Tuesday 17th of March 2026

सीएम योगी का मातृशक्ति से आह्वान, बोले- बच्चों को रोने और नाराज होने दें, लेकिन स्मार्टफोन कतई ना दें

Reported by: Gyanendra Shukla  |  Edited by: Atul Verma  |  March 17th 2026 01:18 PM  |  Updated: March 17th 2026 01:18 PM

सीएम योगी का मातृशक्ति से आह्वान, बोले- बच्चों को रोने और नाराज होने दें, लेकिन स्मार्टफोन कतई ना दें

जालोर/लखनऊ, 17 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृशक्ति से आह्वान किया कि छोटी उम्र के बच्चों को रोने-नाराज होने दें, कुछ देर में वो ठीक हो जाएंगे, लेकिन स्मार्टफोन बिल्कुल भी ना दें। स्मार्टफोन का अधिकाधिक इस्तेमाल समय की हानि के साथ आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। ये सोचने की सामर्थ्य को कम और बुद्धि को प्रभावित कर रहा है और लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। स्मार्टफोन के तमाम गेम नकारात्मक दिशा की ओर ले जा रहे हैं।

राजस्थान दौरे के दूसरे दिनगोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जालोर के श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर (सिरे मंदिर) के 375 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित 2 दिवसीय महायज्ञ-विशाल धर्मसभा में शामिल हुए। 

युवा पीढ़ी को सीख, परिवार के लिए समय निकालें, बातचीत कीजिए- सीएम योगी

धर्मसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने युवा पीढ़ी को सीख दी कि जितना आवश्यक है, उतना ही स्मार्टफोन प्रयोग कीजिए। परिवार के लिए समय निकालिए, बातचीत कीजिए। भोजन, पूजा के समय फोन न उठाइए, बाद में कॉलबैक कीजिए। स्मार्टफोन एक समय बाद डिप्रेशन की बीमारी पैदा करने वाला है। छोटी-छोटी बातों के कारण आत्महत्याओं की प्रवृत्ति बढ़ी है। कभी विफलता मिली है तो कारण ढूंढ़कर उसे सफलता में बदलना ही जीवन है। विफलता से घबराना नहीं, बल्कि चुनौतियों का मुकाबला करना है। कोई भाग्य नहीं ले सकता, सब कुछ ईश्वरीय कृपा से ही मिलता है। लोभ-लालच से मुक्त रहकर देश, समाज के लिए सोचिए। 

नशे के सौदागरों को परिवार, समाज, नगर, कस्बे और गांव में घुसने ना दें- सीएम योगी

सीएम ने कहा कि देश के दुश्मन और नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को नशे के आगोश में ले जाना चाहते हैं। नशे के कारोबारियों को सफल नहीं होने देना है। किसी देश के भविष्य को देखना है तो युवा पीढ़ी को देखें। यह सही दिशा में है तो देश नई ऊंचाई तक पहुंचता है। सीएम ने अपील की कि नशे के सौदागरों को परिवार, समाज, नगर, कस्बे या गांव, कहीं नहीं घुसने देना है। 

इंसान हड़पने की बजाय जरूरतमंद तक पहुंचाने का भाव रखे- सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में 200 से अधिक देश हैं, लेकिन भारत जैसा कोई नहीं। भारत दुनिया में अलग क्यों है, इसके लिए त्योहारों, परंपराओं, ऋषियों-मुनियों, विद्वानों, सैनिकों, किसानों, नौजवानों, बहन-बेटियों तथा माताओं के योगदान की विशिष्टता को समझना होगा। सीएम ने सिरे मंदिर के आसपास बंदरों के चौराहे का जिक्र करते हुए कहा कि कल जब हम लोग यहां रुके तो ढेर बंदर आ गए। हमने एक बंदर को रोटी दी तो वह खाने लगा, लेकिन जब तक उसने पहली रोटी खा नहीं ली, तब तक दूसरी रोटी नहीं ली। मनुष्यों को यह शालीनता सीखनी चाहिए। मनुष्य हड़पने व संचय की बजाय जरूरतमंद तक पहुंचाने का भाव रखे। लोभ संवरण साधना है और इसे जीवन का हिस्सा बनाना परम साधना है। 

धर्म जोड़ता है और जातिवाद व्यवस्था को कमजोर करता है- सीएम योगी

सीएम योगी ने मत्स्यनाथ पीठ, फतेहपुर में बाबा अमृतनाथ पीठ आदि का जिक्र किया और कहा कि मंच पर बैठे सभी योगेश्वर गुरु परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इन पीठों के द्वारा समाज व समिष्टि के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। भक्ति, साधना व सामर्थ्य के माध्यम से लोककल्याण का बड़ा अभियान चल रहा है। हम भी इस परंपरा को बढ़ाने में अपनी ओर से प्रयास प्रारंभ करें। भारत छोड़कर किसी भी देश में ऋषि-मुनियों की परंपरा से जुड़ने का अवसर नहीं मिलेगा। हमारे पास लंबी विरासत-परंपरा है। सनातन धर्मावलंबी आश्रम व संतों-योगेश्वरों के साथ संवाद-संबंध जोड़कर परंपरा से रच-बस जाता है। उसे यहां परिवार, अपनत्व, अभिभावक का भाव दिखता है। ईश्वर के अवतार की भूमि भी सिर्फ भारत ही बनती है। धर्म जोड़ने का माध्यम है, लेकिन जातिवाद व्यवस्था को कमजोर करता है। 

वीरों-वीरांगनाओं के बलिदान से बना है ये देश- सीएम योगी

सीएम योगी ने वीरमदेव, कीर्ति चौहान आदि वीरों को याद करते हुए कहा कि यह देश वीरों व वीरांगनाओं के बलिदान से बना है। चित्तौड़गढ़ में रानी पद्मिनी ने हजारों वीरांगनाओं के साथ जौहर किया था। जालोर में भी अलाउद्दीन खिलजी और उसके बाद भी यह परंपरा देखने को मिली। सीएम ने सिरे मंदिर की बारीक कारीगरी, दुर्लभ कला, शिलालेखों का जिक्र करते हुए महाराजा मान सिंह के योगदान की भी चर्चा की। वहीं, सीएम योगी ने कहा कि भारतवासी समृद्ध विरासत के वारिस हैं, इसलिए इसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हमारी होनी चाहिए। दुनिया में सर्वाधिक कामकाजी (56-60 फीसदी) लोग भारत में हैं, जो परिश्रम, पुरुषार्थ करते हैं। इनकी ताकत ही भारत की ताकत है। भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर हुआ है।

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