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अफ्रीका में सराहा जा दिल्ली का 'स्कूल मॉडल', भारत और नाइजीरिया के बीच होगा 'एजुकेशन एग्रीमेंट'

Africa India News: Kalka ji's government school, where a delegation of 21 delegates from African country Nigeria visited the school | कालका जी के सरकारी स्कूल में, जहां अफ्रीकी देश नाइजीरिया से आए 21 डेलीगेट्स के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल का दौरा किया। कई घंटे तक उन्होंने स्कूल का अवलोकल किया और आख़िर में मूल्यांकन के बाद इस नतीजे पर पहुंचे कि वो भी शिक्षा की इस शानदार पहल का आग़ाज़ अपने मुल्क यानी नाइजीरिया में करना चाहते हैं।

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Mohd. Zuber Khan
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अफ्रीका में सराहा जा दिल्ली का 'स्कूल मॉडल', भारत और नाइजीरिया के बीच होगा 'एजुकेशन एग्रीमेंट'

नई दिल्ली: ये बात ना केवल दिल्ली प्रदेश के लिए गौरव की बात है, बल्कि समूचे देश के लिए भी गर्व करने लायक बात है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों की चर्चा अब विदेशों में भी ख़ूब हो रही है, बल्कि कहना ये चाहिए कि विदेशों में देश की राजधानी दिल्ली के 'स्कूल मॉडल' को अपनाने पर सहमति बन रही है।

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इसी की ताज़ा मिसाल पेश हुई कालका जी के सरकारी स्कूल में, जहां अफ्रीकी देश नाइजीरिया से आए 21 डेलीगेट्स के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल का दौरा किया। कई घंटे तक उन्होंने स्कूल का अवलोकल किया और आख़िर में मूल्यांकन के बाद इस नतीजे पर पहुंचे कि वो भी शिक्षा की इस शानदार पहल का आग़ाज़ अपने मुल्क यानी नाइजीरिया में करना चाहते हैं। 

दिल्ली की मौजूदा शिक्षा मंत्री आतिशी की मौजूदगी में नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी के स्कूली मॉडल की तमाम बारीकियों को क़ायदे से समझने की कोशिश की। इस मौक़े पर दिल्ली की शिक्षा मंत्री ने कहा कि ये हमारे लिए बहुत बड़ी बात है कि आज हमारे सरकारी स्कूलों की तर्ज पर विदेशों में भी अनुसरण किया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि हमारी पूरी कोशिश है इस बात को लेकर कि दिल्ली के सरकारी स्कूल किसी भी सूरत में निजी स्कूलों से कमतर ना रहें, इसके लिए हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर ज़िले की कामां तहसील से संबंध रखने वाले, अफ्रीका आइकॉन अवार्ड से सम्मानित डा. महबूब सदल ख़ान की कंपनी, अल-सदल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, नाइजीरिया के इस डेलीगेशन को दिल्ली तक लाने में कामयाब रही, ताकि दुनिया भर में दिल्ली का और भारत का डंका बज सके।

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आपको बता दें कि इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नाइजीरिया के केब्बी स्टेट के एजुकेशन कमिश्नर (शिक्षा मंत्री) हसन मुहम्मद सालेह ने बहुत ही सलीके़ के साथ किया। उन्होंने मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली के स्कूल मॉडल के बारे में काफ़ी सुना था और इसमें ज़्यादा इज़ाफ़ा किया महबूब सदल ख़ान ने, जिन्होंने गहराई से तमाम ज़रूरी बातें बताई और समझाई, शायद तभी ये मुमकिन हो सका कि आज नाइजीरिया का प्रतिनिधिमंडल से कई हज़ार किलोमीटर दूर एशियाई देश भारत की राजधानी दिल्ली पहुंचा है।

महबूब सदल ख़ान ने नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की भी मुलाक़ात करवाई और बच्चों ने कई महत्वपूर्ण सवाल भी पहुंचे। प्रयोगशालाओं में बच्चों के बनाए मॉडल्स को देखकर नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल दंग रह गया और उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वो भी जल्द ही दिल्ली के इस स्कूली मॉडल को अपने देश में अमलीजामा पहनाना चाहेंगे। 

जानकारी के मुताबिक़ अल सदल कंपनी के एमडी साहिल ख़ान और इदरीस ख़ान ने नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की, जबकि उस्मान सरपंच, महमूद इंजीनियर, अरशद हुसैन, हैदर मुजीब, हाफ़िज़ सिराज आदि लोगों ने नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल को पारंपरिक हिंदुस्तानी शैली में  पगड़ी बांध कर स्वागत किया.एल। वहीं आकाश स्टडी सेंटर्स एवं हॉस्पिटल्स के मालिक डा. आशीष ने शिक्षा मंत्री को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

-PTC NEWS

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