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लखीमपुर खीरी हिंसा: मुख्य आरोप‍ी आशीष मिश्रा के ख़िलाफ़ आरोप तय

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में, लखीमपुर खीरी ज़िले में 3 अक्टूबर 2021 को नए कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान सड़क पर उतर आए थे। इल्ज़ाम है कि केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी, जिसके बाद हिंसा हुई थी। इस हिंसा में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

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Mohd. Zuber Khan
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लखीमपुर खीरी हिंसा: मुख्य आरोप‍ी आशीष मिश्रा दोषी क़रार

लखनऊ/लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी के बहुतचर्चित तिकुनिया हिंसा मामले में अदालत ने 14 आरोपियों के ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए हैं। इन तमाम आरोपियों को हत्या, हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के बेटे आशीष मिश्रा इस हिंसा मामले में मुख्य आरोपी हैं। आपको बता दें कि इस हिंसा में चार किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी।

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गौरतलब है कि एक दिन पहले यानि 5 दिसंबर को आशीष मिश्रा के अलावा 13 अन्य आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लिकेशन, कोर्ट में खारिज कर दी गई थी। इन आरोपियों ने कोर्ट में याचिका के ज़रिए अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि हम घटना में शामिल नहीं थे, इसलिए हम पूरी तरह निर्दोष हैं, लेकिन कोर्ट ने आरोपियों की याचिका को खारिज कर दिया है।   

जानकारी के मुताबिक़ एडीजे फर्स्ट सुशील श्रीवास्तव की कोर्ट में धारा 147, 148, 149, 326, 30, 302, 120 B, 427 और धारा 177 में आरोप तय किए गए हैं। आरोपी सुमित जायसवाल के ख़िलाफ़ धारा 3/25, आशीष मिश्र, अंकितदास, लतीफ व सत्यम पर धारा 30, नन्दन सिंह विष्ट पर धारा 5/27 का भी आरोप तय हुआ है।

लखीमपुर खीरी हिंसा का मामला है क्या? 

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दरअसल उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में, लखीमपुर खीरी ज़िले में 3 अक्टूबर 2021 को नए कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान सड़क पर उतर आए थे। इल्ज़ाम है कि केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी, जिसके बाद हिंसा हुई थी। इस हिंसा में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।  

हालांकि, यूपी चुनाव के बाद आशीष मिश्रा ज़मानत पर जेल से बाहर आ गया था। ज़मानत पर आशीष मिश्रा की रिहाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने ज़मानत रद्द करते हुए ये केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में नए सिरे से विचार के लिए भेज दिया था। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत याचिका रद्द कर दी थी। ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद आशीष मिश्रा मोनू ने ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।

कुल-मिलाकर लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाक़े में हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर किसानों की हत्या के मामले में केस चलेगा। 16 दिसंबर से इस मामले का ट्रायल शुरू होगा।

-PTC NEWS
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