Wednesday 4th of February 2026

"मम्मी-पापा सॉरी... हम गेम नहीं छोड़ पा रहे": गाजियाबाद में 'कोरियन गेम' की लत ने ली तीन सगी बहनों की जान

Reported by: PTC News उत्तर प्रदेश Desk  |  Edited by: Dishant Kumar  |  February 04th 2026 01:19 PM  |  Updated: February 04th 2026 01:19 PM

"मम्मी-पापा सॉरी... हम गेम नहीं छोड़ पा रहे": गाजियाबाद में 'कोरियन गेम' की लत ने ली तीन सगी बहनों की जान

गाजियाबाद की 'भारत सिटी' सोसाइटी के बी-1 टॉवर में मंगलवार की रात वह काली रात साबित हुई, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का गम दे दिया। 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से मौत की छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि उस 'डिजिटल जहर' का खौफनाक अंत है, जिसने बच्चों की मासूमियत को मौत के टास्क में बदल दिया।

रात 2 बजे का खौफनाक मंजर

पुलिस जांच के अनुसार, रात के दो बज रहे थे जब तीनों बहनों ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया। उन्होंने एक स्टूल बालकनी के किनारे रखा और एक-एक करके मौत की गहराई में कूद गईं। यह घटना इतनी सुनियोजित थी कि किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई। सुबह जब सूचना मिली, तो परिवार और सोसाइटी के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

कोरियन लव गेम की वो घातक लत

पिता ने फफकते हुए बताया कि उनकी बेटियों को एक 'टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम' की इस कदर लत थी कि उनका पूरा व्यक्तित्व ही बदल गया था। वे तीनों हर वक्त एक परछाई की तरह साथ रहती थीं—एक साथ नहाना, एक साथ टॉयलेट जाना और हर पल बस मोबाइल में खोए रहना। इस गेम की दीवानगी में उन्होंने अपनी पढ़ाई और स्कूल तक छोड़ दिया था। मंगलवार को जब पिता ने उन्हें गेम खेलने से रोका और डांट लगाई, तो शायद उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हुआ।

डायरी के वो 18 पन्ने: सुसाइड नोट की दास्तां

पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में उन मासूमों ने अपने दिल का हाल और गेम के प्रति उस 'बीमार जुनून' को शब्दों में पिरोया था।

सुसाइड नोट का एक अंश: "मम्मी-पापा सॉरी… हम गेम नहीं छोड़ पा रही हैं। आप हमसे वो चीज छीनना चाहते थे जो हमें सबसे प्यारी थी। अब आपको एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करते थे। हम तीनों एक साथ जा रही हैं ताकि वहां भी साथ खेल सकें। प्लीज हमें माफ कर देना।"

पुलिस की जांच और  चेतावनी

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला साफ तौर पर आत्महत्या का लग रहा है, जो गेम की लत के कारण उठाया गया कदम है। पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि उस 'घातक गेम' की पहचान और उसके टास्क का पता लगाया जा सके। यह घटना हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी है। मोबाइल की स्क्रीन के पीछे छिपे ये गेम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को किस कदर खोखला कर रहे हैं, गाजियाबाद की यह त्रासदी इसका सबसे भयावह उदाहरण है।

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