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अमेठी आर्डिनेंस फैक्ट्री की आमदनी दोगुनी हुई : निदेशक

अमेठी की आर्डिनेंस फैक्ट्री में 12 बोर की पंप एक्शन गन और हथियारों के पुर्जे बनते हैं। पंप एक्शन गन की खरीदारी आधा दर्जन राज्यों की पुलिस और केंद्रीय पुलिस बल करती है। जबकि पुर्जों की खरीदारी आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर,त्रिची असाल्ट राइफल तमिलनाडु और लिंग असेंबली जबलपुर की फैक्ट्री करती है।

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Bhanu Prakash
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अमेठी आर्डिनेंस फैक्ट्री की आमदनी दोगुनी हुई : निदेशक

अमेठी की आर्डिनेंस फैक्ट्री में 12 बोर की पंप एक्शन गन और हथियारों के पुर्जे बनते हैं।

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पंप एक्शन गन की खरीदारी आधा दर्जन राज्यों की पुलिस और केंद्रीय पुलिस बल करती है। जबकि पुर्जों की खरीदारी आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर,त्रिची असाल्ट राइफल तमिलनाडु और लिंग असेंबली जबलपुर की फैक्ट्री करती है।

लेकिन पंप एक्शन गन की खरीदारी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, चंडीगढ़, हरियाणा आदि प्रदेशों की पुलिस नहीं करती है। पुलिस इसका इस्तेमाल भीड़ को नियंत्रित और तितर बितर करने के लिए करती है। इससे जनहानि नहीं होती है। एक गन की सरकारी कीमत 84 हजार रुपए है।

फैक्ट्री के उत्पादन की क्षमता पांच हजार बंदूक सालाना है। आर्डिनेंस फैक्ट्री के कार्यकारी निदेशक जितेंद्र सिंह ने बताया कि दो साल में फैक्ट्री की आमदनी डबल हो गई है। गन से ज्यादा पुर्जों की बिक्री से आमदनी होती है। उन्होंने बताया कि हथियारों की मारक क्षमता की जांच के लिए आधुनिक गुणवत्ता नियंत्रण लैब है। इसके बाद हथियारों की फायरिंग की जांच के लिए फायरिंग रेंज मौजूद हैं।

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कार्य प्रबंधक/ जनसंपर्क अधिकारी मोहित यादव ने बताया कि फैक्ट्री के पास कई प्रकार के हथियारों और पुर्जों को बनाने के लिए आधुनिक मशीनें और प्रक्षिशित अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। कंपनी के पास 250 कर्मचारी और अधिकारी हैं। इसमें 13 अधिकारी समूह के हैं। आर्डिनेंस फैक्ट्री में आइटीआइ और पालिटेक्निक करने वालों की भर्ती होती है। इसमें इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक,फिटर, मशीनिस्ट, यांत्रिक, सिविल और अन्य डिप्लोमा और इंजीनियरिंग कोर्स करने वाले भर्ती होते हैं।

अमेठी के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के कैंपस में आर्डिनेंस फैक्ट्री की बुनियाद 2007 में राहुल गांधी ने रखी थी। इसके उत्पादन की पहली खेप 2013 में छत्तीसगढ़ पुलिस को भेजी गई थी। इसके बाद बंगाल, केरल, जम्मू-कश्मीर और केंद्रीय पुलिस बल को भेजी गई थी। इसी आर्डिनेंस फैक्ट्री के कैंपस में इंडो रशियन राइफल प्राइवेट लिमिटेड खुली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 में एके- 203 राइफल बनाने के लिए इंडो रशियन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का उद्घाटन किए थे।

एके-47 राइफल बनाने वाली कंपनी एके-203 राइफल के उत्पादन की खबर है। लेकिन अब तक एक भी खेप के जाने की खबर नहीं है। कहा जा रहा है कि मार्च 2023 में एके- 203 राइफल की पहली खेप सेना को भेजी जाएगी। आर्डिनेंस फैक्ट्री के कैंपस में दोनों फैक्टियों का संचालन होता है। दोनों का मुख्य गेट एक ही है। लेकिन गेट पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अलग-अलग है।

एके 203 का उत्पादन करने वाली इंडो रशियन राइफल का कोई भी अधिकारी बातचीत करने को तैयार नहीं हुए। रशियन कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्रालय बयान जारी करता है। बाकी किसी के पास बयान देने का अधिकार नहीं है। इस फैक्ट्री के मुद्दे को लेकर 2019 के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने थी।आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर हथियारों की फैक्ट्री चुनावी मुद्दा बन सकता है। अमेठी से एक बार फिर राहुल गांधी के चुनाव लडने की खबर है, जिससे अमेठी का लोकसभा चुनाव राहुल गांधी बनाम स्मृति ईरानी हो सकता है।

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