लखनऊ, 24 मार्च। मुख्यमंत्री योगी ने ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है। आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों के लिए सुरक्षित गंतव्य बना है, बल्कि यहां उन्हें स्केलेबल बिजनेस के लिए अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और सीमलेस कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो रही हैं। यही कारण है कि जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
यूपी में बीते 9 साल में किए गए हैं व्यापक प्रयास- सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए पिछले 9 साल में व्यापक प्रयास किए गए हैं। उन्होंने 2017 की स्थिति को याद करते हुए कहा कि जब निवेश के लिए उद्यमियों को यूपी आने का आमंत्रण दिया जाता था, तो वे इस पर हंसते थे और कई लोग तो पहले से ही यहां न आने का संकल्प लेने की बात करते थे। उस समय प्रदेश की छवि इतनी खराब थी कि निवेश की बात करना भी असहज लगता था।
हमने इस माफिया की कमर तोड़ने, इसे पूरी तरह कुचलने का फैसला किया- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारण थे। पहला, पहचान का संकट और दूसरा, माफिया व आपराधिक गिरोहों का प्रभाव, जो हर जिले और थाने में समानांतर सत्ता चलाकर उद्यमियों, व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। तब हमने इस माफिया की कमर तोड़ने, इसे पूरी तरह कुचलने का निर्णय किया। हमने तय किया कि हम उत्तर प्रदेश के अंदर अपराध और अपराधी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हम कार्य करेंगे। जीरो टॉलरेंस की वह नीति पहले दिन से आज तक अनवरत बनी हुई है। अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो, किसी भी प्रकार का कोई सरपरस्त क्यों न हो, अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो ये मानकर चलिए कि वह अपने उस दुस्साहस के लिए यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट काट रहा है।
उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद- सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनाने का जो सपना देखा गया था, वह आज साकार हो रहा है। डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल से निवेशकों का विश्वास फिर से स्थापित किया, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों में क्षति पहुंची थी। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ‘टीम यूपी’ के निरंतर प्रयासों से आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। नवरात्रि के अवसर पर विभिन्न नीतियों के तहत इंसेंटिव सीधे खातों में देकर रुकी परियोजनाओं को गति दी जा रही है, खासकर फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में, जहां 11% कृषि योग्य भूमि के बावजूद 21% खाद्यान्न उत्पादन के साथ अब वैल्यू एडिशन और रोजगार पर फोकस है।
“जीरो टॉलरेंस” और “जीरो करप्शन” नीति के प्रभाव से निवेश का माहौल बदला- सीएम
“जीरो टॉलरेंस” और “जीरो करप्शन” नीति के प्रभाव से निवेश का माहौल पूरी तरह बदला है और अब निवेशक स्वयं यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 75,000 एकड़ लैंड बैंक, बेहतर सीमलेस कनेक्टिविटी, देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55% हिस्सेदारी (जल्द 60%), 12 घरेलू व 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और जेवर में शुरू होने जा रहे देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से निवेश को नई दिशा मिल रही है। 28 मार्च को पीएम मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का कार्गो व लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब बनने वाला, यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) की सुविधा भी देश में पहली बार देखने को मिलेगी।
एनसीआर तक सीमित नहीं रहा निवेश और विकास- सीएम योगी
साथ ही वाराणसी से जुड़े इनलैंड वाटरवे, 7 शहरों में मेट्रो सेवा और मजबूत सड़क नेटवर्क के कारण अब निवेश एनसीआर तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी सहित पूरे प्रदेश में तेजी से फैल रहा है। इस मौके पर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, प्रदेश के अवस्थापना औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान बाबूलाल मीणा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार मौजूद रहे।