Friday 4th of April 2025

ये कैसा कानून? 17 साल पहले मर चुके व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट में लगाई गई चार्जशीट, फिर देखें क्या हुआ...

Reported by: PTC News उत्तर प्रदेश Desk  |  Edited by: Shagun Kochhar  |  April 07th 2023 03:12 PM  |  Updated: April 07th 2023 03:12 PM

ये कैसा कानून? 17 साल पहले मर चुके व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट में लगाई गई चार्जशीट, फिर देखें क्या हुआ...

जालौन: जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, यहां दो डिप्टी एसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इन दोनों ने एक मृतक युवक के खिलाफ न केवल मामला दर्ज किया बल्कि कोर्ट में चार्जशीट भी दायर कर दी.

जालौन में 17 साल पहले मर चुके युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट करने वाले 2 डिप्टी एसपी सहित सात लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये हैं। यह आदेश मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर सीजेएम कोर्ट के न्यायाधीश ने पुलिस को दिया है।

ये कैसा कानून?

जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला कदौरा थाना क्षेत्र के गांव चतेला का है. इस मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के चतेला के पूर्व प्रधान इदरीस के बेटे कासिम की मौत 15 दिसंबर 2003 को हो गई थी. इसके बावजूद गांव के ही राम सिंह की शिकायत पर 13 जुलाई 2020 को चतेला के पूर्व प्रधान और उसके बेटे कासिम के खिलाफ एससी/एसटी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया. 

इस मामले की समीक्षा तत्कालीन सीओ राजीव प्रताप सिंह और उनके स्थानांतरण होने के बाद आये सीओ संतोष कुमार ने की, लेकिन दोनों सीओ ने मामले की बिना जांच पड़ताल किए ही मृतक कासिम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी. यही नहीं एफआईआर दर्ज करवाने वालों ने अपने बयान भी सीजेएम कोर्ट में दर्ज करवा दिए.

जिस दिन लिखा गया मुकदमा, 17 साल पहले उसी दिन हुई थी कासिम की मौत 

वहीं अधिवक्ता हेमनत द्विवेदी बताते हैं कि जिस दिन मुकदमा लिखा गया, उसके 17 साल पहले ही कासिम की मौत हो गई थी. उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज करना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन इस मामले में बिना जांच के मृतक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना बड़ी बात है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार रावत की कोर्ट ने 3 अप्रैल को तत्कालीन सीओ कालपी विवेचक राजीव प्रताप और उनके स्थानांतरण होने के बाद आये दूसरे सीओ विवेचक संतोष कुमार, वादी मुकदमा राम सिंह, राम सिंह के बेटे ज्ञान सिंह, मुन्ना और उसकी पत्नी हीराकली, मुन्ना के भाई विजय पाल समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही कदौरा थाना पुलिस द्वारा इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है.

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