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विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दिखा हिंदुस्तानी बेटियों का दम

स्वीटी बोरा, नीतू घणघस, निख़त ज़रीन और लवलीन बोरगोहेन ने, जिन्होंने World Boxing Championship 2023 में भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाल दिए हैं, जिसके बाद हर हिंदुस्तानी को फख़्र और नाज़ कर रहा है और करे भी क्यों ना... क्योंकि ये पल ही ऐसा है कि हर कोई भावुक हो जा रहा है। सोशल मीडिया पर स्वीटी, नीतू, निख़त और लवलीन की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त तरीक़े से वायरल हो रही हैं, हर कोई अपने अंदाज़ में, अपनी भाषा में, उनको शुभकामना भेज रहा है।

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Mohd. Zuber Khan
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बॉक्सिंग में दिखा हिंदु्स्तानी बेटियों का दम

दिल्ली/लखनऊ: ये बात अब पुरानी हो चली है कि लड़कियां, लड़कों से कम नहीं हैं। या बेटियां, बेटों से कम नहीं हैं। आज की तारीख़ में सच ये है कि ना केवल लड़कियां,लड़कों से आगे हैं, बल्कि बेटियां, बेटों से किसी भी तरह पीछे नहीं रह गई हैं। इसकी ताज़ा मिसाल पेश की है स्वीटी बोरा, नीतू घणघस, निख़त ज़रीन और लवलीन बोरगोहेन ने, जिन्होंने World Boxing Championship 2023 में भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाल दिए हैं, जिसके बाद हर हिंदुस्तानी को फख़्र और नाज़ कर रहा है और करे भी क्यों ना... क्योंकि ये पल ही ऐसा है कि हर कोई भावुक हो जा रहा है। सोशल मीडिया पर स्वीटी, नीतू, निख़त और लवलीन की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त तरीक़े से वायरल हो रही हैं, हर कोई अपने अंदाज़ में, अपनी भाषा में, उनको शुभकामना भेज रहा है।

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और आइए अब आपको एक-एक कर देश की इन स्टार खिलाड़ियों और विश्व चैंपियंस के बारे में वो अनकही, अनसुनी बातें बताते हैं, जिनको हर भारतीय को लाज़िमी तौर पर जानना ही चाहिए, क्योंकि मौक़ा भी और दस्तूर भी।

तो शुरुआत स्वीटि बोरा से...

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महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वीटी बूरा ने भी स्वर्ण पदक जीता  है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। स्वीटी से पहले नीतू घणघस ने 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके बाद स्वीटी ने 75-81 किलोग्राम भारवर्ग में देश को सोना दिलाया है। हालांकि, स्वीटी के लिए विश्व चैंपियन बनना आसान नहीं था। स्वीटी का मुक़ाबला चीन की लिना वोंग के साथ था। लिना दुनिया की नामी मुक्केबाज़ हैं और उनके अनुभव से पार पाना स्वीटी के लिए आसान नहीं था। ख़ैर मुक़ाबला शुरु हुआ और स्वीटी ने पहले राउंड से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले राउंड के बाद वो 3-2 से आगे थीं। दूसरे राउंड में चीनी मुक्केबाज़ ने उन्हें काफ़ी परेशान किया और स्वीटी ज़मीन पर भी गिरीं। हालांकि, दूसरे राउंड के बाद भी वह 3-2 से आगे रहीं, लेकिन उनकी बढ़त कम हो चुकी थी। 

तीसरे राउंड में दोनों पहलवानों के बीच कांट की टक्कर हुई। इस बीच चीनी मुक्केबाज़ ने स्वीटी को किनारे में ले जाकर भी फंसाया। हालांकि, स्वीटी चतुराई के साथ चीनी मुक्केबाज़ की पहुंच से दूर रहते हुए, किनारे से बाहर आईं और फिर चीनी खिलाड़ी पर मुक्कों की बरसात कर दी। तीसरे राउंड के बाद फैसला रिव्यू के लिए गया। यहां पर भी स्वीटी के पक्ष में नतीजा आया और भारत को प्रतियोगिता में दूसरा स्वर्ण पदक मिल गया।

और अब बात नीतू घणघस की...

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हरियाणा के भिवानी ज़िले के गांव धनाना की बेटी बॉक्सर नीतू घनघस ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही महिला विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में मंगोलिया की मुक्केबाज़ को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। प्रदेश के मुक्केबाज़ी जगत के इतिहास में अब तक विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में किसी भी मुक्केबाज़ ने स्वर्ण पदक नहीं जीता था, जो इतिहास बदलने का काम नीतू ने किया है। नीतू ने महिला विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में चैंपियन बनने का ख़िताब अपने नाम किया है। रिंग में नीतू लगातार पंच बरसा रही थी और गांव धनाना में उनके परिजन, खेल प्रेमी खुशी से झूम रहे थे। नीतू के पदक जीतने पर परिजनों ने लड्डू बांट और आतिशबाज़ी कर ख़ुशी ज़ाहिर की।

और अब बात निख़त ज़रीन की...

भारत की स्टार बॉक्सर निख़त ज़रीन ने दिल्ली में चल रही विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 50 किलो वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। रविवार को हुए मुक़बले में उन्होंने वियतनाम की थी ताम एनगुन को 5-0 से हरा दिया। निख़त पिछले कुछ समय से ज़बरदस्त प्रदर्शन कर रही हैं। निख़त ज़रीन अब भारतीय महिला बॉक्सिंग की पोस्टर गर्ल बन गई हैं। बीते महीने घोषित हुए बीबीसी के 'इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर' पुरस्कार की एक दावेदार निख़त ज़रीन भी थीं। निख़त ज़रीन का मुख्य सपना ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। वह जिस तरह से सफलताएं हासिल कर रहीं हैं, उससे लगता है कि अगले साल होने वाले पेरिस ओलंपिक में उनका यह सपना भी साकार हो सकता है।

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और आख़िर में बात लवलीन बोरगोहेन की...

भारत की अनुभवी मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन ने महिला विश्व चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। उन्होंने 70-75 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वह पहली बार विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने में सफल रही हैं। लवलीना ने ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन पार्कर को जजों की समीक्षा में 4-3 से पराजित किया। वह विश्व चैंपियनशिप में इससे पहले 2018 और 2019 में कांस्य पदक जीती थीं।

इस ऐतिहासिक मौक़े पर खेल जगत से जुड़े तमाम प्रतिभागियों को मोटिवेशन भी मिला है और आने वाले कल में यही बूस्टर डोज़ देश के लिए और पदक जीतने का काम करेगा।

-PTC NEWS

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