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यूपी विधानसभा में 58 साल बाद लगी अदालत, 18 साल पुराने मामले पर हुई सुनवाई

उत्तर प्रदेश विधानसभा 58 साल के बाद अदालत में तब्दील हुआ। इस दौरान 18 साल पुराने मामले में 6 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई गई।

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Shivesh jha
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यूपी विधानसभा में 58 साल बाद लगी अदालत, 18 साल पुराने मामले पर हुई सुनवाई

आज उत्तर प्रदेश विधानसभा 58 साल के बाद अदालत में तब्दील हुआ। इस दौरान 18 साल पुराने मामले में 6 पुलिसकर्मियों पर विशेषाधिकार हनन के मामले पर सुनवाई हुई और सभी पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई गई।

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पुलिसकर्मियों द्वारा विशेषाधिकार हनन के मामले पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने आरोपियों के कारावास का प्रस्ताव सामने रखा, जिसपर वोटिंग के कराया गया और आरोपियों को एक दिन की सजा सुनाई गई। बता दें कि सदन में सपा के विधायक मौजूद नहीं थे।

विधानसभा परिसर में ऊपर बने सेल में सभी आरोपियों को आज रात 12 बजे तक के कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपियों को सजा के दौरान भोजन के साथ-साथ सभी उपयोगी वस्तु मुहैया करने का आदेश भी दिया गया।

बता दें कि सुनवाई के दौरान सदन में स्पीकर सतीश महाना मौजूद थे और उन्होंने ही इस फैसले की घोषणा की। दूसरी ओर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव से जब पत्रकारों ने इस मुद्दे पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि 'यह गलत परंपरा है।'

ये है मामला

बता दें कि 2004 में भाजपा विधायक सलिल विश्नोई कानपुर के कोतवाली क्षेत्र में बिजली समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे तभी पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया जिससे उनकी टांग टूट गई थी। सलिल पर लाठी चार्ज कर टांग तोड़ने वाले कानपुर कोतवाली क्षेत्राधिकारी रहे अब्दुल समद और 5 अन्य पुलिस कर्मियों को आज विधानसभा के विशेष अदालत में पेश किया गया था।

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