Monday 12th of January 2026

यूपीकॉप ऐप से थाने के चक्कर लगाने से प्रदेशवासियों को मिला छुटकारा

Reported by: Gyanendra Shukla  |  Edited by: Atul Verma  |  January 11th 2026 08:53 PM  |  Updated: January 11th 2026 08:53 PM

यूपीकॉप ऐप से थाने के चक्कर लगाने से प्रदेशवासियों को मिला छुटकारा

लखनऊ, 11 जनवरी: यूपी में स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर कई कदम उठाए गए हैं और ये मुहिम पुलिस से लेकर आमजन के लिए बड़ी राहत और भरोसे का माध्यम बन गई है। यूपी पुलिस का यूपीकॉप ऐप और सिटीजन पोर्टल आज प्रदेशवासियों के लिए “डिजिटल पुलिस स्टेशन” की तरह काम कर रहा है। प्रदेशवासी ऐप के जरिए ना सिर्फ घर बैठे एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं, बल्कि 27 प्रकार की पुलिस सेवाओं का लाभ बिना थाने गए उठा रहे हैं।

50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड की ऐप, 2.1 करोड़ से ज्यादा FIR डाउनलोड 

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिसिंग को जन केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया है। आज यूपी पुलिस तकनीक के जरिये आम जनमानस की सेवा में नई मिसाल कायम कर रही है। यूपीकॉप एप ने थानों के चक्कर लगाने की मजबूरी को काफी हद तक कम कर दिया है। वहीं एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया कि एप के जरिए लोग ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने, एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने, खोये सामान (Lost Article)की रिपोर्ट दर्ज कराने, चरित्र सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायक सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन समेत 27 प्रकार की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब तक 50 लाख से अधिक यूजर्स एप को डाउनलोड कर चुके हैं। वहीं एप के माध्यम से 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर डाउनलोड की जा चुकी हैं जबकि 7.3 लाख से अधिक लोगाें ने खोये सामान की रिपोर्ट दर्ज करायी है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल पुलिसिंग की सोच के महत्व को दर्शाते हैं। 

एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में दर्ज की गई भारी कमी

डीजीपी ने बताया कि यूपीकॉप ऐप में कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसमें रीयल-टाइम नोटिफिकेशन के जरिए आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की तुरंत जानकारी मिल रही है। यह एप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से इसका उपयोग कर रहे हैं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से लोकेशन ट्रैकिंग और एसओएस बटन जैसी सुविधाओं को भी अपग्रेड किया गया है। 

नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने की भी मिलेगी सुविधा

इसके अलावा ऐप पर नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने की सुविधा भी दी गई है, जो आपात स्थिति में काफी उपयोगी साबित हो रही है। एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण में लगने वाले समय में भारी कमी आयी है। वर्तमान में चरित्र सत्यापन में लगभग 6 दिन का समय लग रहा है जबकि पहले इसमें 8 दिन लगते थे। इस तरह किरायेदार सत्यापन में करीब 8 दिन लग रहे हैं जबकि पहले 24 से 25 दिन लगते थे, कर्मचारी सत्यापन में करीब 5 दिन लग रहे हैं जबकि पहले 13 दिन लगते थे।इसके साथ ही योगी सरकार का पब्लिक ग्रेवांस रिव्यू पोर्टल भी आमजन के लिए प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। 

यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की प्रतिक्रिया

“यूपीकॉप ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘डिजिटल पुलिस स्टेशन’ है, जो नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था देता है। टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम सेवा-प्रक्रियाओं का मानकीकरण कर रहे हैं—ताकि हर आवेदन पर समान गति, समान पारदर्शिता और निश्चित समय-सीमा सुनिश्चित हो। टेक्नोलॉजी-आधारित जनशिकायत निवारण से पुलिसिंग अधिक जनकेंद्रित और जवाबदेह बन रही है—यही स्मार्ट पुलिसिंग का वास्तविक अर्थ है।”

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