ब्यूरो: Gorakhpur: उत्तर प्रदेश में 4 मंजिला मस्जिद गिराई जा रही है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मस्जिद के दो फ्लोर को अवैध बताया था। इसे गिराने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो 28 फरवरी को पूरा हो गया था। मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने सुबह 10 बजे 15 मजदूरों को लगाकर दो फ्लोर गिराने का काम अपने स्तर पर शुरू कर दिया। मस्जिद घोष कंपनी चौराहे के पास बनी है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण की तरफ से कहा गया कि अगर कमेटी मस्जिद खुद नहीं तोड़ती है तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने बिना नक्शा पास कराए मस्जिद के निर्माण पर आपत्ति जताई है।
क्या है विवाद?
मस्जिद कमेटी की तरफ से पक्ष रखा गया है कि यह 20492 स्क्वायर फीट का प्लॉट है। एक समय इसके बीच में मस्जिद थी। नगर निगम ने जनवरी, 2024 में ढांचा ढहा दिया। कमेटी ने आपत्ति की, जिसके बाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में सहमति बनी। कमेटी के मुताबिक मस्जिद नगर निगम की सहमति से ही बनाई गई थी, लेकिन अगर विकास प्राधिकरण मस्जिद को अवैध बता रहा है।
आरोप लगा है कि बिना किसी नक्शे के यहां तीन मंजिला मस्जिद को तामीर किया गया। जिसको गिराने के लिए जीडीए ने एक नोटिस भी जारी किया था। 15 फरवरी को मस्जिद के महरूम मुतावल्ली के बेटे को एक नोटिस जारी किया गया था और खुद ही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के लिए कहा गया था। इस नोटिस में कहा गया था कि अगर आप मस्जिद को नहीं तोड़ते हैं तो यह काम प्रशासन करेगा और इसमें जो भी खर्च आएगा वह मस्जिद को देना होगा।
बता दें कि गोरखपुर के घोष कंपनी चौराहे के पास नगर निगम की जमीन पर चार मंजिला अवैध मस्जिद बना दी गई। नगर निगम की तरफ से कई बार अवैध निर्माण को ढहाने को लेकर नोटिस दिया गया। कुछ महीने पहले भी नगर निगम ने बुलडोजर के जरिए अवैध कब्जे को हटा दिया। जिसके बाद इसी जमीन पर फिर से चार मंजिला मस्जिद का निर्माण कर दिया गया। इसके बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी कर 15 दिन में खाली करने का आदेश दिया गया।