राजधानी में 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) एवं भारत की विधानसभाओं/विधान परिषदों के सचिवों का 62वां सम्मेलन 19 से 21 जनवरी, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी उत्तर प्रदेश विधानमंडल द्वारा की जा रही है।
सम्मेलन के अंतर्गत देशभर से आए पीठासीन अधिकारी, सचिवगण एवं गणमान्य प्रतिनिधि विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं, सदन संचालन, सुशासन तथा समसामयिक विधायी विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करेंगे।
इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ, उपसभापति, राज्यसभा हरिवंश नारायण सिंह, सभापति विधान परिषद कुंवर मानवेंद्र सिंह एवं अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधानसभा सतीश महाना सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, सभापति, अध्यक्ष एवं सचिवगण सहभागिता कर रहे हैं।
19 जनवरी 2026 को सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन विधान भवन, लखनऊ में होगा। उद्घाटन सत्र में संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदर्शनी का उद्घाटन, समूह चित्र एवं विभिन्न समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। 20 जनवरी को पूर्ण सत्र के दौरान एजेंडा बिंदुओं पर गहन चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रस्तावित है।
21 जनवरी को समापन सत्र में विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों के प्रेरक संबोधन होंगे। सम्मेलन के दौरान विधायी परंपराओं, संसदीय नवाचारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित किया जाएगा।
सम्मेलन के उपरांत 22 जनवरी 2026 को प्रतिभागियों के लिए अयोध्या धाम भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित है, जबकि 23 जनवरी 2026 को प्रतिनिधियों का प्रस्थान होगा। यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान तथा विधायी संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।