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38 बार सुनवाई के बाद आनंद गिरि, आद्या प्रसाद और संदीप तिवारी दोषी क़रार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की ख़ुदकुशी मामले से जुड़ी एक बड़ी ख़बर सामने आई है। ज़िला जज ने बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के उकसाने के आरोपित आनंद गिरी बड़े हनुमान मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद व उनके बेटे संदीप तिवारी पर शुक्रवार को आरोप तय कर दिए। आपको बता दें कि ये आरोप 38 बार सुनवाई टलने के बाद तय हुए हैं।

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Mohd. Zuber Khan
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38 बार सुनवाई के बाद आनंद गिरि, आद्या प्रसाद और संदीप तिवारी दोषी क़रार

प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की ख़ुदकुशी मामले से जुड़ी एक बड़ी ख़बर सामने आई है। ज़िला जज ने बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के उकसाने के आरोपित आनंद गिरी बड़े हनुमान मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद व उनके बेटे संदीप तिवारी पर शुक्रवार को आरोप तय कर दिए। आपको बता दें कि ये आरोप 38 बार सुनवाई टलने के बाद तय हुए हैं। 

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गौरतलब है कि आरोप तय करने के लिए पहली सुनवाई 21 दिसंबर 2021 नियत की गई थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद रहे। अभियोजन की ओर से गुलाब चंद अग्रहरि व आरोपित के अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद थे। दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद ज़िला जज संतोष राय ने आनंद गिरि आद्या प्रसाद व संदीप तिवारी पर आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने गवाहों के लिए समन जारी करने का आदेश जारी किया। मामले की सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख़ तय की गई है।

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याद रहे कि इस मामले में 20 सितंबर 2021 को महंत नरेंद्र गिरि की लाश मठ के कमरे में मिली थी। सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के उकसाने का आरोप उनके शिष्य आनंद गिरी बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर लगा था। तब से ये तीनों जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी तीनों की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है।

आरोप तय होने के दौरान तीनों आरोपित जरिए वीडियो कांफ्रेंसिंग जुड़े थे। कोर्ट ने आरोप पढक़र सुनाया कि तीनों के द्वारा साजिशन आत्महत्या के लिए उकसाया गया है। हालांकि, तीनों आरोपितों ने इससे इंकार किया। मांग की पहले परीक्षण कराया जाए, जिस पर न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को गवाहों को पेश करने का आदेश दिया।

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