारा खोदा जाता है, मगर आज नये नये निर्माण कार्य हो रहे हैं, अन्नपूर्णा भवन बनाए जा रहे हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी कार्यों में अधिकाधिक टेक्नोलॉजी के उपयोग से आम जनमानस की जिंदगी में तेजी से बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि जहां शासन की सुविधा का लाभ बिना भेदभाव हर नागरिक तक पहुंच सके वही सुशासन है और सुशासन का यही मॉडल रामराज्य है. सीएम योगी लखनऊ के लोकभवन में खाद्य रसद विभाग और ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 1100 अन्नपूर्णा भवनों और 79000 उचित दर दुकानों पर ई-वेइंग स्केल लिंक्ड ई-पॉस मशीनों का लोकार्पण और शुभारंभ किया.

राशन वितरण के क्षेत्र में व्यापक रिफॉर्म 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयास से हर गरीब को खाद्यान उपलब्ध कराने में हम सफल हुए हैं. 2014 से पहले जरूरतमंदों को राशन नहीं मिल पाता था. उनके नाम पर राशन कार्ड तो होता था, मगर राशन कोई और ही डकार जाता था. यहां तक कि 2017 से पहले प्रदेश के कई जनपदों में भूख से भी मौतें होती थी. मगर, हमने पहले ई पॉश मशीन और अब ई वेइंग मशीन जैसी तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है. इससे राशन वितरण के क्षेत्र में व्यापक रिफॉर्म हुए हैं. खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से प्रदेश के लगभग 80 हजार राशन कोटे की दुकानों में हुए इस रिफॉर्म का लाभ 15 करोड़ लाभार्थियों लोगों को प्राप्त हो रहा है.

भूखमरी की समस्या का हुआ समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधरित खाद्य वितरण प्रणाली से न केवल भूखमरी की समस्या का समाधान हुआ, बल्कि हम कलंक से मुक्त भी हुए हैं. पहले राशन एफसीआई गोदामों से निकलने के बाद बीच से ही गायब हो जाता था, मगर अब लखनऊ से ही बैठकर मॉनीटरिंग होगी कि राशन वास्तव में जिस कोटे की दुकान तक जाना था, वहां तक पहुंचा या नहीं. यह परिवर्तन ही सबका साथ सबका विकास है. गरीब को राशन मिल पाना दूभर था. इस प्रकार की बातों की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. 

अन्नपूर्णा भवनों से बनेंगे जरूरी प्रमाणपत्र  
मुख्यमंत्री ने लोकार्पित हुए 1100 अन्नपूर्णा भवनों के बारे में बताते हुए कहा कि अब राशन कोटे के लिए अन्नपूर्णा भवन स्थाई भवन हो गए हैं. अब कोटेदार के बदलने पर भी राशन की दुकानें नहीं बदलेंगी. राशन के साथ ही अन्नपूर्णा भवनों से अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी. यहां से सस्ती जेनरिक दवाएं और घर की अन्य आवश्यक वस्तुओं की भी पूर्ति की जाएगी. यहां राशन के लिए गोदाम भी रहेगा. इसके अलावा यहीं पर कॉमन सर्विस सेंटर भी होगा, जहां से जन्म, मृत्यु, आय, जाति प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. आज 1,100 दुकानें से इसकी शुरुआत हो रही है, शीघ्र ही प्रदेश के 80 हजार राशन कोटे की दुकानों के लिए ये व्यवस्था हो जाएगी.

सीएम ने कहा कि पहले की सरकारों के पास विजन ना होने के कारण मनरेगा के अंतर्गत एक बार तालाब की खोदाई होती थी, फिर उसे पाट दिया जाता था और फिर से उसे दोबारा खोदा जाता है, मगर आज नये नये निर्माण कार्य हो रहे हैं, अन्नपूर्णा भवन बनाए जा रहे हैं. इससे रोजगार भी मिल रहा है और सुविधाएं भी. 

सीएम ने सौंपी अन्नपूर्णा भवन की प्रतीकात्मक चाबी 
इस अवसर पर सीएम योगी ने प्रदेश के 10  उचित दर विक्रेताओं को अन्नपूर्णा भवन की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी. इसमें लखनऊ से जगलाल, रायबरेली के अशोक कुमार और धीरेन्द्र विक्रम, बाराबंकी की रेखा देवी और पुष्पा देवी, उन्नाव के लोकई प्रसाद और मालती देवी, हरदोई से अंजनी कुमार और जितेन्द्र, सीतापुर मोहम्मद नियाज खान को अन्नपूर्णा भवन की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई. वहीं इस अवसर पर सीएम ने लाभार्थियों को राशन किट भी प्रदान किया.

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