चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज-11 में हिंदी पखवाड़ा के तहत कविता-पाठ प्रतियोगिता आयोजित
चंडीगढ़, 11 सितंबर (ब्यूरो)। पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज-11, चंडीगढ़ के हिंदी विभाग द्वारा प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रमा अरोड़ा के मार्गदर्शन और संरक्षण में हिंदी पखवाड़ा के तहत कविता-पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मकसद स्टूडेंट्स में हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना, साथ ही उनकी प्रतिभा, भावाभिव्यक्ति और मंचीय प्रस्तुति-कौशल को प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में कुल 25 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता को 2 प्रमुख कैटेगरी में विभाजित किया गया। पहली कैटेगरी का विषय “राष्ट्रीय चेतना एवं देशभक्ति” रखा गया, जिसके तहत राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता, भारतीय संस्कृति एवं देशभक्ति आदि विषयों को शामिल किया गया। इस कैटेगरी में स्टूडेंस् ने अपनी कविताओं के जरिए राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। इस कैटेगरी में अबिका शर्मा ने पहला, शिवम यादव ने दूसरा और अनन्या ने तीसरा स्थान हासिल किया।
वहीं, दूसरी कैटेगरी में “सामान्य/समसामयिक विषय” रखा गया। इसके तहत प्रकृति, मानवीय संवेदना, युवा, शिक्षा, सामाजिक सरोकार और समसामयिक विषयों को कविता-पाठ के लिए निर्धारित किया गया। स्टूडेंट्स ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक जीवन और मानवीय संवेदनाओं के विभिन्न पक्षों को प्रस्तुत किया। इस कैटेगरी में मयंक ने पहला, आशीष ने दूसरा और अंगद और खुशी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में राघव शर्मा द्वारा गीत की विशेष प्रस्तुति भी दी गई, जिसने आयोजन को और अधिक आकर्षक एवं भावपूर्ण बना दिया। प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सफल बनाया। कविता-पाठ के जरिए से स्टूडेंट्स को अपनी साहित्यिक प्रतिभा, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति और मंचीय कौशल को विकसित करने का मौका मिला।
वहीं, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और स्टूडेंट्स को हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति निरंतर रुचि बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित ये कार्यक्रम स्टूडेंट्स में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, साहित्यिक अभिरुचि, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।