सत्र का औपचारिक शुभारंभ 9 फरवरी, सोमवार को सुबह 11:00 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगा। राज्यपाल सदन के समक्ष सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका रखेंगी। दोपहर 12:30 बजे अभिभाषण को पढ़कर सुनाया जाएगा और इसके साथ ही अध्यादेशों, अधिसूचनाओं तथा अन्य नियमों को सदन के पटल पर रखने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
10 फरवरी: बजट का दिन
इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 10 फरवरी, मंगलवार होगा, जब प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-2027 का आय-व्ययक (बजट) प्रस्तुत करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में बुनियादी ढांचे, कृषि, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
चर्चा और अन्य कार्यक्रम
11 और 12 फरवरी को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। 13 फरवरी को 'असहयोग दिवस' के कारण सदन की कार्यवाही केवल आधे दिन तक चलेगी, जबकि 14 और 15 फरवरी को शनिवार-रविवार का अवकाश होने के कारण बैठक नहीं होगी।
अंतिम चरण: मतदान और अनुदान मांगें
16 फरवरी से सत्र अपने अंतिम और निर्णायक चरण में प्रवेश करेगा। इस दौरान बजट पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। यह सत्र उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने और चुनावी वर्ष के निकट होने के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।