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UP ATS को मिली बड़ी कामयाबी, ISI के 2 मददगार किए गिरफ्तार, सेना की जासूसी करने का लगा आरोप

यूपी एटीएस की टीमों को एक बडी कामयाबी हासिल हुई है। एटीएस की टीमों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के दो मददगारों को गिरफ्तार किया है।

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Deepak Kumar
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UP ATS को मिली बड़ी कामयाबी, ISI के 2 मददगार किए गिरफ्तार, सेना की जासूसी करने का लगा आरोप

लखनऊ/ जय कृष्णाः यूपी एटीएस की टीमों को एक बडी कामयाबी हासिल हुई है। एटीएस की टीमों ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के दो मददगारों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के खिलाफ आईएसआई के लिए भारतीय सेना की जासूसी और गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए दोनो आरोपियों से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। 

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इन दोनों को किया गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक आईएसआई के लिए जासूसी करने और टेरर फाइनेंसिंग के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। यूपी एटीएस ने अमृत गिल उर्फ अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत उर्फ मंत्री को भटिंडा पंजाब से और रियाजुद्दीन को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। दोनों पर आईएसआई एजेंट को रकम मुहैया कराने और सहयोग देने का आरोप लगा है। 

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शुरूआती जांच के मुताबिक अमृत गिल आईएसआई एजेंट के संपर्क में था। वह भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील, प्रतिबंधित जानकारियां आईएसआई को भेज रहा था। वहीं, रियाजुद्दीन के बैंक खाते से अमृत को मोटी रकम भेजी गई थी। इस नेटवर्क का एक आरोपी इजहारूल बिहार की बेतिया जेल में बंद है। रियाजुद्दीन के बैंक खाते को इजहारुल इस्तेमाल कर रहा था। इजहारूल को बी वारंट पर बिहार से लखनऊ लाने की तैयारी में यूपी एटीएस की टीमें जुटी हुई है। जल्द अमृत पाल, रियाजउद्दीन और इजहारुल को कस्टडी रिमांड में लेकर एटीएस पूछताछ करेगी।



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हफ्ते पहले लखनऊ से एक ISI एजेंट को किया था गिरफ्तार

बता दें करीब एक हफ्ते पहले भी यूपी एटीएस की टीम ने लखनऊ से एक ISI एजेंट को गिरफ्तार किया था। राजधानी लखनऊ के राजाजी पुरम का रहने वाले वसीउल्लाह साइबर अपराध के एक ऑनलाइन ग्रुप का सदस्य था, जिसके चलते यह आईएसआई एजेंट्स और साइबर हैकर्स के संपर्क में आया था। इस अवैध काम में अपनी गोपनीयता को बनाए रखने के लिए वसीउल्लाह क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भी डीलिंग करता था।

वसीउल्लाह द्वारा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट के इशारे पर शैलेश और अन्य ISI एजेंट्स को उनकी अवैध जासूसी करने के लिए अपने खाते का दुरुपयोग कर रुपये भेजे थे। वसीउल्लाह ने पूछताछ में बताया था, कि वह पैसों के लालच में आईएसआई का एजेंट बन गया।

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