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नहीं रहे टाइगर ऑफ सियाचिन… 13 दिन तक बर्फीली पोस्ट पर संभाला था मोर्चा

कर्नल के बचपन के मित्र व सहपाठी कर्नल समर विजय सिंह ने बताया कि भारत-पाक नियंत्रण रेखा से सटे सियाचिन पर 1980 के दशक में सैन्य चौकियों को क़ब्ज़ा करने का ऑपरेशन चला तो कर्नल अशोक प्रताप सिंह ने ग़ज़ब का साहस दिखाया। बर्फीली सियाचिन पोस्ट पर वे मुट्ठी भर जवानों के साथ दुश्मन से लोहा लेते रहे। 13 दिन तक ऊंचाई पर डटे रहे और जब तक भारतीय सेना की टुकड़ी पोस्ट पर नहीं पहुंच गई, क़ब्ज़ा बनाए रखा।

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Mohd. Zuber Khan
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नहीं रहे टाइगर ऑफ सियाचिन… 13 दिन तक बर्फीली पोस्ट पर संभाला था मोर्चा

गोमतीनगर/लखनऊ: सियाचिन की बर्फीली पहाड़ियों में सैन्य ऑपरेशन के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले कर्नल अशोक प्रताप सिंह नहीं रहे। बीते 31 दिसंबर को 73 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। 3 जनवरी को उन्हें अंतिम विदाई दी गई। गोमतीनगर स्थित सृजन विहार में परिवार संग रहने वाले कर्नल सिंह 31 दिसंबर 2005 में सेवानिवृत्त हुए थे।

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कर्नल के बचपन के मित्र व सहपाठी कर्नल समर विजय सिंह ने बताया कि भारत-पाक नियंत्रण रेखा से सटे सियाचिन पर 1980 के दशक में सैन्य चौकियों को क़ब्ज़ा करने का ऑपरेशन चला तो कर्नल अशोक प्रताप सिंह ने ग़ज़ब का साहस दिखाया। बर्फीली सियाचिन पोस्ट पर वे मुट्ठी भर जवानों के साथ दुश्मन से लोहा लेते रहे। 13 दिन तक ऊंचाई पर डटे रहे और जब तक भारतीय सेना की टुकड़ी पोस्ट पर नहीं पहुंच गई, क़ब्ज़ा बनाए रखा।

-PTC NEWS

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