इंडिया एआई तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय (12-13 जनवरी) ‘’क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026’’ का उद्दघाटन मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने किया शुभारंभ ने किया।
कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब तकनीक संवेदना से जुड़ती है, नीति नवाचार से संचालित होती है और शासन विश्वास पर आधारित होता है, तभी विकास समावेशी बनता है और भविष्य सुरक्षित होता है।
कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुये केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि विभिन्न रिसर्च और स्टेनफोर्ड की रिसर्च वगैरह बताती हैं कि AI पेनेट्रेशन में भारत नंबर 1 के स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि मगर साथ ही साथ एक तरफ यह बढ़ोतरी है और दूसरी तरफ चुनौतियाँ। चुनौतियां हैं साइबर थ्रेट की, चुनौतियां हैं डीप फेक की।
राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि इंपैक्ट समिट आने वाले समय में भारत की AI नीति और AI सर्विस में भारत को दुनियाभर में सर्विस प्रोवाइडर बनाने वाला है। उन्होंने कहा कि हमारे जो स्टार्टअप्स हैं और जो युवा हैं, उनके ऊपर यह जिम्मेदारी आएगी और विश्व में भारत का डंका बजेगा। श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश अभी से एक बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि हम अगले 15 साल के लिए नीति बना रहे हैं और निर्णय ले रहे हैं, आने वाले युवाओं के लिए फैसले ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह AI मिशन और इंपेक्ट समिट, जो अगले महीने दिल्ली में होने जा रहा है, यह बहुत बड़ी चीज है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि पूरी दुनिया में देश लगे पड़े हैं कि यह इंपेक्ट समिट उनके खाते में आ जाए। श्री प्रसाद ने कहा कि जैसे ओलंपिक किसी के यहाँ जाता है तो गर्व की बात होती है, वैसे ही टेक्नोलॉजी के मामले में इंपेक्ट समिट भारत के खाते में आया है।
श्री जितिन प्रसाद ने बताया कि आजकल डीप फेक की बहुत बात आती है, उसके लिए भी केंद्र सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं और पूरी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मंच से मैं कहना चाहता हूँ कि कड़ी कार्यवाही होगी और उन लोगों पर रोकथाम लागू करने के लिए हमने योजना बनाई है और जल्द लागू की जाएगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि अगला जो ब्रेकथ्रू होगा वो एग्री टेक में या हेल्थ टेक में, वह सिलिकॉन वैली, अमेरिका का नहीं होगा, वह उत्तर प्रदेश की धरती में, टियर टू-टियर थ्री स्थानों पर होगा, छोटे शहरों में होगा।
इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के अत्याधुनिक उपयोग को प्रदर्शित करना और राज्य-स्तरीय पहलों को इंडियाएआई मिशन के लक्ष्यों के साथ जोड़ना है।
उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 आगामी 16-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का एक अग्रगामी कार्यक्रम है और यह देश भर में आयोजित की जा रही आठ क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय श्रृंखला का हिस्सा है। लखनऊ में आयोजित क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नीति निर्माता, राज्य एवं केन्द्र सरकार के अधिकारी, वैश्विक संस्थान, उद्योग जगत के प्रमुख, शोधकर्ता और अन्वेषक एआई को जिम्मेदारीपूर्वक, समावेशी तरीके से और बड़े पैमाने पर अपनाने के बारे में चर्चा करने के लिए एकत्रित हुये हैं। इस कॉन्फ्रेंस में विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण पर ध्यान दिया जा रहा है।
दो दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस में वैश्विक एआई परिदृश्य, एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति, राज्य-स्तरीय तैयारी एवं क्षमता विकास, स्वास्थ्य के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, एआई-आधारित नैदानिकी एवं नैदानिक नवाचार और श्रमशक्ति सशक्तिकरण पर चर्चा हुई। साथ ही स्टार्टअप का प्रदर्शन, हैकाथॉन के नतीजे और उद्योग के नेतृत्व वाले प्रदर्शन भी होंगे, जिनका उद्देश्य नीतिगत के इरादों को असल दुनिया में बड़े पैमाने पर लोगों पर असर डालने वाले नतीजों में बदलना है।
इस बैठक का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), इंडियाएआई और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर कर रहे हैं। यह कार्य समूह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से जुड़ी प्रक्रिया का एक मुख्य स्तंभ है और इसमें सदस्य देश, अंतरराष्ट्रीय संगठन, नीति निर्माता एवं डोमेन विशेषज्ञ एक साथ आयेंगे ताकि एआई के उन प्राथमिकता वाले मुद्दों पर समन्वय स्थापित जा सके जिनके लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 डिजिटल शासन, स्वास्थ्य संबंधी नवाचार और तकनीक-आधारित सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में राज्य की बढ़ती गति का लाभ उठाकर स्वास्थ्य प्रणाली, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और राज्य के नेतृत्व वाले उपयोग के मामले में एआई के वास्तविक उपयोग को प्रदर्शित कर रहा है। साथ ही, इंडियाएआई फ्रेमवर्क के तहत सरकारों, उद्योग, अकादमिक जगत और स्टार्टअप के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। इंडियाएआई कार्य समूह की बैठक, कॉन्फ्रेंस की चर्चाओं और संबंधित इकोसिस्टम के साथ जुड़ाव से मिलने वाले नतीजों से इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए राष्ट्रीय रोडमैप बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जो सार्वजनिक कल्याण के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद एआई के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।