Monday 23rd of March 2026

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसलाः यूपी में ‘री-यूज वाटर’ का पीने के अतिरिक्त कामों में होगा इस्तेमाल

Reported by: Gyanendra Shukla  |  Edited by: Atul Verma  |  March 23rd 2026 07:27 PM  |  Updated: March 23rd 2026 07:27 PM

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसलाः यूपी में ‘री-यूज वाटर’ का पीने के अतिरिक्त कामों में होगा इस्तेमाल

लखनऊ, 23 मार्च : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए शोधित जल (ट्रीटेड वॉटर) के सुरक्षित पुनः इस्तेमाल के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी कर ली है। इस नीति का मकसद घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित कर दोबारा उपयोग में लाना है, जिससे पेयजल संसाधनों पर दबाव कम हो सके।

शोधित जल के सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा देने की सरकार ने बनाई योजना 

प्रदेश में सिंचाई, घरेलू, औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के जरिए शोधित जल के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

पहले चरण में नगर निकाय, निर्माण कार्य, बागवानी-सिंचाई में इस्तेमाल होगा ये पानी 

नीति के तहत शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले अपशिष्ट जल को ट्रीट कर पहले चरण में नगर निकाय उपयोग, निर्माण कार्य, बागवानी और सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरे चरण में उद्योग, कृषि और रेलवे जैसे क्षेत्रों में इसका विस्तार होगा। वहीं तीसरे चरण में ड्यूल पाइप सिस्टम के जरिए घरों तक गैर-पीने योग्य उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

तकनीक के जरिए जल प्रबंधन को मजबूत बनाने का सरकार का है लक्ष्य

योगी सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक और नवाचार के जरिए जल प्रबंधन को मजबूत बनाया जाए। इस पहल से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर जल निकायों में प्रदूषण भी कम होगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा खपत में भी कमी आएगी।

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