एयरटेल के अनलिमिटेड 5जी डेटा ऑफ़र के तहत हॉटस्पॉट उपयोग को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर एक विवाद चर्चा में है। कई पोस्ट्स में कहा गया कि ग्राहक अपने फोन के हॉटस्पॉट फीचर के ज़रिए मोबाइल डेटा साझा नहीं कर सक रहे हैं। हालाँकि, ये दावे बिना किसी तकनीकी परीक्षण या पुख़्ता सबूतों के आधार पर लिखे गए हैं।
यह विवाद ग्राहकों के वास्तविक अनुभव के बजाय एयरटेल की पुराने शर्तों और नियमों से उत्पन्न हुआ प्रतीत होता है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स ने लिखित धारा को प्रतिबंध का प्रमाण मान लिया और यह जांचने की कोशिश नहीं की है कि हॉटस्पॉट व्यवहार में काम कर रहा है या नहीं।
वास्तविकता यह है कि आम ग्राहक लैपटॉप, टैबलेट और अपने दूसरे स्मार्टफोन जैसे व्यक्तिगत उपकरणों के साथ एयरटेल मोबाइल डेटा साझा करते रहे। एयरटेल के अनलिमिटेड 5जी डेटा ऑफ़र को नियंत्रित करने वाली शर्तों में पुरानी धारा के होने के बावजूद हॉटस्पॉट फीचर फंक्शनल बना रहा।
एयरटेल ने स्टैंडर्ड हॉटस्पॉट की कार्यक्षमता को डिसेबल किया है, इसे साबित करने के लिए कोई तकनीकी सबूत पेश नहीं किए गए।
इसलिए, यह विवाद मुख्यतः लागू तकनीकी प्रतिबंध के प्रमाण के बजाय पुरानी नियमों पर आधारित था।